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विरासत के मामलों को लेकर एसडीएम हुए नाराज, लेखपाल और राजस्व निरीक्षकों को दी हिदायत
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
विरासत संबंधी कार्यों के लिए तहसील के चक्कर काट रहे किसानों की समस्या पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सादाबाद, सहपऊ, बिसावर, गुतहरा और मई के राजस्व निरीक्षकों को हिदायत दी है कि 30 नवंबर के बाद निरीक्षण के दौरान गांवों में विरासत का कोई भी मामला लंबित मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर राजस्व परिषद द्वारा विरासत की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस, कृषकों को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है, लेकिन इस पोर्टल की जानकारी नहीं होने के कारण किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। आए-दिन तहसील पर विरासत संबंधी कार्य के लिए किसानों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जोकि उचित नहीं है।
एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी राजस्व निरीक्षक अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त गांवों में संबंधित लेखपालों के माध्यम से विरासत के लिए विकसित ऑनलाइन पोर्टल एचटीटीपी//वाद डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। माह नवंबर में समस्त गांवों में एक विशेष अभियान चलाकर उत्तराधिकार के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
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30 नवंबर को समस्त गांवों के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक अविवादित विरासत पूर्ण होने विषयक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे। 30 नवंबर के बाद राजस्व ग्रामों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई प्रकरण अवशेष पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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विरासत संबंधी कार्यों के लिए तहसील के चक्कर काट रहे किसानों की समस्या पर एसडीएम ने नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने सादाबाद, सहपऊ, बिसावर, गुतहरा और मई के राजस्व निरीक्षकों को हिदायत दी है कि 30 नवंबर के बाद निरीक्षण के दौरान गांवों में विरासत का कोई भी मामला लंबित मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि शासन के निर्देश पर राजस्व परिषद द्वारा विरासत की प्रक्रिया के लिए ऑनलाइन पोर्टल विकसित किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य आम जनमानस, कृषकों को अनावश्यक रूप से तहसील के चक्कर काटने से मुक्ति दिलाना है, लेकिन इस पोर्टल की जानकारी नहीं होने के कारण किसान इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं। आए-दिन तहसील पर विरासत संबंधी कार्य के लिए किसानों को चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जोकि उचित नहीं है।
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एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि सभी राजस्व निरीक्षक अपने क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले समस्त गांवों में संबंधित लेखपालों के माध्यम से विरासत के लिए विकसित ऑनलाइन पोर्टल एचटीटीपी//वाद डॉट यूपी डॉट एनआईसी डॉट इन का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। माह नवंबर में समस्त गांवों में एक विशेष अभियान चलाकर उत्तराधिकार के प्रकरणों का शत-प्रतिशत निस्तारण कराना सुनिश्चित करें।
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30 नवंबर को समस्त गांवों के लेखपाल और राजस्व निरीक्षक अविवादित विरासत पूर्ण होने विषयक प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे। 30 नवंबर के बाद राजस्व ग्रामों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। इस दौरान यदि निर्विवाद उत्तराधिकार का कोई प्रकरण अवशेष पाया जाता है तो संबंधित लेखपाल और राजस्व निरीक्षक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।