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कर चोरी: हाथरस जिले में 260 बड़े मिठाई विक्रेता, पंजीकरण सिर्फ 18 का ही

Tue, 18 Feb 2025 05:09 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 18 Feb 2025 05:09 PM IST
सार

हाथरस में करीब 260 बड़े मिठाई विक्रेताओं में से महज 18 ही जीएसटी में पंजीकृत हैं। करीब 900 छोटे-बड़े मिठाई विक्रेता हैं। इसमें वनस्पति और देसी घी की मिठाई बनाने वाले निर्माता शामिल हैं। 260 से अधिक मिठाई कारोबारी ऐसे हैं, जिनका टर्नओवर 40 लाख रुपये सालाना से ज्यादा होने का अनुमान है। बावजूद इसके उनके द्वारा जीएसटी पंजीयन नहीं लिए जाते।
 

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Registration of only 18 out of 260 big sweet sellers in Hathras district
मिठाई की दुकान - फोटो : संवाद

विस्तार

कर चोरी रोकने के लिए राज्य कर विभाग पूरा दम लगा रहा है, फिर भी हाथरस जिले में मिठाई विक्रेताओं के यहां बड़े पैमाने पर कर चोरी का खेल चल रहा है। हालात यह हैं कि जिले में करीब 260 बड़े मिठाई विक्रेताओं में से महज 18 ही जीएसटी में पंजीकृत हैं।

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जिले में करीब 900 छोटे-बड़े मिठाई विक्रेता हैं। इसमें वनस्पति और देसी घी की मिठाई बनाने वाले निर्माता शामिल हैं। 260 से अधिक मिठाई कारोबारी ऐसे हैं, जिनका टर्नओवर 40 लाख रुपये सालाना से ज्यादा होने का अनुमान है। बावजूद इसके उनके द्वारा जीएसटी पंजीयन नहीं लिए जाते।
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जानकार बताते हैं कि मिठाई कारोबार में नकद लेन देन होने के कारण टर्नओवर को उजागर नहीं किया जा पाता। राज्य जीएसटी के तहत विशेष अनुसंधान शाखा की ओर से जिले में आज तक इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
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मिठाई कारोबार में हर रोज लाखों रुपये का टर्नओवर होता है। इसको यूपीआई स्कैनर के जरिये स्पष्ट किया जा सकता है, लेकिन मिठाई कारोबारियों के यहां टर्नओवर छिपाने के लिए परिवार के लोगों और दुकान के कर्मचारियों के यूपीआई स्कैनर बनाए हुए हैं। इनके माध्यम से चरणबद्ध तरीके से भुगतान लिया जाता है और टर्नओवर को छुपा लिया जाता है, लेकिन राज्य जीएसटी की विशेष अनुसंधान शाखा की ओर से इस पहलू पर कभी काम नहीं किया गया।

पंजीयन बढ़ाए जाने का अभियान खंड से चलता है। अगर पंजीयन होने योग्य हैं तो खंड अधिकारी उनका पंजीयन कराएं। खंड वालों को ही देखना होगा कि अगर व्यापारी कुछ ज्यादा कारोबार कर रहे हैं और इसे दिखा नहीं रहे तो वह हमें लिखेंगे। हम कार्रवाई करेंगे।-अनिल कुमार कनौजिया, संयुक्त आयुक्त, विशेष अनुसंधान शाखा, मथुरा।

मिठाई पर पांच व नमकीन पर 12 फीसदी जीएसटी

सामान्य तौर पर मिठाई पर पांच फीसदी जीएसटी लागू है। इस तरह हर रोज एक लाख रुपये का माल बेचने वाला दुकानदार पांच हजार रुपये की कर चोरी कर रहा है। वहीं अगर मिठाई विक्रेता नमकीन भी बना रहा है तो इस पर 12 फीसदी की दर से जीएसटी लागू होता है।

हजारों की मिठाई पर भी नहीं देते बिल
सामान्य रूप से दो किलो मिठाई खरीद करते ही एक हजार रुपये ग्राहक को देने होते हैं, लेकिन इसका भी पक्का बिल दुकानदारों द्वारा नहीं दिया जाता। हालात यह हैं कि मिठाई विक्रेता किसी भी प्रकार की खरीद पर बिल मांगे जाने पर भी नहीं देते। इसकी मुख्य वजह इनकी फर्माें का जीएसटी में पंजीकृत न होना है।

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