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अभिलेखीय अनियमितता बरतने पर रजिस्टार कानूनगो बर्खास्त
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अभिलेखीय अनियमितता बरतने पर रजिस्ट्रार कानूनगो बर्खास्त
डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की बड़ी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अभिलेखीय अनियमितता बरते जाने और पद का दुरुपयोग किए जाने के मामले में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने रजिस्ट्रार कानूनगो सत्यवीर सिंह को बर्खास्त कर दिया है। डीएम ने यह कार्रवाई कई अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर की है।
रजिस्ट्रार कानूनगो पर लगे आरोपों के विरुद्ध विभागीय जांच तहसीलदार हाथरस और सिकंदराराऊ द्वारा की जा रही थी। इस जांच रिपोर्ट और अभिलेखों का डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने परीक्षण किया। रिपोर्ट में पता चला कि रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा भू अभिलेखों में छेड़छाड़ करने, फर्जी प्रविष्टि और षडयंत्र कारित करने, महत्वपूर्ण पत्रावलियों को गायब करने और पदेन दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है। इन आरोपों को लेकर उक्त कर्मचारी से बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, लेकिन कर्मचारी द्वारा आरोपों के खंडन संबंधी कोई भी साक्ष्य विभाग को उपलब्ध नहीं कराए गए।
यहां तक कर्मचारी द्वारा माफी का अनुरोध भी किया गया, जिससे कि गलती होना स्वीकारा गया। जांच अधिकारी द्वारा दी गई जांच आख्या एवं साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा सरकारी अभिलेखों में खुर्दबुर्द, हेरा फेरी करने एवं निजी स्वार्थपूर्ति के उद्देश्य से पूर्व ग्रसित दूषित मंशा के पद का दुरुपयोग किया गया है। कर्मचारी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध होने की पुष्टि हुई है। सभी पांचों गंभीर आरोप सिद्ध होने, अपने पद के दुरुपयोग किए जाने, अभिलेखीय अनियमितता बरते जाने की पुष्टि होने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने रजिस्ट्रार कानूनगों सत्यवीर सिंह को बर्खास्त कर दिया है।
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इस मामले में की गई कार्रवाई
हाथरस। तहसील सादाबाद के अभिलेखों में तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर वर्ष 2013 में हेरफेर करके नगर पंचायत सहपऊ के नॉन जेड की जमीन के फर्जी पट्टे कर दिए थे। इस मामले की जांच होने पर तत्कालीन तहसीलदार, आरआई, क्षेत्रीय लेखपाल ( रिटायर होने के बाद ) एवं जिनके नाम पट्टे किए गए थे, उन सभी को जेल भेजा गया था।
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डीएम ने जांच रिपोर्ट के आधार पर की बड़ी कार्रवाई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। अभिलेखीय अनियमितता बरते जाने और पद का दुरुपयोग किए जाने के मामले में डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने रजिस्ट्रार कानूनगो सत्यवीर सिंह को बर्खास्त कर दिया है। डीएम ने यह कार्रवाई कई अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर की है।
रजिस्ट्रार कानूनगो पर लगे आरोपों के विरुद्ध विभागीय जांच तहसीलदार हाथरस और सिकंदराराऊ द्वारा की जा रही थी। इस जांच रिपोर्ट और अभिलेखों का डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने परीक्षण किया। रिपोर्ट में पता चला कि रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा भू अभिलेखों में छेड़छाड़ करने, फर्जी प्रविष्टि और षडयंत्र कारित करने, महत्वपूर्ण पत्रावलियों को गायब करने और पदेन दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है। इन आरोपों को लेकर उक्त कर्मचारी से बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, लेकिन कर्मचारी द्वारा आरोपों के खंडन संबंधी कोई भी साक्ष्य विभाग को उपलब्ध नहीं कराए गए।
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यहां तक कर्मचारी द्वारा माफी का अनुरोध भी किया गया, जिससे कि गलती होना स्वीकारा गया। जांच अधिकारी द्वारा दी गई जांच आख्या एवं साक्ष्यों के आधार पर यह सामने आया कि रजिस्ट्रार कानूनगो द्वारा सरकारी अभिलेखों में खुर्दबुर्द, हेरा फेरी करने एवं निजी स्वार्थपूर्ति के उद्देश्य से पूर्व ग्रसित दूषित मंशा के पद का दुरुपयोग किया गया है। कर्मचारी की सत्यनिष्ठा संदिग्ध होने की पुष्टि हुई है। सभी पांचों गंभीर आरोप सिद्ध होने, अपने पद के दुरुपयोग किए जाने, अभिलेखीय अनियमितता बरते जाने की पुष्टि होने पर डीएम प्रवीण कुमार लक्षकार ने रजिस्ट्रार कानूनगों सत्यवीर सिंह को बर्खास्त कर दिया है।
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इस मामले में की गई कार्रवाई
हाथरस। तहसील सादाबाद के अभिलेखों में तहसील के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने मिलकर वर्ष 2013 में हेरफेर करके नगर पंचायत सहपऊ के नॉन जेड की जमीन के फर्जी पट्टे कर दिए थे। इस मामले की जांच होने पर तत्कालीन तहसीलदार, आरआई, क्षेत्रीय लेखपाल ( रिटायर होने के बाद ) एवं जिनके नाम पट्टे किए गए थे, उन सभी को जेल भेजा गया था।