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Hathras News: आगरा के फाउंड्रीनगर तक जा रहीं रोडवेज बसें, 3200 मुसाफिर रोजाना हो रहे परेशान
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
आगरा शहर में रोडवेज बसों के प्रवेश पर लगी रोक का असर अब यात्रियों की जेब के साथ-साथ परिवहन निगम की आय पर भी पड़ रहा है। तीन माह से हाथरस डिपो की आगरा जाने वाली बसों का संचालन शहर के बजाय फाउंड्रीनगर स्थित सेटेलाइट बस स्टेशन तक ही किया जा रहा है। मुसाफिरों को आगरा शहर के अंदर जाने के लिए 20 से 30 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। रोडवेज को प्रतिदिन करीब 40 हजार रुपये का नुकसान हो रहा है।
हाथरस डिपो से रोजाना 80 बसें आगरा के लिए संचालित होती हैं। प्रत्येक बस में औसतन 40 यात्री होते हैं। इस तरह से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 3200 तक पहुंचती है। पहले ये बसें आगरा शहर के प्रमुख स्थानों तक पहुंचती थीं, लेकिन अब फाउंड्रीनगर में ही यात्रियों को उतार दिया जाता है।
फाउंड्रीनगर से शहर या आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए यात्रियों को टेंपो, ई-रिक्शा अथवा अन्य सार्वजनिक वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों को पहले रामबाग और वहां से भगवान टॉकीज़ या आईएसबीटी जाने के लिए दूसरे वाहन का सहारा लेना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि बसों का पूर्व की तरह आगरा शहर तक संचालन शुरू होना चाहिए।
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पहले रोडवेज बस से सीधे आगरा शहर पहुंच जाते थे, लेकिन अब फाउंड्रीनगर में उतरना पड़ता है। वहां से आईएसबीटी या भगवान टॉकीज जाने के लिए 20-30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं।
-देवेश अग्रवाल, यात्री।
फाउंड्रीनगर से आगरा शहर के अंदर जाने में परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ ज्यादा सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को ज्यादा खर्च करना पड़ता है।
-सलमान, यात्री।
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हाथरस डिपो से रोजाना 80 बसें आगरा के लिए संचालित होती हैं। प्रत्येक बस में औसतन 40 यात्री होते हैं। इस तरह से रोजाना सफर करने वाले यात्रियों की संख्या 3200 तक पहुंचती है। पहले ये बसें आगरा शहर के प्रमुख स्थानों तक पहुंचती थीं, लेकिन अब फाउंड्रीनगर में ही यात्रियों को उतार दिया जाता है।
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फाउंड्रीनगर से शहर या आईएसबीटी तक पहुंचने के लिए यात्रियों को टेंपो, ई-रिक्शा अथवा अन्य सार्वजनिक वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा है। यात्रियों को पहले रामबाग और वहां से भगवान टॉकीज़ या आईएसबीटी जाने के लिए दूसरे वाहन का सहारा लेना पड़ता है। यात्रियों का कहना है कि बसों का पूर्व की तरह आगरा शहर तक संचालन शुरू होना चाहिए।
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पहले रोडवेज बस से सीधे आगरा शहर पहुंच जाते थे, लेकिन अब फाउंड्रीनगर में उतरना पड़ता है। वहां से आईएसबीटी या भगवान टॉकीज जाने के लिए 20-30 रुपये अतिरिक्त देने पड़ते हैं।
-देवेश अग्रवाल, यात्री।
फाउंड्रीनगर से आगरा शहर के अंदर जाने में परेशानी होती है। महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के साथ ज्यादा सामान लेकर चलने वाले यात्रियों को ज्यादा खर्च करना पड़ता है।
-सलमान, यात्री।