हाथरस में रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले ही इंस्टा फेम की मौत हो गई। रक्षाबंधन से तीन दिन पहले इकलौती बहन और मां का साथ छिन गया। भाई कृष्णा की कलाई पर बहन छवि की राखी बंधनी थी, लेकिन बुधवार को उसी बहन की चिता को उसने मुखाग्नि दी।
मध्यप्रदेश के आगर मालवा में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाली महौ की यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका के शव बुधवार शाम करीब छह बजे गांव पहुंचे तो परिवार का सब्र टूट गया। मां-बेटी के शव देखकर कृष्णा बदहवास हो गया। कभी बहन के शव से लिपटकर रोता तो कभी अपने डेढ़ साल के बेटे को सीने से लगा लेता। अंतिम विदाई के समय एक साथ दो चिताएं जलीं तो पूरा गांव अपने आंसू नहीं रोक सका।
महौ के किराना व्यापारी श्यामबाबू लाल वार्ष्णेय सोमवार को पत्नी सारिका, बेटी छवि और समधी सूरजपाल के साथ उज्जैन के लिए निकले थे। बुधवार सुबह करीब छह बजे उज्जैन से पहले आगर मालवा जिले में गरोठ हाईवे पर उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में छवि और सारिका की मौत हो गई, जबकि श्यामबाबू गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना पर मंगलवार देर शाम परिजन मध्यप्रदेश पहुंचे। रात में पोस्टमार्टम नहीं हो सका। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद करीब नौ बजे शव लेकर परिजन महौ के लिए रवाना हुए।
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यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय और उनकी मां सारिका
- फोटो : फाइल फोटो
सायरन सुनते ही टूट गया गांव का सन्नाटा
सुबह से ही महौ में मातम पसरा था। मुख्य बाजार की दुकानें बंद रहीं। दोपहर बाद से लोग घरों और प्रतिष्ठानों के बाहर एंबुलेंस आने का इंतजार करते रहे। रामलीला चौक पर रिश्तेदार और आसपास की महिलाएं परिवार की महिलाओं को ढांढस बंधाती रहीं। शाम को एंबुलेंस के सायरन की आवाज सुनाई दी तो जैसे पूरे गांव की सांस थम गई। मां-बेटी के शव उतरे तो परिजनों की चीख-पुकार से माहौल गूंज उठा। श्यामबाबू के भाई और परिवार के लोग फूट-फूटकर रोने लगे। कृष्णा और उसकी पत्नी भी बदहवास हो गए। रिश्तेदारों ने दोनों को संभाला।
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इंस्टाग्राम पोस्ट में अपनी बहन छवि के साथ कान्हा
- फोटो : वीडियो ग्रैब
बेटे को सीने से लगाया और फूट पड़ा कृष्णा
बहन और मां के शव सामने देख कृष्णा खुद को संभाल नहीं सका। घर पहुंचते ही उसने अपने डेढ़ साल के बेटे को सीने से लगा लिया और बिलख पड़ा। दोस्त और रिश्तेदार उसे संभालते रहे। कुछ देर बाद बेटे को गोद में लेकर उसने मां और बहन के शवों की परिक्रमा की। इकलौती बहन छवि की अंतिम विदाई के समय कृष्णा बार-बार फूट पड़ रहा था। रोते हुए वह कहता रहा कि अब उसकी कलाई पर छवि की राखी कभी नहीं बंध पाएगी। जिस त्योहार पर घर में भाई-बहन के प्यार की खुशियां होनी थीं, उससे ठीक पहले घर में मातम छा गया।
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यू-ट्यूबर छवि वार्ष्णेय
- फोटो : फाइल फोटो
एक साथ उठीं मां-बेटी की अर्थियां, हर आंख हुई नम
अंतिम संस्कार में पूरा गांव उमड़ पड़ा। मां सारिका और बेटी छवि की एक साथ अंतिम विदाई हुई। दो चिताएं एक साथ जलती देख वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। परिवार के लिए यह सिर्फ दो मौतों का दुख नहीं था, बल्कि एक साथ घर की मां और बेटी को खो देने की ऐसी त्रासदी थी, जिसने पूरे गांव को झकझोर दिया।
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बहन व मां के शव को देखकर बदहवास हुआ कृष्णा उर्फ कान्हा
- फोटो : संवाद
पिता अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे
हादसे में घायल श्यामबाबू लाल की हालत गंभीर बनी हुई है। परिजनों के मुताबिक उनके फेफड़ों में गंभीर चोट आई है और सिर व शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें हैं। वह उज्जैन के निजी अस्पताल में भर्ती हैं। एक ओर पत्नी और बेटी को खोने का सदमा, दूसरी ओर अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे पिता की चिंता ने कृष्णा और परिवार को दोहरी त्रासदी में डाल दिया है। हादसे में घायल समधी सूरजपाल और चालक सचिन खतरे से बाहर बताए जा रहे हैं।