Hathras: राहुल गांधी का बिटिया के परिवार से बातचीत का वीडियो आया सामने, यह बातें हुई आपस में
हाथरस की बिटिया के परिवार से हुई बातचीत का 12 मिनट का वीडियो अपलोड करते हुए राहुल गांधी ने कहा है कि इसका एक-एक शब्द ध्यान से सुनिए, इनकी स्थिति स्पष्ट कर रही है कि यूपी में दलितों को न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है।
विस्तार
चार साल पहले हुए चंदपा के बिटिया प्रकरण को तूल देकर बड़ा सियासी मुद्दा बनाने और इसके बहाने भाजपा को घेरने की कोशिश राहुल गांधी कर रहे हैं। पांच दिन पहले राहुल गांधी ने हाथरस पहुंचकर बिटिया के परिवार से मुलाकात की थी। इस मुद्दे को संसद में भी उठाने के बाद उन्होंने मंगलवार को परिवार के साथ हुई बातचीत का वीडियो एक्स और यूट्यूब पर अपलोड किया है।
हाथरस रेप पीड़िता के परिवार के हताशा से भरे एक-एक शब्द को ध्यान से सुनिए और महसूस कीजिए।
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ये आज भी दहशत में हैं। इनकी स्थिति इस बात की पुष्टि करती है कि दलितों को न्याय मिलना बेहद मुश्किल हो गया है।
हम इस परिवार के साथ हैं - इनके घर का रिलोकेशन करेंगे और हर ज़रूरी सहायता देंगे। pic.twitter.com/VV6dc90D0p— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) December 17, 2024
गत 12 दिसंबर को राहुल गांधी हाथरस पहुंचकर बिटिया के परिवार से मिले थे। उस दिन एक्स पर पोस्ट की थी और बाद में संसद में इस मुद्दे को उठाया। मंगलवार को परिवार से हुई बातचीत का 12 मिनट का वीडियो अपलोड करते हुए कहा है कि इसका एक-एक शब्द ध्यान से सुनिए, इनकी स्थिति स्पष्ट कर रही है कि यूपी में दलितों को न्याय मिलना मुश्किल हो रहा है।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि चार साल पहले यूपी सरकार ने उन्हें किसी और जगह घर देकर बसाने और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने का वादा किया था। यह वादे पूरे नहीं हुए हैं। वीडियो में परिवार ने पूरे घटनाक्रम की सिलसिलेवार जानकारी दी है। राहुल गांधी ने एक्स पर फिर से दोहराया है कि हम परिवार के साथ, पीड़ित परिवार के घर का रिलोकेशन करेंगे, हर जरूरी सहायता देंगे।
परिवार का आरोप, बेटी को पेट्रोल डालकर जला दिया गया था
वीडियो में परिवार के लोग कह रहे हैं कि हम कैसे हिंदू हैं, जो हमारी बेटी को रात को ढ़ाई बजे पेट्रोल डालकर जला दिया, हिंदू रीति रिवाज में कुंवारी कन्या को जलाते नहीं हैं। इन लोगों ने रात में पेट्रोल डालकर जला दिया। इंसाफ नहीं मिल रहा है। हमने अस्थियां लाकर रख ली हैं।
बोला परिवार, कांग्रेस की सरकार थी तो निर्भया को न्याय मिल गया...
पीड़ित परिवार ने राहुल गांधी को बताया कि निर्भया प्रकरण की पीड़िता उच्च जाति की थी, पूरे देश ने सपोर्ट किया था, कांग्रेस की सरकार थी, इसलिए इस प्रकरण में न्याय मिला था। इस समय भाजपा की सरकार है, हम छोटी जाति के हैं, हम लोग दलित हैं, इसलिए हमें न्याय नहीं मिला। हमें सिर्फ आपसे उम्मीद है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोर्ट के फैसला सुनाने से पहले आरोपियों की गाड़ियों में मिठाइयां और फूल मालाएं रखी थीं। हिंदूवादी संगठन के पदाधिकारी वहां मौजूद थे।
बिटिया के बारे में उड़ाई अफवाह
वीडियो में उसकी मां ने कहा कि मेरी बेटी तो बहुत सीधी थी, लोगों ने अफवाह उड़ाई कि लड़का तो उसे शॉपिंग कराने ले जाता था। महज घर में दूसरे कमरे तक ही जाती थी। सबमर्सेबल तक जाती थी। भाभी ने कहा कि हम लोगों को बहुत टॉर्चर किया गया है, दुनिया को दिखा दिया कि परिवार को नौकरी दे दी, घर दे दिया, मुआवजा दे दिया।
राहुल गांधी ने किए सवाल
राहुल गांधी ने कहा है कि ऐसा लग रहा है कि जैसे आपने क्राइम किया है, आपको बंद कर दिया है। मृतका के भाई ने कहा कि घर से निकलने के लिए अनुमति लेनी पड़ती है। 14-14 हजार रुपये की गाड़ी करनी पड़ती है। आरोपी छूट कर आ गए हैं। तीन को कोर्ट ने बरी कर दिया। राहुल ने फिर पूछा जो जेल गया, वो किस अपराध में गया। पूछ रहे हैं कि अनुसूचित जाति के कितने घर हैं, परिजनों ने बताया कि चार घर हैं, दो पलायन कर चुके हैं। अगर सरकार नौकरी देना चाहती है तो नौकरी दें, नहीं तो मना करें। फैसले पर परिवार ने राहुल को बताया कि कोई भी बात साबित कैसे होगी जब सब सबूत मिटा दिए गए। 14 की घटना थी, 22 को मेडिकल कराया गया।
यह था मामला
14 सितंबर 2020 को यह घटना हुई थी। दलित बिटिया खेत में गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिली थी। बाद में बिटिया के बयान और परिवार की तहरीर पर चार लोगों के खिलाफ सामूहिक दुष्कर्म का मामला दर्ज हुआ था। 29 सितंबर 2020 उसकी दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में मौत हो गई थी। इसके सियामी मुद्दा बनने के बाद यूपी सरकार ने मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी थी। सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई थी। न्यायालय ने तीन आरोपियों को बरी कर दिया है और एक आरोपी को उम्र कैद की सजा सुनाई है। इस मामले में बिटिया के परिवार ने गत दो जुलाई को राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राहुल गांधी और बिजनौर से आसपा सांसद चंद्रशेखर सहित छह को पत्र लिखा था। माना जा रहा है कि इस पत्र का संज्ञान लेकर राहुल गांधी हाथरस पहुंचे।