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Hathras News: दिव्यांगों के लिए साइकिल की डिजाइन को मिला पेटेंट
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के बॉयज पॉलिटेक्निक के एसोसिएट प्रोफेसर शमशाद अली ने दिव्यांगों के लिए ऐसी साइकिल की डिजाइन की है, जो ब्रेक लगने और स्थिर होने पर असंतुलित होकर नहीं गिरेगी। इस आविष्कार पर भारत सरकार से पेटेंट मिल गया है।
इंजी. शमशाद अली का यह आठवां पेटेंट हैं। शमशाद अली ने बताया कि साइकिल को पीछे खींचने के लिए पहिये लगे हैं। जब साइकिल स्थिर हो या धीरे-धीरे चल रही हो, तो वह सीधी रहे। सवार किसी अन्य व्यक्ति की सहायता बिना साइकिल पर बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग या बुजुर्ग आसानी से इस साइकिल को चला सकते हैं। बिना सहयोग पहियों के साइकिल के दो पहियों पर संतुलन बनाने में सक्षम होंगे।
जब साइकिल अपनी सामान्य गति से चलेगी, तो सहायक पहियों को कंपाउंड लीवर हैंडल की मदद से बहुत कम प्रयास और घर्षण हानि के साथ जमीन से ऊपर उठाया जा सकता है। उन्हें कम करने के लिए लॉक किया जा सकता है। ब्रेक लगाकर साइकिल को रोका या धीमा किया जाता है, तो साइकिल को सीधी स्थिति में रखने के लिए सहायक पहिये स्वचालित रूप से पीछे हट जाएंगे और सवार को गिरने और घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस विशेष साइकिल में आम साइकिल की कीमत से दो हजार रुपये अतिरिक्त लगेंगे।
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यह हैं पेटेंट
-सिंगल सिलिंडर, डबल एक्टिंग : सबमर्सिबल पंप (2000)
-मैकेनिकल रीजनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम फॉर ए व्हीकल (2000)
-इलेक्ट्रो मैकेनिकल जूसर मिक्सर ग्राइंडर (2010)
-कंपाउंड लीवर हैंडल फॉर हैंडपंप (2011)
-ऑटोमैटिक कैरिज स्टॉपर फॉर कन्वेशनल लेथ मशीन (2022)
-क्रिकेट बैट विद हैंडल ऑफ वैरिंग लेंथ (2022)
एक्सराइज इंटीग्रेटेड विद ग्राइंडर एंड जनरेटर (2022)
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इंजी. शमशाद अली का यह आठवां पेटेंट हैं। शमशाद अली ने बताया कि साइकिल को पीछे खींचने के लिए पहिये लगे हैं। जब साइकिल स्थिर हो या धीरे-धीरे चल रही हो, तो वह सीधी रहे। सवार किसी अन्य व्यक्ति की सहायता बिना साइकिल पर बैठ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दिव्यांग या बुजुर्ग आसानी से इस साइकिल को चला सकते हैं। बिना सहयोग पहियों के साइकिल के दो पहियों पर संतुलन बनाने में सक्षम होंगे।
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जब साइकिल अपनी सामान्य गति से चलेगी, तो सहायक पहियों को कंपाउंड लीवर हैंडल की मदद से बहुत कम प्रयास और घर्षण हानि के साथ जमीन से ऊपर उठाया जा सकता है। उन्हें कम करने के लिए लॉक किया जा सकता है। ब्रेक लगाकर साइकिल को रोका या धीमा किया जाता है, तो साइकिल को सीधी स्थिति में रखने के लिए सहायक पहिये स्वचालित रूप से पीछे हट जाएंगे और सवार को गिरने और घायल होने से बचाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि इस विशेष साइकिल में आम साइकिल की कीमत से दो हजार रुपये अतिरिक्त लगेंगे।
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यह हैं पेटेंट
-सिंगल सिलिंडर, डबल एक्टिंग : सबमर्सिबल पंप (2000)
-मैकेनिकल रीजनेरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम फॉर ए व्हीकल (2000)
-इलेक्ट्रो मैकेनिकल जूसर मिक्सर ग्राइंडर (2010)
-कंपाउंड लीवर हैंडल फॉर हैंडपंप (2011)
-ऑटोमैटिक कैरिज स्टॉपर फॉर कन्वेशनल लेथ मशीन (2022)
-क्रिकेट बैट विद हैंडल ऑफ वैरिंग लेंथ (2022)
एक्सराइज इंटीग्रेटेड विद ग्राइंडर एंड जनरेटर (2022)