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Hathras News: बंदर की घुड़की से डरकर सीढ़ियों से गिरे वाराणसी के संत, मौत, काशी ले जाया गया शव
Sun, 22 Sep 2024 08:51 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 22 Sep 2024 08:51 PM IST
सार
स्वामी अरुण आश्रम जी महाराज मूल रूप से औरैया के दिबियापुर के निवासी थे। वह वाराणसी के मठ के संत थे। अक्सर मंदिर पर घूमने आते थे। यहां आने के बाद फिर बिहारी जी के दर्शन के लिए जाते थे।
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बंदर
- फोटो : प्रतीकात्मक
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विस्तार
हाथरस शहर की साकेत कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में आए वाराणसी के मठ के संत की बंदर की घुड़की के चलते सीढ़ियों से पैर फिसलने से मौत हो गई। क्षेत्रीय लोग संत को जल समाधि देने के लिए शव को काशी ले गए। घटना से इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
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साकेत कॉलोनी स्थित राधाकृष्ण मंदिर में वाराणसी मठ के संत दंडी स्वामी अरुण आश्रम जी महाराज पिछले दिनों घूमने आए थे। वह मंदिर परिसर स्थित छत के कमरे में रह रहे थे। रोजाना की भांति अरुण आश्रम जी महाराज सुबह पांच बजे स्नान के लिए नीचे मंदिर परिसर में आए। स्नान व पूजा करके वह सीढि़यों से अपने कमरे में जा रहे थे। सुबह करीब 6.45 बजे सीढि़यों पर चढ़ते समय एकाएक बंदरों की टोली आ गई और बंदरों ने घुड़की देना शुरू कर दिया। बंदर की घुड़की से डरकर स्वामी अरुण का पैर फिसल गया और वह सीढि़यों से गिर गए।
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जैसे ही वह सीढि़यों से गिरे तो आनन-फानन क्षेत्रीय लोग व मंदिर संचालक उन्हें उपचार के लिए बागला जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सिर में चोट लगने की वजह से उनकी मौत हुई। मंदिर संचालक पं. नागेंद्र कुमार मिश्रा ने बताया कि स्वामी अरुण आश्रम जी महाराज मूल रूप से औरैया के दिबियापुर के निवासी थे। वह वाराणसी के मठ के संत थे। अक्सर मंदिर पर घूमने आते थे। यहां आने के बाद फिर बिहारी जी के दर्शन के लिए जाते थे।
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