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नाम हटवा लें, नहीं तो मुकदमा
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 18 May 2016 11:43 PM IST
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हाथरस। खाद्य सुरक्षा कानून में अपात्र होते हुए भी अगर राशन प्राप्त करने की इच्छा है तो छोड़ दें। जिला प्रशासन ने 31 मई तक सभी अपात्रों को अपना नाम इस सूची से हटवाने का अंतिम मौका दिया है। इसके बाद जो भी अपात्र इस सूची में पाए जाएंगे, उन सभी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई की जाएगी।
खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में 1,75,696 पात्र गृहस्थियों की संख्या पाई गई थी। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार तहसील हाथरस में 1,623 अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या सहित कुल 61,621 पात्र गृहस्थियां पाई गईं। तहसील सासनी में 581 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों सहित 33,411 पात्र गृहस्थियों की संख्या मिली। तहसील सादाबाद में 8,818 अंत्योदय राशन कार्ड सहित 53,266 पात्र गृहस्थियां पाई र्गइं। तहसील सिकंदराराऊ में 4,195 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों सहित 27,398 पात्र गृहस्थी पाई गईं, लेकिन शिकायत मिल रही हैं कि इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम भी इस सूची में शामिल हो गए हैं, जोकि राशन के लिए पात्र ही नहीं हैं, जबकि बड़ी संख्या में अपात्र राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसील और आपूर्ति दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को इस कानून का लाभ नहीं मिल रहा। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर जिले में दोबारा राशन कार्डधारकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। 31 मई तक विभागीय टीमें गांव-गांव और गली-गली जाकर राशन कार्डधारकों की जांच करेंगी और यह देखेंगी कि उनके द्वारा पूर्व में दिया गया ब्योरा सही है या नहीं। जो भी अपात्र पाए जाएंगे, उनके नाम पात्रों की सूची से हटवाए जाएंगे।
ये हैं अपात्र
1-आय के स्रोत तीन लाख शहर में एवं दो लाख से अधिक गांव में
2-100 गज जमीन पर आवास, ग्रामीण पर पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि
3-आयकरदाता
4-चार पहिया वाहन, एसी का उपभोक्ता
5-एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस
6-80 गज से अधिक भूमि पर कॉमर्शियल भवन
-शासन की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पात्रों को ही दिया जाएगा। अगर इस योजना में कोई अपात्र लाभ लेने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर विधिवत रूप से प्राप्त लाभ की वसूली कार्रवाई होगी।
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-सुनील कुमार, डीएसओ हाथरस
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खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए) के तहत जिला प्रशासन द्वारा कराए गए सर्वे में 1,75,696 पात्र गृहस्थियों की संख्या पाई गई थी। सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार तहसील हाथरस में 1,623 अंत्योदय कार्डधारकों की संख्या सहित कुल 61,621 पात्र गृहस्थियां पाई गईं। तहसील सासनी में 581 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों सहित 33,411 पात्र गृहस्थियों की संख्या मिली। तहसील सादाबाद में 8,818 अंत्योदय राशन कार्ड सहित 53,266 पात्र गृहस्थियां पाई र्गइं। तहसील सिकंदराराऊ में 4,195 अंत्योदय राशन कार्ड धारकों सहित 27,398 पात्र गृहस्थी पाई गईं, लेकिन शिकायत मिल रही हैं कि इनमें बड़ी संख्या में ऐसे लोगों के नाम भी इस सूची में शामिल हो गए हैं, जोकि राशन के लिए पात्र ही नहीं हैं, जबकि बड़ी संख्या में अपात्र राशन कार्ड बनवाने के लिए तहसील और आपूर्ति दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं, जिससे जरूरतमंदों को इस कानून का लाभ नहीं मिल रहा। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर जिले में दोबारा राशन कार्डधारकों का सत्यापन कराने का निर्णय लिया गया है। 31 मई तक विभागीय टीमें गांव-गांव और गली-गली जाकर राशन कार्डधारकों की जांच करेंगी और यह देखेंगी कि उनके द्वारा पूर्व में दिया गया ब्योरा सही है या नहीं। जो भी अपात्र पाए जाएंगे, उनके नाम पात्रों की सूची से हटवाए जाएंगे।
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ये हैं अपात्र
1-आय के स्रोत तीन लाख शहर में एवं दो लाख से अधिक गांव में
2-100 गज जमीन पर आवास, ग्रामीण पर पांच एकड़ से अधिक कृषि भूमि
3-आयकरदाता
4-चार पहिया वाहन, एसी का उपभोक्ता
5-एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस
6-80 गज से अधिक भूमि पर कॉमर्शियल भवन
-शासन की खाद्य सुरक्षा योजना का लाभ पात्रों को ही दिया जाएगा। अगर इस योजना में कोई अपात्र लाभ लेने का प्रयास करेगा तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर विधिवत रूप से प्राप्त लाभ की वसूली कार्रवाई होगी।
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-सुनील कुमार, डीएसओ हाथरस