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धूमधाम से मनाया राजिंदर सिंह महराज का जन्मोत्सव
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धूमधाम से मनाया राजिंदर सिंह महराज का जन्मोत्सव
वीरनगर व पिछौती शाखा पर हुआ लंगर,व सत्संग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। रविवार को सावन कृपाल रूहानी मिशन की शाखा कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग हाथरस, कृपाल आश्रम पिछौती, राजिंदर आश्रम वीरनगर पर आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन हुआ। आध्यात्मिक सतगुरु परम संत राजिंदर सिंह जी महाराज का जन्मोत्सव बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर बाल सत्संग के बच्चों द्वारा महाराज जी की याद में बड़े ही मनमोहक व आकर्षक अंदाज में क्रायक्रम की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात परम संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने ऑडियो- वीडियो के माध्यम से सत्संग फऱमाया। उन्होंने कहा कि जब हम किसी सच्चे सतगुरु की संगत करते हैं या फिर किसी पूर्ण महापुरुष की नजदीकी पाते हैं तो हमे जानकारी मिलती है कि इस संसार में जो भी चीजें हैं,जिनको कि हम इन भौतिक नेत्रों से देख पाते हैं, वो सभी एक न एक दिन इस दुनिया से ओझल हो जानी हैं। यहां तक कि हमारा अपना शरीर भी। इसलिए हमें अपना जीवन प्रेम ,दया, करुणा और निष्काम सेवा से भरपूर जीना चाहिए।
महाराज जी ने आगे समझाया कि सबसे जरूरी काम इस धरती पर आकर स्वयं को जानना व प्रभु परमात्मा को पाना है। कहीं ऐसा न हो कि इतनी देर हो जाय और हम अपनी जिंदगी का सफर बिना कुछ पाए, ही न गँवा दें। महाराज जी ने आगे समझाया कि परमात्मा ने हमें इस इंसानी चोले में वो सारे तत्व दिए हैं जिनके द्वारा हम स्वयं को जानकर परमात्मा से एकमेक हो सकते हैं। वीरनगर पिछौती शाखा पर लंगर बरताया गया। आज के दिन वीरनगर व पिछौन्ती शाखाओं पर अटूट लंगर भी वितरित किया गया।
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वीरनगर व पिछौती शाखा पर हुआ लंगर,व सत्संग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। रविवार को सावन कृपाल रूहानी मिशन की शाखा कृपाल आश्रम गौशाला मार्ग हाथरस, कृपाल आश्रम पिछौती, राजिंदर आश्रम वीरनगर पर आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन हुआ। आध्यात्मिक सतगुरु परम संत राजिंदर सिंह जी महाराज का जन्मोत्सव बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मनाया गया।
इस अवसर पर बाल सत्संग के बच्चों द्वारा महाराज जी की याद में बड़े ही मनमोहक व आकर्षक अंदाज में क्रायक्रम की प्रस्तुति दी। इसके पश्चात परम संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने ऑडियो- वीडियो के माध्यम से सत्संग फऱमाया। उन्होंने कहा कि जब हम किसी सच्चे सतगुरु की संगत करते हैं या फिर किसी पूर्ण महापुरुष की नजदीकी पाते हैं तो हमे जानकारी मिलती है कि इस संसार में जो भी चीजें हैं,जिनको कि हम इन भौतिक नेत्रों से देख पाते हैं, वो सभी एक न एक दिन इस दुनिया से ओझल हो जानी हैं। यहां तक कि हमारा अपना शरीर भी। इसलिए हमें अपना जीवन प्रेम ,दया, करुणा और निष्काम सेवा से भरपूर जीना चाहिए।
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महाराज जी ने आगे समझाया कि सबसे जरूरी काम इस धरती पर आकर स्वयं को जानना व प्रभु परमात्मा को पाना है। कहीं ऐसा न हो कि इतनी देर हो जाय और हम अपनी जिंदगी का सफर बिना कुछ पाए, ही न गँवा दें। महाराज जी ने आगे समझाया कि परमात्मा ने हमें इस इंसानी चोले में वो सारे तत्व दिए हैं जिनके द्वारा हम स्वयं को जानकर परमात्मा से एकमेक हो सकते हैं। वीरनगर पिछौती शाखा पर लंगर बरताया गया। आज के दिन वीरनगर व पिछौन्ती शाखाओं पर अटूट लंगर भी वितरित किया गया।
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