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Hathras News: ऑनलाइन गेमिंग की लत ने बनाया अपराधी, इंजीनियरिंग के छात्र ने रची खुद के अपहरण की साजिश
Sun, 23 Apr 2023 09:35 PM IST
चमन शर्मा
लकी शर्मा, अमर उजाला, हाथरस
लकी शर्मा, अमर उजाला, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Sun, 23 Apr 2023 09:35 PM IST
सार
करीब ढाई माह पूर्व उसने इंटरनेट के माध्यम से फेंटेसी गेम खेलना शुरू किया था। जिसमें वह काफी रुपये हार गया था। दुष्यंत ने अपने एक दोस्त आशीष निवासी तमनागढ़ी से ब्याज पर रुपये लिए थे, लेकिन लगातार हार से कर्ज ब्याज सहित बढता चला गया। कर्जा चुकाने के लिए उसने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रच डाली और परिजनों से फिरौती वसूलने की योजना बनाई।
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पकड़े गए दोस्त
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
थाना हाथरस गेट क्षेत्र की साकेत कालेनी निवासी इंजीनियरिंग के एक छात्र को ऑनलाइन गेमिंग के शौक ने अपराधी बना दिया। छात्र ने दोस्त के साथ मिलकर खुद के ही अपहरण की साजिश रच डाली। दोस्त की सहायता से उसने अपने ही परिजनों से फिरौती भी मांगी। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
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शहर की साकेत कालोनी निवासी अशोक कुमार ने 16 अप्रैल को हाथरस गेट थाने पर सूचना दी थी कि उसका 25 वर्षीय पुत्र दुष्यन्त सिंह सुंदर दीप इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद में इंजीनीयरिंग का अंतिम वर्ष का छात्र है। 15 अप्रैल को वह घर से एचएडी ट्रेन से गाजियाबाद गया था, लेकिन वापस नही आया। इसके बाद दुष्यन्त के मोबाइल नंबर से फिरौती की मांग की जाने लगी। इस संबंध में तहरीर के आधार पर थाना हाथरस गेट पर मुकदमा दर्ज कर लिया।
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पुलिस अधीक्षक हाथरस देवेश कुमार पांडे ने घटना के खुलासे के लिए टीमों का गठन कर दिया। पुलिस टीम ने दिल्ली आईएसबीटी से दुष्यंत को बरामद कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह सुन्दर दीप इंजीनियरिंग कॉलेज गाजियाबाद का अंतिम वर्ष का छात्र है । करीब ढाई माह पूर्व उसने इंटरनेट के माध्यम से फेंटेसी गेम खेलना शुरू किया था। जिसमें वह काफी रुपये हार गया था। दुष्यंत ने अपने एक दोस्त आशीष निवासी तमनागढ़ी से ब्याज पर रुपये लिए थे, लेकिन लगातार हार से कर्ज ब्याज सहित बढता चला गया। कर्जा चुकाने के लिए उसने खुद ही अपने अपहरण की साजिश रच डाली और परिजनों से फिरौती वसूलने की योजना बनाई।
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घटना के एक दिन पूर्व अपने पिता के साथ अपने मूल गांव कौमरी थाना सासनी गया और उसने अपना फोन बंद कर लिया। अगले दिन 15 अप्रैल को अपने पुराने दोस्त भानु प्रताप निवासी छटींकरा थाना जैंत जिला मथुरा के पास पहुंचा और उसे पूरी बात बताई। इसके बाद दोनों ने मिलकर योजना के तहत काम शुरू कर दिया। दुष्यंत के परिजनों ने उसका फोटो मांगा, जिससे उनको विश्वास हो जाए कि उनके बेटे का अपहरण हुआ है।
दुष्यंत ने छंटीकरा के पास झाडियों में लेटकर अपना फोटो अपने साथी भानुप्रताप से खिंचवाया व भानुप्रताप के मोबाइल से व्हाट्सअप के जरिए भेज दिया और फिरौती की मांग कराई। जिससे उसके परिजन डर गए । इसके बाद दुष्यंत ने बैंक एकांउट नंबर दे दिया। ये वही नंबर था जिससे वह ऑनलाइन गेम खेलता था। परिजनों द्वारा किसी अनहोनी के डर से फिरौती की रकम तीन बार में क्रमश: 5000-5000 एवं 4000 रुपये भेजी। दुष्यंत ने डाली गई रकम इधर-उधर कर दी, और रुपये डालने की धमकी के मैसेज भिजवा दिए। इस दौरान वह एक जगह नही रुकता था।
होटल में था ज्यादा खर्च इसलिए रात में करता था सफर
होटल में रुकने का खर्चा ज्यादा आता था इसलिए उसने सोचा कि चंडीगढ से दिल्ली का किराया मात्र 300 रुपये है। वह रात्रि में दिल्ली से चंडीगढ के लिए सफर करता, जिससे उसकी एक रात 300 रुपये में कट जाती। होटल में रुकने पर 1200 रुपये खर्चा होता था। पुलिस ने दुष्यंत को दिल्ली आईएसबीटी से बरामद कर लिया।
ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश
पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ की तो कॉलेज से जानकारी मिली कि दुष्यंत पूर्व में भी कॉलेज में फीस न देकर फर्जी फीस की रसीद घर दे चुका है । वह रिश्तेदारों से भी रुपये मांगता रहता है। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस टीम ने सीसीटीवी खंगाले तो वह अपने साथी भानुप्रताप निवासी छंटीकरा में घूमता हुए देखा गया। पुलिस ने पहले भानु प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी सहयोग से दुष्यन्त के बारे में चंडीगढ एवं दिल्ली के मध्य होने की जानकारी मिली।
पुलिस एवं स्वाट टीम ने दिल्ली आईएसबीटी से दुष्यंत को भी बरामद कर लिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना हाथरस गेट प्रभारी सतेंद्र सिंह राघव, स्वाट टीम निरीक्षक आशोक कुमार सिंह आदि शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडे ने पुलिस टीम को उनके सराहनीय कार्य के लिये 15000 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।
ऐसे हुआ मामले का पर्दाफाश
पुलिस ने जब इस मामले में पूछताछ की तो कॉलेज से जानकारी मिली कि दुष्यंत पूर्व में भी कॉलेज में फीस न देकर फर्जी फीस की रसीद घर दे चुका है । वह रिश्तेदारों से भी रुपये मांगता रहता है। इस पर पुलिस को उस पर शक हुआ। पुलिस टीम ने सीसीटीवी खंगाले तो वह अपने साथी भानुप्रताप निवासी छंटीकरा में घूमता हुए देखा गया। पुलिस ने पहले भानु प्रताप को गिरफ्तार कर लिया। तकनीकी सहयोग से दुष्यन्त के बारे में चंडीगढ एवं दिल्ली के मध्य होने की जानकारी मिली।
पुलिस एवं स्वाट टीम ने दिल्ली आईएसबीटी से दुष्यंत को भी बरामद कर लिया। गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीम में थाना हाथरस गेट प्रभारी सतेंद्र सिंह राघव, स्वाट टीम निरीक्षक आशोक कुमार सिंह आदि शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक देवेश कुमार पांडे ने पुलिस टीम को उनके सराहनीय कार्य के लिये 15000 रुपये के नगद पुरस्कार की घोषणा की है।