Good News: अब सातों दिन खुल सकेंगी बाजारों की दुकानें, बस दुकानदार को करना होगा यह
ऑलाइन कारोबार चौबीस घंटे व सातों दिन चालू रहता हे। ऐसे में खुदरा दुकानदार आदि ऑनलाइन कारोबारी की प्रतिस्पर्धा में काफी मदद मिलेगी। वहीं व्यापारी नेताओं का मानें तो श्रम प्रवर्तन विभाग की ओर से होने वाली परेशानियों से भी काफी राहत मिलेगी।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बाजारों के दुकानदारों पर अब साप्ताहिक बंदी लागू नहीं होगी। उत्तर प्रदेश दुकान एवं वाणिज्य अधिष्ठान अधिनियम 1962 में कतिपय संशोधन किए गए हैं। जिसमें कुछ शर्तों के साथ कुछ अधिक शुल्क जमा करने पर साप्ताहिक बंदी में दुकान खोले जाने पर किसी प्रकार का जुर्माना आदि की कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। इससे बाजारों के दुकानदारों को बड़ी राहत मिलेगी।
ऑलाइन कारोबार चौबीस घंटे व सातों दिन चालू रहता हे। ऐसे में खुदरा दुकानदार आदि ऑनलाइन कारोबारी की प्रतिस्पर्धा में काफी मदद मिलेगी। वहीं व्यापारी नेताओं का मानें तो श्रम प्रवर्तन विभाग की ओर से होने वाली परेशानियों से भी काफी राहत मिलेगी। जानकारी के अनुसार दुकानदारों को निवेश मित्र पोर्टल पर अपने अधिष्ठान की स्थिति के हिसाब से ऑप्शन चयन कर पंजीयन करना होगा।
पंजीयन के बाद निर्धारित धनराशि जमा करने के बाद उन्हें मिलने वाले प्रमाण पत्र के आधार पर साप्ताहिक बंदी के दिन भी अधिष्ठान खोले जा सकेंगे। यहां अच्छी बात ये है कि नए नियमों के अनुसार दुकानदारों को पंजीयन के बाद एकमुश्त शुल्क जमा करना होगा। पंजीयन के बार बार नवीनीकरण की आवश्यकता अब नहीं होगी।
कुछ इस तरह से निर्धारित की दुकान व वाणिज्य अधिष्ठान के शुल्क की दरें
- 1 से 5 कर्मचारी नियोजन पर 2250 रुपए व 4500 रुपए
- 6 से 10 कर्मचारी नियोजन पर 4500 रुपए व 6000 रुपए
- 11 से 25 कर्मचारी नियोजन पर 7500 रुपए व 15000 रुपए
- 25 कर्मचारियों से अधिक पर 15000 रुपए व 30000 रुपए
नियमावली में हुए संशोधन के बाद दुकानदार ही नहीं बल्कि ग्राहक को भी बड़ा फायदा मिला है। अब दुकानदार पूरी तरह से दुकान खोलने के लिए आजाद है। श्रम विभाग की ओर से होने वाली परेशानी भी नहीं होगी। वहीं ग्राहक किसी भी दिन बाजार में आकर माल खरीद कर सकते हैं। उन्हें सोचने की जरुरत नहीं है कि आज साप्ताहिक बंदी है दुकान बंद रहेगी। सरकार ने हमारी मांगे मान कर बड़ी राहत दी है। -अनुभव अग्रवाल, व्यापारी नेता
लगातार मांग के बाद सरकार ने इस नियम को लागू किया है। अब निर्धारित शुल्क का १.५ गुना शुल्क जमा कर साप्ताहिक बंदी से रहात मिलेगी। सही शब्दों में समझें तो अगर वन टाइम फीस २२०० रुपए है तो ३३०० रुपए जाम कर साप्ताहिक बंदी से राहत मिलेगी। इस नियम में बदलाव के बाद दुकानदार ऑनलाइन कारोबार से प्रतिस्पर्धा करने के लिए और अधिक मजबूत होगा। -मनोज अग्रवाल, व्यापारी नेता
नियमों में संशोधन से दुकानदारों को बड़ी राहत दी गई है, अब किसी भी दुकानदार को पंजीयन के लिए कार्यालय आने की आवयकता नहीं है। दुकानदार या वाणिज्य अधिष्ठान मालिक सीधे निमेश मित्र पोर्टल पर जाकर पंजीयन कर सकता है। अब साप्ताहिक बंदी को लेकर भी राहत दी गई है। वन टाइम टैक्स आदि के नियम भी बड़ी राहत देने वाले हैं। -मोहम्मद आजम, श्रम प्रवर्तन अधिकारी, हाथरस