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पंचायत प्रतिनिधियों को भी मिले पेंशन
hathras
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:43 PM IST
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हाथरस (ब्यूरो)। राष्ट्रीय पंचायतराज संगठन की मुरसान ब्लॉक कार्यालय परिसर में बैठक हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष चौ. सुनील सिंह ने कहा कि पंचायतों को 29 विभागों के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार दिए गए, लेकिन राजनीतिक कमजोरी के चलते आज तक यह अधिकार सही रूप से पंचायतों को नहीं मिल पाए। इस कारण आज भी पंचायत प्रतिनिधि अपने अधिकारोें के लिए वह सम्मान नहीं मिल पा रहा है, जिसके वह हकदार हैं। पंचायतों को मिलने वाला धन, जिसमें से कटौती करके प्रति वर्ष चार अरब धनराशि, विधायक निधि के रूप में दी जाती है, जबकि यह राशि सीधे पंचायतों के खाते में जानी चाहिए।
विधायक को एक दिन भी अपने पद पर रहने पर आजीवन पेंशन सुविधा मिलती है, जबकि प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य पांच वर्ष रहने के बावजूद इस सुविधा से उनको वंचित रखा जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन व्यवस्था लागू हो। पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव लघु व कुटीर उद्योग स्थापित कर, युवाओं को प्रशिक्षण देकर बेरोजगारी जैसी समस्या से दूर किया जाए। ब्लॉक स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग लगाकर हर हाथ को काम मिले। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले व पंचायतों के माध्यम से बिचौलियों की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। संगठन के प्रदेश प्रभारी संदीप तोमर ने कहा कि इन मांगों को लेकर यूपी ही नहीं, बल्कि राजस्थान, पंजाब, बंगाल, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में भी लड़ाई जारी है।
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विधायक को एक दिन भी अपने पद पर रहने पर आजीवन पेंशन सुविधा मिलती है, जबकि प्रधान, बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य पांच वर्ष रहने के बावजूद इस सुविधा से उनको वंचित रखा जाता है। पंचायत प्रतिनिधियों को पेंशन व्यवस्था लागू हो। पंचायतों के माध्यम से गांव-गांव लघु व कुटीर उद्योग स्थापित कर, युवाओं को प्रशिक्षण देकर बेरोजगारी जैसी समस्या से दूर किया जाए। ब्लॉक स्तर पर छोटे-छोटे उद्योग लगाकर हर हाथ को काम मिले। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिले व पंचायतों के माध्यम से बिचौलियों की व्यवस्था खत्म होनी चाहिए। संगठन के प्रदेश प्रभारी संदीप तोमर ने कहा कि इन मांगों को लेकर यूपी ही नहीं, बल्कि राजस्थान, पंजाब, बंगाल, दिल्ली, हरियाणा आदि राज्यों में भी लड़ाई जारी है।
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