{"_id":"67a90ba36c2f1c6a5b06b861","slug":"payment-is-being-made-twice-every-month-in-the-name-of-12-sweepers-hathras-news-c-56-1-mrt1060-126801-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: 12 सफाईकर्मियों के नाम पर हर माह किया जा रहा दो बार भुगतान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: 12 सफाईकर्मियों के नाम पर हर माह किया जा रहा दो बार भुगतान
विज्ञापन
हाथरस। पालिका के पांच सभासदों ने पालिकाध्यक्ष के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और नगर पालिका में चहेतों को ठेका देने की शिकायत आईजीआरएस पोर्टल पर की है। इनका आरोप है कि 12 सफाई कर्मियों को हर माह दो स्थानों पर काम करना दिखाकर भुगतान किया जा रहा है। इन्होंने आरोप लगाया है कि पूर्व में भी शिकायत की गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
सभासद मनीष अग्रवाल, दिनेश कुमार,धर्मेंद्र कुमार,सुन्दरम शर्मा, सुनील अग्निहोत्री आदि ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 19 अगस्त 2023 को संपन्न हुई नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था के लिए आउट सोर्सिंग पर सफाई रखने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए थे।
इसमें क्रम संख्या सात पर शहर में सफाई और क्रम संख्या पांच पर एमआरएफ सेंटर के संचालन के लिए 12 सफाई मजदूरों की आपूर्ति का प्रस्ताव पारित किया गया था। निविदाएं जैम पोर्टल पर आमंत्रित की जानी थी।
विज्ञापन
सभासदों का आरोप है कि बोर्ड के प्रस्ताव संख्या -7 के लिए तो जैम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन एमआरएफ सेंटर के संचालन के बिना जैम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित किए संस्था ब्लैक इंफ्राटेक को कार्य सौंप दिया है। एमआरएफ सेंटर के लिए जिन 12 सफाई मजदूरों की आपूर्ति ली जा रही है, वही नाम फर्म के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में भी शामिल हैं। इपीएफ चालान में मिलान करने पर पाया गया कि जो सफाई मजदूर एमआरएफ सेंटर के संचालन में लगे हैं, वही सफाई मजदूर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य में भी लगे हैं।
पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी का कहना है कि कुछ सभासद निजी स्वार्थवश शिकायतें कर रहे हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।
विज्ञापन
सभासद मनीष अग्रवाल, दिनेश कुमार,धर्मेंद्र कुमार,सुन्दरम शर्मा, सुनील अग्निहोत्री आदि ने शिकायत में आरोप लगाया है कि 19 अगस्त 2023 को संपन्न हुई नगर पालिका की बोर्ड बैठक में शहर की सफाई व्यवस्था के लिए आउट सोर्सिंग पर सफाई रखने के लिए प्रस्ताव पारित किए गए थे।
विज्ञापन
इसमें क्रम संख्या सात पर शहर में सफाई और क्रम संख्या पांच पर एमआरएफ सेंटर के संचालन के लिए 12 सफाई मजदूरों की आपूर्ति का प्रस्ताव पारित किया गया था। निविदाएं जैम पोर्टल पर आमंत्रित की जानी थी।
विज्ञापन
सभासदों का आरोप है कि बोर्ड के प्रस्ताव संख्या -7 के लिए तो जैम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित की गई, लेकिन एमआरएफ सेंटर के संचालन के बिना जैम पोर्टल पर निविदा आमंत्रित किए संस्था ब्लैक इंफ्राटेक को कार्य सौंप दिया है। एमआरएफ सेंटर के लिए जिन 12 सफाई मजदूरों की आपूर्ति ली जा रही है, वही नाम फर्म के डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन कार्य में भी शामिल हैं। इपीएफ चालान में मिलान करने पर पाया गया कि जो सफाई मजदूर एमआरएफ सेंटर के संचालन में लगे हैं, वही सफाई मजदूर डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के कार्य में भी लगे हैं।
पालिकाध्यक्ष श्वेता चौधरी का कहना है कि कुछ सभासद निजी स्वार्थवश शिकायतें कर रहे हैं। इसकी निष्पक्ष जांच कराई जाए।