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स्कूल में तीन छात्राओं की हालत बिगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो सादाबाद (हाथरस)।
Updated Tue, 22 Aug 2017 11:47 PM IST
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छात्राअाेें पर हवा करती टीचर
- फोटो : Amar Ujala
भीषण गर्मी और अघोषित विद्युत कटौती से अब बच्चों की भी हालत खराब होने लगी है। मंगलवार को कस्बे के ब्लाक संसाधन केंद्र स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में तीन छात्राएं गश खाकर गिर पड़ीं। इनको उल्टिंया होने लगीं। इससे शिक्षक भी घबरा गए। शिक्षकों ने इन छात्राओं को पानी, दवा आदि दी। इसके बाद इनकी हालत में कुछ सुधार हुआ।
नगर के ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआसी) पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित हैं। मंगलवार को भीषण उमस भरी गर्मी पड़ रही थी, सुबह से बिजली भी गुल थी। इस वजह से स्कूल के क्लास रूम में पंखे भी नहीं चल सके। इस वजह से दोनों स्कूलों के बच्चे पसीने से तरबतर थे। इन बच्चों ने अपनी किताब कॉपियों से हवा करके अपने आप को राहत देने की कोशिश की। इस परेशानी के बीच उच्च प्राथमिक विद्यालय की कक्षा आठ की तीन छात्राओं मोहिनी, सपना और मनोरमा की हालत खराब हो गई। इनको चक्कर आने लगा।
थोड़ी देर बाद उल्टियां हो गईं। शिक्षकों ने छात्राओं की खराब हालत को देखा तो उन्हें पानी पिलाया और जरूरी दवाएं भी दीं। इसके बाद ही इन छात्राओं की हालत सुधर सकी। इनमें से एक छात्रा स्कूल से घर चली गई। इसके बाद शिक्षकों ने बच्चों को पेड़ की छांव में बैठाया। शिक्षक पं. योगेश शास्त्री ने बताया कि भीषण गर्मी और बिजली कटौती की वजह से छात्र छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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नगर के ब्लाक संसाधन केंद्र (बीआसी) पर प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालय स्थित हैं। मंगलवार को भीषण उमस भरी गर्मी पड़ रही थी, सुबह से बिजली भी गुल थी। इस वजह से स्कूल के क्लास रूम में पंखे भी नहीं चल सके। इस वजह से दोनों स्कूलों के बच्चे पसीने से तरबतर थे। इन बच्चों ने अपनी किताब कॉपियों से हवा करके अपने आप को राहत देने की कोशिश की। इस परेशानी के बीच उच्च प्राथमिक विद्यालय की कक्षा आठ की तीन छात्राओं मोहिनी, सपना और मनोरमा की हालत खराब हो गई। इनको चक्कर आने लगा।
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थोड़ी देर बाद उल्टियां हो गईं। शिक्षकों ने छात्राओं की खराब हालत को देखा तो उन्हें पानी पिलाया और जरूरी दवाएं भी दीं। इसके बाद ही इन छात्राओं की हालत सुधर सकी। इनमें से एक छात्रा स्कूल से घर चली गई। इसके बाद शिक्षकों ने बच्चों को पेड़ की छांव में बैठाया। शिक्षक पं. योगेश शास्त्री ने बताया कि भीषण गर्मी और बिजली कटौती की वजह से छात्र छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
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