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हाथरस: पहली ही बारिश में खुली पोल, चार माह पूर्व बने रेलवे पुल की सड़क में पड़ी दरार, बंद किया जाएगा ओवरब्रिज
Thu, 27 Aug 2026 09:48 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Thu, 27 Aug 2026 09:48 PM IST
सार
इस ओवरब्रिज का निर्माण करीब 2.70 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। निर्माण के महज चार महीने के भीतर ही सड़क का इस तरह दरक जाना निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और अधिकारियों की देखरेख पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।
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रेलवे पुल की सड़क में पड़ी दरार
- फोटो : संवाद
विस्तार
2.70 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बुनियादी ढांचे में भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल की पोल एक बार फिर खुल गई है। कैलोरा से जलेसर मार्ग पर रेलवे द्वारा मात्र चार माह पूर्व बनाकर तैयार किए गए ओवरब्रिज की सड़क पर बड़ी-बड़ी दरारें आ गई हैं। कई जगहों सड़क में अंदर की गिट्टियां निकल आई हैं। घटिया निर्माण की शिकायत मिलते ही रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया। इसके बाद मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने ओवरब्रिज को कुछ दिन के लिए बंद करने का फैसला लिया है, इसके लिए नीचे बनी रेलवे क्रासिंग को खोला जा रहा है।
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नगला मयां निवासी चन्द्रपाल नामक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर सड़क धंसने का एक वीडियो वॉयरल करते हुए शिकायत की थी। सड़क धंसने और दरारें पड़ने की जानकारी मिलने पर पूर्वोत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल के सीनियर डीएन के साथ-साथ निर्माण कराने वाली कार्यदायी संस्था गतिशक्ति के उच्च अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया। अधिकारियों ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल प्रभाव से पुल से वाहनों का आवागमन रोक दिया है और मरम्मत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं। ओवरब्रिज के अचानक बंद होने से राहगीरों और वाहन चालकों को होने वाली असुविधा को देखते हुए रेलवे ने निर्णय लिया कि नीचे पुरानी क्रासिंग को पहले खोला जाए, उसके बाद ओवरब्रिज को बंद किया जाए। इसे लेकर पूर्व में संचालित बंद पड़े रेलवे फाटक संख्या 297 फाटक को खोलने की कवायद शुरू कर दी गई है।
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माना जा रहा है कि बृहस्पितवार या शुक्रवार से ओवरब्रिज पर वाहनों का आवागमन बंद कर दिया जाएगा। हालांकि इस वैकल्पिक मार्ग से गुजरने के कारण राहगीरों को जाम और धीमी रफ्तार का सामना करना पड़ रहा है। आईओडब्ल्यू गतिशक्ति महेश चन्द्र ने बताया कि उनके आला अधिकारियों के निर्देश पर यहां टीम आई है, फिलहाल नीचे रेलवे क्रासिंग पर रास्ता तैयार किया जा रहा है। वहीं पीआरओ इज्जतनगर मंडल सफदर हुसैन ने बताया कि मामले की जानकारी की गई है। ओवरब्रिज को अभी बंद नहीं किया गया है, नीचे के रास्ते को खोला जाएगा, उसके बाद ओवरब्रिज पर जो कमियां हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
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पहली ही बारिश में खुली पोल
रेलवे और कार्यदायी संस्था द्वारा इस ओवरब्रिज का निर्माण करीब 2.70 करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। इसमें दोनों तरफ 80-80 मीटर का ढलान और बीच में करीब 12 मीटर की ऊपरी लंबाई तैयार की गई थी। निर्माण के महज चार महीने के भीतर ही सड़क का इस तरह दरक जाना निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और अधिकारियों की देखरेख पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है। सोशल मीडिया के जरिये शिकायत करने वालों व स्थानीय निवासियों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और जिम्मेदार ठेकेदार व जांच करने वाले रेल अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।