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Hathras News: बारिश से भूसे की आवक घटी, 300 रुपये प्रति क्विंटल बढ़े दाम

Sat, 28 Mar 2026 01:53 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 28 Mar 2026 01:53 AM IST
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Rain Reduces Fodder Supply Prices Rise by 300 Per Quintal
शहर के मेंडू रोड ​स्थित सिटी स्टेशन के सामने भुस की आढ़त पर भूसे की तौल कराते लोग। संवाद - फोटो : Samvad
हाल ही में हुई बारिश का असर अब भूसा बाजार पर साफ नजर आने लगा है। मंडी में आवक कम हो गई है। सीजन में जब गेहूं के भूसे के दाम कम होने चाहिए, तब उनमें 300 रुपये प्रति क्विंटल तक की वृद्धि हुई है। आवक 350 क्विंटल प्रतिदिन से घटकर 100 क्विंटल पर पहुंच गई है। इससे पशुपालकों की मुश्किलें बढ़ रही हैं।
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शहर के मेंडू रोड स्थित बैनीराम बाग के बाहर रोज लगने वाली भूसा मंडी पूरे जनपद के लिए प्रमुख आपूर्ति केंद्र है। यहां से गाय-भैंसों के चारे के रूप में गेहूं का भूसा विभिन्न क्षेत्रों में भेजा जाता है। मंडी में सिकंदराराऊ, हसायन, एहन, हाथरस जंक्शन, अकराबाद, विजयगढ़, सासनी, अलीगढ़ के खैर, गोंडा के अलावा पंजाब और हरियाणा से भी भूसे की आवक होती है।
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कारोबारियों के अनुसार हाल की बारिश में गेहूं की फसल गिरने से भूसे की उपलब्धता काफी कम हो गई है। दूसरे गेहूं की निकासी भी करीब 15 दिन पिछड़ गई। एक महीने पहले तक 900 रुपये प्रति क्विंटल बिकने वाला भूसा अब 1200 रुपये प्रति क्विंटल तक पहुंच गया है।
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कारोबारियों का कहना है कि नए भूसे की आवक में भी बारिश के कारण करीब 15 दिन की देरी हो सकती है, जिससे फिलहाल दामों में गिरावट की संभावना कम है। कारोबारी भूसे के पुराने स्टाक से ही काम चला रहे हैं।






आलू उत्पादन क्षेत्र होने से भूसे की मांग है अधिक।

जनपद में भूसे की मांग अन्य जनपदों की अपेक्षा काफी अधिक है। हाथरस जनपद में मुख्य रूप से आलू की फसल होती है। गेहूं की फसल काफी कम होने के चलते जिले में भूसे की मांग के मुकाबले काफी कम है। इसके चलते आसपास के जनपदों के अलावा पंजाव व हरियाणा से आने वाले भूसे पर जिले के पशुपालक निर्भर हैं।





अभी करीब 25-30 दिन पहले तक सब सही था, लेकिन पिछले दिनों की बारिश के कारण गेहूं की फसल काफी प्रभावित हुई है, जिससे भूसे की उपलब्धता कम हो गई है। आवक घटने से दाम बढऩा स्वाभाविक है। इस समय 1200 रुपये क्विंटल तक दाम पहुंच गए हैं, अगर फिर बारिश हुई तो दामों में और अधिक इजाफा होगा। राजकुमार उर्फ राजू, भूसा के थोक विक्रेता।





अभी नए भूसे की आवक शुरू होने में समय लगेगा। तब तक कीमतों में ज्यादा राहत की उम्मीद नहीं है, जिससे पशुपालकों पर महंगे भूसे की ही खरीद करनी होगी। अगर हाथरस जनपद में गेहूं की फसल अधिक होती तो शायद भूसा पर इतने दाम न बढ़ते। करीब 15 दिन बाद भूसे के दामों में कुछ कमी होने की सम्भावना है। महादेव प्रसाद, भूसे के फुटकर विक्रेता
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