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किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवक को न्यायालय ने सुनाई दस साल कैद की सजा
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किशोरी से दुष्कर्म करने वाले युवक को दस साल कैद
एडीजे प्रथम ने सुनाया फैसला, दोषी को अर्थदंड भी देना होगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। एडीजे प्रथम ने दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चंदपा क्षेत्र के एक गांव का एक युवक 15 जुलाई 2018 को 16 वर्षीय एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया। यह युवक इस किशोरी को फोन भी करता था। किशोरी के पिता ने इस मामले की रिपोर्ट सुमित पुत्र छोटेलाल के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने बरामदगी के बाद किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया। इसमें यह पाया गया कि उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम आशीष जैन के न्यायालय में सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता (क्रिमनल) हरिओम शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी सुमित को दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता यज्ञदत्त गौतम व दिगंबर सिंह सिसौदिया ने पैरवी की।
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एडीजे प्रथम ने सुनाया फैसला, दोषी को अर्थदंड भी देना होगा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। एडीजे प्रथम ने दुष्कर्म के एक आरोपी को दोषी मानते हुए उसे 10 साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार चंदपा क्षेत्र के एक गांव का एक युवक 15 जुलाई 2018 को 16 वर्षीय एक किशोरी को बहला-फुसलाकर अपहरण कर ले गया। यह युवक इस किशोरी को फोन भी करता था। किशोरी के पिता ने इस मामले की रिपोर्ट सुमित पुत्र छोटेलाल के खिलाफ दर्ज कराई। पुलिस ने बरामदगी के बाद किशोरी का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया। इसमें यह पाया गया कि उसके साथ दुष्कर्म भी किया गया।
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पुलिस ने आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई एडीजे प्रथम आशीष जैन के न्यायालय में सुनाई। जिला शासकीय अधिवक्ता (क्रिमनल) हरिओम शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी सुमित को दोषी मानते हुए उसे 10 वर्ष की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। अभियोजन पक्ष की ओर से डीजीसी के अलावा वरिष्ठ अधिवक्ता यज्ञदत्त गौतम व दिगंबर सिंह सिसौदिया ने पैरवी की।
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