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पुलिस के सख्त पहरे में पद्मावत का प्रदर्शन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
Updated Sun, 28 Jan 2018 12:07 AM IST
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फिल्म पद्मावत के विरोध के चलते माया टाकीज में तैनात पुलिस कर्मी।
- फोटो : Amar Ujala
फिल्म पद्मावत को लेकर अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं का विरोध जारी है। विरोध-प्रदर्शन के कारण शहर के लक्ष्मी टॉकीज और माया टॉकीज में बीते शुक्रवार और शनिवार को फिल्म का प्रदर्शन पुलिस के पहरे के बीच किया गया।
दोनों टॉकीजों के बाहर पुलिस का सख्त पहरा रहा। रात में भी पुलिसकर्मी टॉकीज के बाहर जमे रहे। अधिकारी समय-समय पर दोनाें सिनेमाघरों का दौरा करते रहें। आला अधिकारी फोन पर अधनीस्थ अधिकारियाें से फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कार्यकर्ताओं के विरोध की जानकारी लेते रहे। वहीं भाजपा विधायक और चेयरमैन के आंदोलनकारियों के धरने में पहुंचने से मामले ने सियासी रंग लेने की आशंका पैदा हो गई है।
गुरुवार को दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण लक्ष्मी टॉकीज में फिल्म का एक भी शो नहीं चल सका था। शुक्रवार को 26 जनवरी के दिन पहला शो शुरू किया गया। शहर के कई लोग हिम्मत जुटाकर फिल्म देखने भी पहुंचे। इससे उत्साहित शहर के माया टॉकीज ने भी पद्मावत का पोस्टर लगाकर फिल्म के प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी।
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लिहाजा, पुलिस को माया टॉकीज के बाहर भी सुरक्षा बंदोबस्त करने पड़े। पुलिस की सख्ती के बावजूद क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मी टॉकीज के बाहर धरना दिया। इस धरने में सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना और नगर पालिका हाथरस के चेयरमैन आशीष शर्मा भी शामिल हुए। योगी सरकार के फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाने के बावजूद दोनों भाजपा नेता धरने में शामिल हुए। इस दौरान वीरेंद्र सिंह राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिल्मकारों ने हमेशा ही क्षत्रियों को फिल्म में नकारात्मक भूमिका में दिखाया है। अगर फिल्म वालों का वश चले तो वह किसी को भी फिल्म में नचा दें।
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दोनों टॉकीजों के बाहर पुलिस का सख्त पहरा रहा। रात में भी पुलिसकर्मी टॉकीज के बाहर जमे रहे। अधिकारी समय-समय पर दोनाें सिनेमाघरों का दौरा करते रहें। आला अधिकारी फोन पर अधनीस्थ अधिकारियाें से फिल्म के प्रदर्शन को लेकर कार्यकर्ताओं के विरोध की जानकारी लेते रहे। वहीं भाजपा विधायक और चेयरमैन के आंदोलनकारियों के धरने में पहुंचने से मामले ने सियासी रंग लेने की आशंका पैदा हो गई है।
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गुरुवार को दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं के विरोध के कारण लक्ष्मी टॉकीज में फिल्म का एक भी शो नहीं चल सका था। शुक्रवार को 26 जनवरी के दिन पहला शो शुरू किया गया। शहर के कई लोग हिम्मत जुटाकर फिल्म देखने भी पहुंचे। इससे उत्साहित शहर के माया टॉकीज ने भी पद्मावत का पोस्टर लगाकर फिल्म के प्रदर्शन की तैयारी शुरू कर दी।
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लिहाजा, पुलिस को माया टॉकीज के बाहर भी सुरक्षा बंदोबस्त करने पड़े। पुलिस की सख्ती के बावजूद क्षत्रिय महासभा और प्रताप सेना के कार्यकर्ताओं का विरोध जारी रहा। शुक्रवार को कार्यकर्ताओं ने लक्ष्मी टॉकीज के बाहर धरना दिया। इस धरने में सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना और नगर पालिका हाथरस के चेयरमैन आशीष शर्मा भी शामिल हुए। योगी सरकार के फिल्म के प्रदर्शन पर रोक नहीं लगाने के बावजूद दोनों भाजपा नेता धरने में शामिल हुए। इस दौरान वीरेंद्र सिंह राणा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि फिल्मकारों ने हमेशा ही क्षत्रियों को फिल्म में नकारात्मक भूमिका में दिखाया है। अगर फिल्म वालों का वश चले तो वह किसी को भी फिल्म में नचा दें।