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संदिग्ध डिग्रीधारियों के प्रमाण पत्रों की नए सिरे से जांच
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Thu, 04 Jan 2018 12:06 AM IST
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बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षकों के कूटरचित शैक्षिक प्रमाण पत्रों के मामले में एक बार फिर बारीकी से छानबीन शुरू की गई है, जिससे कोई भी फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र वाला शिक्षक विभागीय कार्रवाई से बच नहीं सके। इसके लिए जांच दल ने बुधवार को फिर शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की कई प्रकार से जांच-पड़ताल शुरू की है।
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शासन के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा सत्र 2004-05 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल करने वालों की जांच की जा रही है। जांच में अब तक विभाग के सामने संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्र वाले 83 शिक्षक तो आ चुके हैं। इन सभी से विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगर इनमें से कोई शिक्षक सही है और उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र में विश्वविद्यालय स्तर से कोई ओवरराइटिंग की गई है, उसे स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जा सके। किसी निर्दोष शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सके।
अब विभाग की जांच टीम ने एक बार फिर नए सिरे से शिक्षा सत्र 2004-05 के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी है, जिससे इस जांच में कोई फर्जी शिक्षक बच नहीं सके और निर्दोष शिक्षकों को इस कार्रवाई से बचाया जा सके। विभाग को उम्मीद है कि अभी इस जांच में भी कुछ और शिक्षकों के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र सामने आ सकते हैं। दोबारा जांच शुरू होने से संदिग्ध प्रमाण पत्रधारियों में खलबली मच गई है।
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शासन के निर्देश के बाद बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षा सत्र 2004-05 में डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से बीएड की डिग्री हासिल करने वालों की जांच की जा रही है। जांच में अब तक विभाग के सामने संदिग्ध शैक्षिक प्रमाण पत्र वाले 83 शिक्षक तो आ चुके हैं। इन सभी से विभाग ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अगर इनमें से कोई शिक्षक सही है और उसके शैक्षिक प्रमाण पत्र में विश्वविद्यालय स्तर से कोई ओवरराइटिंग की गई है, उसे स्थिति स्पष्ट करने का मौका दिया जा सके। किसी निर्दोष शिक्षक के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सके।
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अब विभाग की जांच टीम ने एक बार फिर नए सिरे से शिक्षा सत्र 2004-05 के शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच शुरू कर दी है, जिससे इस जांच में कोई फर्जी शिक्षक बच नहीं सके और निर्दोष शिक्षकों को इस कार्रवाई से बचाया जा सके। विभाग को उम्मीद है कि अभी इस जांच में भी कुछ और शिक्षकों के फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र सामने आ सकते हैं। दोबारा जांच शुरू होने से संदिग्ध प्रमाण पत्रधारियों में खलबली मच गई है।
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