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नगर पंचायत घोटाला: डीएम ने विजिलेंस को भेजी जांच रिपोर्ट, मामले में अब एफआईआर दर्ज होने की संभावना
Sat, 13 Jun 2026 03:30 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 13 Jun 2026 03:30 PM IST
सार
डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय संयुक्त कमेटी (जिसमें एसडीएम सासनी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व एक्सईएन जल निगम शामिल थे) ने अपनी जांच में पाया था कि मेसर्स दुबे एंटरप्राइजेस द्वारा जमा की गई एफडीआर पूरी तरह फर्जी थी, जिसकी पुष्टि एसबीआई अलीगढ़ ने लिखित में की थी।
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सासनी नगर पंचायत
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हाथरस की नगर पंचायत सासनी में सीवरेज एवं जल निकासी योजना में हुए लाखों रुपये के वित्तीय घोटाले में जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से बड़ी कार्रवाई करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट पुलिस महानिदेशक/उपाधीक्षक, भ्रष्टाचार निवारण संगठन (विजिलेंस), लखनऊ को भेज दी गई है। विजिलेंस को रिपोर्ट मिलने के बाद अब दोषियों के खिलाफ जल्द ही एफआईआर दर्ज होने की संभावना बढ़ गई है।
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राज्य दिव्यांग सलाहकार बोर्ड के सदस्य व शिकायतकर्ता सागर शर्मा ने 10 अप्रैल 2026 को आईजीआरएस के माध्यम से इस घोटाले की शिकायत की थी। इस पर संज्ञान लेते हुए भ्रष्टाचार निवारण संगठन (विजिलेंस), लखनऊ ने बीती 30 अप्रैल 2026 को ही डीएम हाथरस को पत्र जारी कर विधिक कार्रवाई और भ्रष्टाचार के तत्वों की छानबीन कर रिपोर्ट मांगी थी।
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इस क्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त/राजस्व) द्वारा 4 जून 2026 को विजिलेंस को आधिकारिक पत्र भेजकर अब तक हुई पूरी कार्रवाई और जांच आख्या से अवगत करा दिया गया है। बता दें कि डीएम द्वारा गठित तीन सदस्यीय संयुक्त कमेटी (जिसमें एसडीएम सासनी, वरिष्ठ कोषाधिकारी व एक्सईएन जल निगम शामिल थे) ने अपनी जांच में पाया था कि मेसर्स दुबे एंटरप्राइजेस द्वारा जमा की गई एफडीआर पूरी तरह फर्जी थी, जिसकी पुष्टि एसबीआई अलीगढ़ ने लिखित में की थी।
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इसके अलावा, कागजों पर 130 मीटर खुदाई दिखाकर 230 मीटर तक का फर्जी भुगतान उठाने और फर्म को नाजायज फायदा पहुंचाने में तत्कालीन ईओ, जेई और लिपिक को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया है। स्थानीय निकाय निदेशालय, लखनऊ को यह रिपोर्ट पहले ही भेजी जा चुकी है।
जेई के ट्रांसफर की भी सूचना भेजी
जांच रिपोर्ट के साथ ही एडीएम ने प्रकरण के मुख्य आरोपी जेई के स्थानांतरण की सूचना भी विजिलेंस को दी है। जेई की तैनाती नगर पालिका हाथरस में थी और जिले में एक ही जेई होने के कारण वे अन्य निकायों का भी कार्य देख रहे थे। उनका स्थानांतरण चंदौली हो गया है।