Hathras News: बारिश ने बढ़ाई किसान की परेशानी, किसानों ने रोकी आलू की बुवाई
बिसावर, कुरसंडा, मई, नौगांव, शेरपुर, नौपुरा आदि गांवों में किसानों ने बारिश को देखते हुए खेतों में रखे बीज को तिरपाल से ढक दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नमी रहने से आलू बीज में गलन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
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27 अक्तूबर सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दोपहर बाद शुरू हुई बूंदाबांदी शाम तक जारी रही। इससे किसानों की चिंता और परेशानी बढ़ गई है। उन्होंने बुवाई बंद कर दी है। तेज बारिश हुई तो जिन किसानों ने बुवाई कर दी है उन्हें खेत में ही बो दिए गए बीज के सड़ने की आशंका सता रही है। इसके अलावा बुवाई पिछड़ने का भी अंदेशा बना हुआ है।
इस समय हाथरस में आलू की बुवाई जोरों पर है। मौसम विभाग ने 27 अक्तूबर के बाद 28 अक्तूबर को भी बारिश होने का पुर्वानुमान दिया है। सोमवार को हुई बारिश से ही बुवाई से पहले खेत तैयार करने का कार्य बंद हो गया।मंगलवार को भी बारिश होने का अनुमान किसानों की धड़कनों को बढ़ाए हैं।
बिसावर, कुरसंडा, मई, नौगांव, शेरपुर, नौपुरा आदि गांवों में किसानों ने बारिश को देखते हुए खेतों में रखे बीज को तिरपाल से ढक दिया है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार नमी रहने से आलू बीज में गलन की समस्या उत्पन्न हो सकती है।
अगर बारिश जारी तो बुवाई पिछड़ जाएगी, जिन किसानों ने आलू बो दिया है, उनका आलू जमीन के अंदर ही सड़ सकता है। -शिवराज सिंह, किसान।
अगर अगले 24 घंटे में तेज बारिश हुई तो आलू के बीज गलने का डर है। बुवाई का कार्य आधा अधूरा ही रह जाएगा। फिलहाल मौसम को देखते हुए बुवाई रोक दी है।-बीरी सिंह, किसान।
यदि यह मौसम दो-तीन दिन ऐसा ही रहा तो खेतों में नमी बढ़ने से फफूंद रोग का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि अभी बारिश रिमझिम हुई है, जिसका अधिक नुकसान नहीं होगा।-बंटी सिंह, किसान