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मुल्क और कौम की तरक्की की दुआ
ब्यूूूराे अमर उजाला, हाथ्ारस
Updated Thu, 07 Jul 2016 11:44 PM IST
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Eid Namaz
- फोटो : amar ujala
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हाथरस। ईद-उल-फितर का त्योहार जिले भर में धूमधाम से मनाया गया। रमजान में एक महीने की इबादत के बाद रोजेदारों को खुदा की तरफ से ईद का यह तोहफा मिला। कड़ी सुरक्षा के बीच जिले के सभी ईदगाहों और मस्जिदों पर ईद की नमाज अदा की गई। हजारों अकीदतमंदों ने सुबह सवा आठ बजे शहर के मुरसान गेट स्थित ईदगाह पर नमाज अता कर परवरदिगार से मुल्क और कौम की सलामती व तरक्की की दुआ मांगी। खुदा के सजदे में झुके हजारों सिर जैसे ही एक साथ आसमान की तरफ उठे तो पूरा माहौल अल्लाह-ओ-अकबर की आवाजों से गूंज उठा।
सुबह मुकर्रिर वक्त से पहले ही मुरसान गेट ईदगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। कुछ ही देर में पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों की भीड़ से पट गया। इसके अलावा ईदगाह के बाहर सड़क पर भी बड़ी तादाद में लोग जानमाज व चादर आदि बिछाकर नमाज अदा करने बैठ गए। नमाज से पूर्व कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान कासमी ने कहा कि 30 दिन रोजे रखने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है। रोजा हर मुसलमान पर फर्ज है।
उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिमों को चाहिए कि वह अपने पड़ोसी का ख्याल रखें। नमाज के बाद फितरा और जकात जरूर दें। उन्होंने मुल्क के अंदर अमन-चैन कायम रखने पर जोर दिया और कहा कि हर मुसलमान का फर्ज है कि वह नेकी और सच्चाई के रास्ते पर चले। झूठ, फरेब और मक्कारी से खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाएं। बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनिया की तालीम दिलाने की भी अवाम से अपील की। इसके बाद शहर मुफ्ती ने पूरे रिवाज के साथ नमाज अदा कराई।
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नमाज के बाद ईदगाह के इर्द-गिर्द बैठे गरीबों को फितरा और जकात बांटी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकवाद दी। लोग ईद मिलने एक-दूसरे के घरों पर भी गए। इसके अलावा जामा मस्जिद, कैलाश नगर मस्जिद, श्रीनगर, किला गेट, लाला का नगला, नाई का नगला, मधुगढ़ी आदि जगहों पर भी नमाज अदा की गई।
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सुबह मुकर्रिर वक्त से पहले ही मुरसान गेट ईदगाह पर अकीदतमंदों की भीड़ जमा होनी शुरू हो गई थी। कुछ ही देर में पूरा ईदगाह परिसर नमाजियों की भीड़ से पट गया। इसके अलावा ईदगाह के बाहर सड़क पर भी बड़ी तादाद में लोग जानमाज व चादर आदि बिछाकर नमाज अदा करने बैठ गए। नमाज से पूर्व कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए शहर मुफ्ती मोहम्मद इमरान कासमी ने कहा कि 30 दिन रोजे रखने के बाद ईद का त्योहार मनाया जाता है। रोजा हर मुसलमान पर फर्ज है।
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उन्होंने कहा कि सभी मुस्लिमों को चाहिए कि वह अपने पड़ोसी का ख्याल रखें। नमाज के बाद फितरा और जकात जरूर दें। उन्होंने मुल्क के अंदर अमन-चैन कायम रखने पर जोर दिया और कहा कि हर मुसलमान का फर्ज है कि वह नेकी और सच्चाई के रास्ते पर चले। झूठ, फरेब और मक्कारी से खुद भी बचे और दूसरों को भी बचाएं। बच्चों को दीनी तालीम के साथ दुनिया की तालीम दिलाने की भी अवाम से अपील की। इसके बाद शहर मुफ्ती ने पूरे रिवाज के साथ नमाज अदा कराई।
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नमाज के बाद ईदगाह के इर्द-गिर्द बैठे गरीबों को फितरा और जकात बांटी गई। नमाज के बाद लोगों ने एक-दूसरे को गले मिलकर ईद की मुबारकवाद दी। लोग ईद मिलने एक-दूसरे के घरों पर भी गए। इसके अलावा जामा मस्जिद, कैलाश नगर मस्जिद, श्रीनगर, किला गेट, लाला का नगला, नाई का नगला, मधुगढ़ी आदि जगहों पर भी नमाज अदा की गई।