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जीएसटी के विरोध में गरजे व्यापारी
hathras
Updated Fri, 27 Nov 2015 12:02 AM IST
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हाथरस। केंद्र सरकार द्वारा दोहरी जीएसटी लागू किए जाने के प्रस्ताव को राज्य सभा में मंजूर किए जाने के किए जा रहे प्रयासों और इसकी विसंगतियों को दूर करने के लिए गुरुवार को व्यापारियों ने प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री और सीएम के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा।
जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष मदन मोहन अपना वालों ने सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि मौजूदा जीएसटी का प्रस्तावित प्रारूप जो केंद्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है वह किसी भी तरह देश के 5 करोड़ से अधिक कर अदा करने वाले व्यापारियों के हित में नहीं है।
कर प्रणाली जितनी सरल होगी, उतना ही कर बढे़गा। जितनी कर प्रणाली जटिल होगी उतनी ही चोरी होगी। प्रस्तावित प्रारूप यूजर फ्रेंडली नहीं है। यह इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देगी। सिंगल जीएसटी लगाएं, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिल सके। जीएसटी में पैन आधारित पंजीयन ऑनलाइन ठीक है।
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जीएसटी में ऑनलाइन पेमेंट की अनिवार्यता है जो कि उचित नहीं है। प्रस्तावित जीएसटी 20 फीसदी या उससे अधिक है जो कि उचित नहीं है। जीएसटी में 8 रिटर्न प्रस्तावित हैं, जिसमें से चार व्यापारी को प्रतिमाह 1 से 20 तारीख तक भरने हैं, अनुचित हैं। रिवाइज रिटर्न की सुविधा समाप्त करना भी अनुचित है। इनकम टैक्स की तरह रिफंड करदाता के खाते में स्वत: ही आना चाहिए।
इस मौके पर जिला महामंत्री मनोज कुमार अग्रवाल, नगर महामंत्री मोहनलाल अग्रवाल, नन्नूमल गुप्ता, हरीमोहन शर्मा, अनिल वार्ष्णेय, राजकुमार, राम कुमार, राकेश बंसल, गंगाशरण वार्ष्णेय, वंशीधर, मनोज आर्य सहित अन्य सैकड़ों व्यापारी मौजूद थे।
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जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष राधेश्याम अग्रवाल और प्रदेश उपाध्यक्ष मदन मोहन अपना वालों ने सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि मौजूदा जीएसटी का प्रस्तावित प्रारूप जो केंद्र सरकार की वेबसाइट पर उपलब्ध है वह किसी भी तरह देश के 5 करोड़ से अधिक कर अदा करने वाले व्यापारियों के हित में नहीं है।
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कर प्रणाली जितनी सरल होगी, उतना ही कर बढे़गा। जितनी कर प्रणाली जटिल होगी उतनी ही चोरी होगी। प्रस्तावित प्रारूप यूजर फ्रेंडली नहीं है। यह इंस्पेक्टर राज को बढ़ावा देगी। सिंगल जीएसटी लगाएं, जिससे व्यापार को बढ़ावा मिल सके। जीएसटी में पैन आधारित पंजीयन ऑनलाइन ठीक है।
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जीएसटी में ऑनलाइन पेमेंट की अनिवार्यता है जो कि उचित नहीं है। प्रस्तावित जीएसटी 20 फीसदी या उससे अधिक है जो कि उचित नहीं है। जीएसटी में 8 रिटर्न प्रस्तावित हैं, जिसमें से चार व्यापारी को प्रतिमाह 1 से 20 तारीख तक भरने हैं, अनुचित हैं। रिवाइज रिटर्न की सुविधा समाप्त करना भी अनुचित है। इनकम टैक्स की तरह रिफंड करदाता के खाते में स्वत: ही आना चाहिए।
इस मौके पर जिला महामंत्री मनोज कुमार अग्रवाल, नगर महामंत्री मोहनलाल अग्रवाल, नन्नूमल गुप्ता, हरीमोहन शर्मा, अनिल वार्ष्णेय, राजकुमार, राम कुमार, राकेश बंसल, गंगाशरण वार्ष्णेय, वंशीधर, मनोज आर्य सहित अन्य सैकड़ों व्यापारी मौजूद थे।