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Hathras News: म्यांमार भेजे गए छात्रों की जानकारी जुटाने में लगी पुलिस
Sat, 22 Nov 2025 01:47 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 22 Nov 2025 01:47 AM IST
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मर्चेंट नेवी में नौकरी का झांसा देकर हाथरस के छात्र-छात्रा को म्यांमार भेजने के आरोपी संजय राणा को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस अब इसकी कस्टडी रिमांड लेगी, जिससे उसके द्वारा विदेश भेजे गए छात्रों की जानकारी जुटाई जा सके।
म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर स्थित कायिन (करेन) राज्य में म्यावड्डी टाउनशिप में ठगी का खेल चल रहा था। यहां केके पार्क के नाम से आईटी हब बना हुआ है। यहां कॉल सेंटर के साथ छात्रावास, अस्पताल व अन्य कांप्लेक्स हैं। यहीं युवाओं को तस्करी के जरिये लाया जाता था और जबरन अंतरराष्ट्रीय ठगी कराई जाती थी।
म्यांमार फौज जनवरी से अब तक इस क्षेत्र से नौ हजार से अधिक लोगों को उनके देश भेज चुकी है। भारत सरकार ने मार्च से अब तक 15 सौ भारतीयों को एयरलिफ्ट किया है। हाथरस लौटे दोनों युवक-युवती म्यावड्डी से ही रेस्क्यू किए गए थे। उन्होंने बताया कि वहां और भी युवा फंसे हुए हैं। बुधवार को भी भारतीय दूतावास की मदद से 125 युवाओं को दिल्ली लाया गया है। ये रेस्क्यू अभियान अभी जारी है।
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संजय की कस्टडी लेगी पुलिस
देश-विदेश में व्यापक स्तर पर चल रहे रेस्क्यू अभियान के बीच हाथरस पुलिस को एक एजेंट को पकड़ने में सफलता मिली है। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह पहली गिरफ्तारी है। यहां से काफी बच्चे चेन्नई, बेंगलुरु आदि बड़े शहरों में जाते हैं, इसलिए पूरी संभावना है कि उसने और भी युवाओं को नौकरी के बहाने गिरोह को बेचा होगा।
एसपी ने बताया कि यह गिरोह मानव तस्करी करता है। यहां युवाओं से नौकरी के नाम पर रुपये लिए जाते हैं और दूसरी ओर म्यांमार में बैठे साइबर ठगों से युवाओं को भेजने के एवज में रुपये लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कस्टडी में लेकर संजय से फिर पूछताछ की जाएगी, जिससे जो भी युवा वहां फंसे हों, उन्हें वापस लाया जा सके। गौरतलब है कि थाईलैंड से घर लौटे युवक-युवती के साथ 270 भारतीयों को भारतीय वायु सेना के कारगो प्लेन से भारत लाया गया था। ये सभी युवा डरे हुए थे और वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे।
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म्यांमार-थाईलैंड सीमा पर स्थित कायिन (करेन) राज्य में म्यावड्डी टाउनशिप में ठगी का खेल चल रहा था। यहां केके पार्क के नाम से आईटी हब बना हुआ है। यहां कॉल सेंटर के साथ छात्रावास, अस्पताल व अन्य कांप्लेक्स हैं। यहीं युवाओं को तस्करी के जरिये लाया जाता था और जबरन अंतरराष्ट्रीय ठगी कराई जाती थी।
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म्यांमार फौज जनवरी से अब तक इस क्षेत्र से नौ हजार से अधिक लोगों को उनके देश भेज चुकी है। भारत सरकार ने मार्च से अब तक 15 सौ भारतीयों को एयरलिफ्ट किया है। हाथरस लौटे दोनों युवक-युवती म्यावड्डी से ही रेस्क्यू किए गए थे। उन्होंने बताया कि वहां और भी युवा फंसे हुए हैं। बुधवार को भी भारतीय दूतावास की मदद से 125 युवाओं को दिल्ली लाया गया है। ये रेस्क्यू अभियान अभी जारी है।
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संजय की कस्टडी लेगी पुलिस
देश-विदेश में व्यापक स्तर पर चल रहे रेस्क्यू अभियान के बीच हाथरस पुलिस को एक एजेंट को पकड़ने में सफलता मिली है। एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि उत्तर प्रदेश में यह पहली गिरफ्तारी है। यहां से काफी बच्चे चेन्नई, बेंगलुरु आदि बड़े शहरों में जाते हैं, इसलिए पूरी संभावना है कि उसने और भी युवाओं को नौकरी के बहाने गिरोह को बेचा होगा।
एसपी ने बताया कि यह गिरोह मानव तस्करी करता है। यहां युवाओं से नौकरी के नाम पर रुपये लिए जाते हैं और दूसरी ओर म्यांमार में बैठे साइबर ठगों से युवाओं को भेजने के एवज में रुपये लिए जाते हैं। उन्होंने बताया कि कस्टडी में लेकर संजय से फिर पूछताछ की जाएगी, जिससे जो भी युवा वहां फंसे हों, उन्हें वापस लाया जा सके। गौरतलब है कि थाईलैंड से घर लौटे युवक-युवती के साथ 270 भारतीयों को भारतीय वायु सेना के कारगो प्लेन से भारत लाया गया था। ये सभी युवा डरे हुए थे और वापसी की उम्मीद छोड़ चुके थे।
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