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Hathras: प्रसूता व शिशु की मौत के बाद नर्सिंग होम किया सील, मृतका के पिता ने थाने में दी तहरीर, जांच शुरू
Fri, 08 May 2026 10:13 PM IST
Chaman Kumar Sharma
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Fri, 08 May 2026 10:13 PM IST
सार
गर्भवती महिला व गर्भस्थ शिशु की मौत के बाद तहसीलदार और सीएचसी प्रभारी ने अस्पताल को सील करा दिया है। मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर और उनके स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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गर्भवती महिला की मौत के बाद निजी अस्पताल को सील करता पुलिस कर्मी
- फोटो : प्रशासन
विस्तार
सासनी कस्बा की पुरानी सब्जी मंडी में 7 मई की शाम को उपचार के दौरान एक गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु की की मौत के बाद 8 मई को प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने नव ज्योति नर्सिंग होम को सील करा दिया। परिजनों ने हॉस्पिटल के स्टाफ पर लापरवाही से इलाज करते हुए गर्भवती महिला को मारने का आरोप लगाया था और पिता ने थाने में तहरीर दी थी।
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दरअसल, 7 मई की शाम करीब पांच बजे 28 वर्षीय पिंकी पत्नी बंटू को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार के लोग सुबह कस्बा के नव ज्योति नर्सिंग होम में उपचार के लिए लेकर पहुंचे थे। प्रसव के दौरान शाम करीब पांच बजे पिंकी और उसके गर्भस्थ शिशु की मौत हो गई, जिससे नाराज परिवार के लोगों ने अस्पताल में हंगामा किया था।
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पिंकी के पिता प्रकाशचंद्र ने कोतवाली में तहरीर देकर अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ पर उपचार में लापरवाही का आरोप लगाया था। 8 मई को तहसीलदार डॉली यादव, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाॅ. पंकज कुमार, डाॅ. शालिनी शर्मा, और क्षेत्रीय लेखपाल विवेक वार्ष्णेय की टीम ने नर्सिंग होम को सील करा दिया। सीएमओ डाॅ.राजीव राय का कहना है कि तहसीलदार और सीएचसी प्रभारी ने अस्पताल को सील करा दिया है। मामले की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर डॉक्टर और उनके स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोतवाली निरीक्षक ने सौंपी थी रिपोर्ट
गौरतलब है कि प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने तीन दिन पहले ही क्षेत्र के अवैध रूप से चल रहे अस्पतालों को चिह्नित कर सीएमओ को 21 झोलाछापों की रिपोर्ट सौंपी थी, लेकिन स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने यह रिपोर्ट एक झोलाछाप के यहां बच्चे की मौत के बाद सौंपी थी। अगर स्वास्थ्य विभाग इन पर कार्रवाई नहीं करेगा तो इसी तरह इलाज में लापरवाही से लोगों की जान जाती रहेगी।