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पितृ पक्ष शुरू: आज पूर्णिमा श्राद्ध, 10 अक्टूबर तक होगा पितरों का तर्पण, इन कामों से बचें
Sat, 26 Sep 2026 10:53 AM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sat, 26 Sep 2026 10:53 AM IST
सार
पितरों को नमन के साथ पितृ पक्ष आज से शुरू हो गया है। आज पूर्णिमा श्राद्ध है। 27 सितंबर से प्रतिपदा तिथि के श्राद्ध कर्म, 10 अक्टूबर सर्वपितृ अमावस्या तक चलेगा। श्राद्धकर्ता को इन 16 दिनों में बाल, दाढ़ी, नाखून काटने से बचना चाहिए। सुख-समृद्धि के लिए नियमों का पालन जरूरी होता है।
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श्राद्ध पक्ष 2026
- फोटो : AI
विस्तार
पितृ पक्ष की शुरुआत शनिवार से होने जा रही है। इस दिन पूर्णिमा तिथि का श्राद्ध किया जाएगा, जिसके बाद 27 सितंबर से प्रतिपदा तिथि के साथ मुख्य कृष्ण पक्ष के श्राद्ध कर्म शुरू होंगे। पितृ पक्ष का समापन 10 अक्तूबर को सर्वपितृ अमावस्या के साथ होगा।
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हाथरस के आचार्य पंडित सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि 16 दिनों की इस अवधि में पूर्वज पृथ्वी लोक पर अपने वंशजों के निकट आते हैं। इस दौरान विधि-विधान से तर्पण, पिंडदान और ब्राह्मण भोजन कराने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और परिवार को उनका सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
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उन्होंने बताया कि श्राद्ध के दिन भोजन तैयार करने के बाद सबसे पहले पांच हिस्से गाय, कुत्ता, कौआ, देवता और चींटी के लिए निकाले जाते हैं। इसके बिना श्राद्ध पूर्ण नहीं माना जाता। जो व्यक्ति श्राद्ध या तर्पण कर रहा है, उसे इन 16 दिनों के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून काटने से बचना चाहिए।
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