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GST: नमकीन पर जीएसटी कम होने से राहत, पुराने कर भुगतान की शर्त ने बढ़ाई चिंता

Fri, 13 Sep 2024 03:30 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 13 Sep 2024 03:30 AM IST
सार

वर्ष 2022 में तले हुए उत्पादों को नमकीन से अलग विशेष उत्पाद बताकर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया था। नमकीन की जीएसटी दर 12 फीसदी ही थी।

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Relief from reduction in GST on snacks
नमकीन - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

हाथरस जिले में नमकीन पर जीएसटी की दर को 18 फीसदी से घटाकर 12 फीसदी कर दिया गया है। इससे दो साल से जीएसटी कम करने की लड़ाई लड़ रहे कारोबारियों को राहत मिली है, लेकिन पूर्व में किए गए कारोबार पर कर के अंतर को ब्याज और जुर्माना सहित देने के निर्णय ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।

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कारोबारियों का कहना है कि उन्होंने पूर्व में 12 फीसदी की दर से खरीदारों से कर लिया था, अब उसके और पूर्व ब्याज दर 18 फीसदी के अंतर यानी छह फीसदी कर को ब्याज और जुर्माने के साथ जमा करने का निर्णय गलत है। इससे उनकी परेशानी बढ़ेगी। उन्होंने पार्टी से कम दर पर कर लिया था, ऐसे में यह निर्णय आधा-अधूरा है। दो साल बाद भी नमकीन पर जीएसटी की दर का विवाद पूरी तरह से सुलझ नहीं पाया है।
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वर्ष 2022 में तले हुए उत्पादों को नमकीन से अलग विशेष उत्पाद बताकर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया था। नमकीन की जीएसटी दर 12 फीसदी ही थी। कारोबारियों ने कहा कि यह भी नमकीन ही है, इसकी अलग से जीएसटी दर नहीं होनी चाहिए। इस मांग को मान लिए जाने से अब स्थिति साफ हो गई है, भविष्य में किए जाने वाले व्यापार में राहत मिलेगी। पुराना माल बेचे जाने के दौरान उन्होंने 12 फीसदी कर थोक विक्रेता से वसूला है। ऐसे में अब वह 18 फीसदी की दर से कर का भुगतान कैसे करेंगे, इसे माफ किया जाना चाहिए था।

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नमकीन बनाने की 20 इकाइयां, 12 और लगाने की चल रही तैयारी

इन्वेस्टर्स समिट में हाथरस में 136 औद्योगिक इकाइयां लगाने के समझौता पत्र पर हस्ताक्षर हुए थे। इनमें 12 नमकीन इकाई लगनी थीं और इनकी स्थापना का कार्य चल रहा है। पहले से नमकीन बनाने की करीब 20 छोटी-बड़ी इकाइयां चल रही हैं। इनका टर्न ओवर करीब 220 करोड़ रुपये से अधिक का है।

सरकार ने अपनी गलती को सुधारने का काम किया है। दो साल पहले अनावश्यक रूप से इस उत्पाद पर 18 फीसदी जीएसटी लगाया गया था। अब निर्णय वापस लिया भी है तो इस शर्त पर कि पुराने कारोबार पर कर के अंतर का भुगतान कारोबारी को ब्याज व जुर्माने के साथ करना होगा, जो सही नहीं है। इसके खिलाफ कोर्ट की शरण लेनी पड़ेगी।-पुनीत अग्रवाल, नमकीन के कारोबारी।
सरकार की ओर से नमकीन के व्यापार में अब स्थिति को साफ कर दिया गया है। अब नमकीन कारोबार में फ्राइंगस (तले हुए उत्पाद) के प्रयोग में दिक्कत नहीं आएगी। नमकीन कारोबारियों को इससे अवश्य लाभ होगा। हमारे संगठन की ओर से लगातार इस ओर प्रयास किया जा रहा था, लगातार अधिकारियों से बात की जा रही थी।-अनुभव अग्रवाल, जिलाध्यक्ष, व्यापार मंडल, हाथरस।
अभी जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई है। इसे लेकर अभी तक कोई अधिसूचना जारी नहीं हुई है। ऐसे में यह कह पाना कि किस एचएसएन कोड में संशोधन किया गया है, मुश्किल है। कर का अंतर, ब्याज व जुर्माना लिया जाएगा अथवा नहीं, यह भी तब तक नहीं बताया जा सकता, जब तक अधिसूचना जारी न हो।-आरके सिंह, उपायुक्त खंड एक, राज्य कर विभाग, हाथरस।

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