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Hathras News: मंडी में धान की आवक थामी, निकासी में जुटे व्यापारी
Thu, 16 Oct 2025 02:21 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 16 Oct 2025 02:21 AM IST
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अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में लगा धान का ढेर।संवाद
- फोटो : samvad
कृषि उत्पादन मंडी समिति में मंगलवार को हुई मारामारी को देखते हुए धान की आवक थाम दी गई। कई किसान देर रात वापस हुए, लेकिन कई भाड़ा बचाने के लिए रातभर मंडी के आसपास इंतजार करते रहे। सुबह उन्हें प्रवेश मिला, तब धान बेचा जा सका। बुधवार को मंडी में 20 हजार क्विंटल धान की खरीद की गई।
मंडियों में धान की आवक बढ़ने का एक मूल कारण खेती का मशीनीकरण है। पहले हाथ से धान की कटाई होती थी, जिससे धीरे-धीरे धान मंडी पहुंचता था। अब कंबाइन हार्वेस्टर मशीन से कटाई हो रही है। एक-एक दिन में 50 बीघा तक कटाई हो जाती है।
त्योहार नजदीक होने के कारण तेजी से कटाई की जा रही है, जिससे किसानों को तो सुविधा हो रही है, लेकिन मंडी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धान की अत्यधिक आवक की वजह से इसी वजह से खैर, राया, मथुरा की मंडियां बंद की जा चुकी हैं। मंगलवार को यही हालात हाथरस मंडी में भी रहे और आनन-फानन धान की आवक रोकी गई। मंडी में धान की आवक रोकने के लिए मंडी प्रशासन ने आढ़तियों से संपर्क किया था और आढ़तियों ने अपने किसानों से। आढ़तियों ने फोन कर किसानों को फिलहाल आने से रोका। कुछ रुक गए और कुछ त्योहार के चलते मंडी पहुंच गए।
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मंडी से माल की निकासी पर रहा जोर
मंगलवार दोपहर बाद से अधिकारियों व व्यापारियों का जोर मंडी में खरीदे जा चुके माल निकासी पर रहा। मंगलवार रात तक इंतजार करने के बाद कई किसान लौट गए, लेकिन जो डटे रहे और बुधवार सात बजे से पहले जो मंडी पहुंच गए, उन्हें प्रवेश दिया गया। उनसे धान की खरीद भी हुई। उतराई व तौल का कार्य भी तेजी से किया गया। मंगलवार से रुके किसानों के माल की भी अनलोडिंग कराई गई। इधर, टिनशेड में एकत्रित किए गए माल को बोरियों में भरकर ट्रकों के जरिये हरियाणा की चावल मिल और निर्यातकों को भेजा गया। बुधवार को लगभग 55 हजार क्विंटल धान मंडी से बाहर निकाला गया।
त्योहार का सीजन है। धान बेचने के लिए भटकना पड़ रहा। सुबह सात बजे गेट बंद होने की सूचना पर हम सुबह छह बजे ही आ गए थे। इस कारण प्रवेश मिल गया। गनीमत रही कि धान बिक गया और 2985 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल गए हैं।
-अमित शर्मा, भौसनाबाद, बरहन
आढ़ती का फोन आया था कि अभी धान लेकर नहीं आना है। रखने की जगह नहीं है, लेकिन त्योहार नजदीक है। इस कारण हम तो सुबह ही आ गए थे। समय से आने के कारण माल बिक गया है।
-सुधीर निवासी महमूदपुर
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मंडियों में धान की आवक बढ़ने का एक मूल कारण खेती का मशीनीकरण है। पहले हाथ से धान की कटाई होती थी, जिससे धीरे-धीरे धान मंडी पहुंचता था। अब कंबाइन हार्वेस्टर मशीन से कटाई हो रही है। एक-एक दिन में 50 बीघा तक कटाई हो जाती है।
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त्योहार नजदीक होने के कारण तेजी से कटाई की जा रही है, जिससे किसानों को तो सुविधा हो रही है, लेकिन मंडी प्रशासन की मुश्किलें बढ़ गई हैं। धान की अत्यधिक आवक की वजह से इसी वजह से खैर, राया, मथुरा की मंडियां बंद की जा चुकी हैं। मंगलवार को यही हालात हाथरस मंडी में भी रहे और आनन-फानन धान की आवक रोकी गई। मंडी में धान की आवक रोकने के लिए मंडी प्रशासन ने आढ़तियों से संपर्क किया था और आढ़तियों ने अपने किसानों से। आढ़तियों ने फोन कर किसानों को फिलहाल आने से रोका। कुछ रुक गए और कुछ त्योहार के चलते मंडी पहुंच गए।
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मंडी से माल की निकासी पर रहा जोर
मंगलवार दोपहर बाद से अधिकारियों व व्यापारियों का जोर मंडी में खरीदे जा चुके माल निकासी पर रहा। मंगलवार रात तक इंतजार करने के बाद कई किसान लौट गए, लेकिन जो डटे रहे और बुधवार सात बजे से पहले जो मंडी पहुंच गए, उन्हें प्रवेश दिया गया। उनसे धान की खरीद भी हुई। उतराई व तौल का कार्य भी तेजी से किया गया। मंगलवार से रुके किसानों के माल की भी अनलोडिंग कराई गई। इधर, टिनशेड में एकत्रित किए गए माल को बोरियों में भरकर ट्रकों के जरिये हरियाणा की चावल मिल और निर्यातकों को भेजा गया। बुधवार को लगभग 55 हजार क्विंटल धान मंडी से बाहर निकाला गया।
त्योहार का सीजन है। धान बेचने के लिए भटकना पड़ रहा। सुबह सात बजे गेट बंद होने की सूचना पर हम सुबह छह बजे ही आ गए थे। इस कारण प्रवेश मिल गया। गनीमत रही कि धान बिक गया और 2985 रुपये प्रति क्विंटल के दाम मिल गए हैं।
-अमित शर्मा, भौसनाबाद, बरहन
आढ़ती का फोन आया था कि अभी धान लेकर नहीं आना है। रखने की जगह नहीं है, लेकिन त्योहार नजदीक है। इस कारण हम तो सुबह ही आ गए थे। समय से आने के कारण माल बिक गया है।
-सुधीर निवासी महमूदपुर