फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Now the first consignment of potatoes from Saadabad has left for Russia

Hathras News: अब रूस रवाना हुई सादाबाद के आलू की पहली खेप

Tue, 03 Mar 2026 02:16 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Tue, 03 Mar 2026 02:16 AM IST
विज्ञापन
Now the first consignment of potatoes from Saadabad has left for Russia
रूस भेजने के लिए पैक किया गया आलू।  संवाद - फोटो : Samvad
अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों पर पूरी तरह खरा उतरने के बाद सादाबाद क्षेत्र के 3797 किस्म के आलू की पहली बड़ी व्यावसायिक खेप रूस के लिए रवाना कर दी गई है। 10 अत्याधुनिक रेफ्रिजरेटेड कंटेनरों में लदे 41,840 पैकेट (प्रत्येक पांच किग्रा) गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचे, जहां से समुद्री मार्ग के जरिये उन्हें रूस भेजा गया।
विज्ञापन




निर्यात से पहले विस्तृत गुणवत्ता परीक्षण, ग्रेडिंग और पैकेजिंग की प्रक्रिया पूरी की गई। रूस की लैब में जांच के दौरान 3797 और सूर्या किस्म अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरी उतरीं। दरअसल, निर्यात अप्रैल से शुरू करने की योजना थी, लेकिन रूस में आलू की कीमतों में तेजी और आयातकों की बढ़ती मांग के चलते शिपमेंट तय समय से पहले भेजा गया।
विज्ञापन




गुणवत्ता स्वीकृति पहले ही मिल चुकी थी, इसलिए प्रक्रिया को तुरंत सक्रिय किया गया। निर्यातकों के अनुसार अब नवंबर तक प्रत्येक माह नियमित शिपमेंट की रूपरेखा तैयार की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन





राजनीतिक स्तर पर भी उठा मुद्दा

सादाबाद के विधायक प्रदीप चौधरी उर्फ गुड्डू चौधरी ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान आलू के वैश्विक निर्यात का मुद्दा उठाया था। वहीं केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी ने बिसावर में आयोजित कार्यक्रम में आलू को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने की प्रतिबद्धता दोहराई थी।




व्यापार और किसानों के लिए अवसर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरा उतरना किसी भी कृषि उत्पाद के लिए वैश्विक बाजार में प्रवेश की सबसे बड़ी शर्त होती है। इस सफलता से भारतीय निर्यातकों की विश्वसनीयता मजबूत हुई है। बड़े अनुबंध, बेहतर मूल्य निर्धारण और विदेशी मुद्रा अर्जन की संभावनाएं बढ़ी हैं। कोल्ड स्टोर संचालकों को भी योजनाबद्ध निकासी और तेज स्टॉक रोटेशन का लाभ मिल सकता है।




हमारे क्षेत्र का 3797 किस्म का आलू गुणवत्ता के मामले में किसी से कम नहीं है। अंतरराष्ट्रीय मानकों पर सफल होने के बाद पहली खेप का रवाना होना सादाबाद के किसानों की मेहनत की जीत है। हमारी कोशिश रहेगी कि यह निर्यात निरंतर जारी रहे और किसानों को उनकी उपज का सर्वोत्तम मूल्य मिले।
-प्रदीप चौधरी, विधायक, सादाबाद।




हमने 3797 किस्म पर शुरू से भरोसा रखा। साइज, चमक और स्टोरेज क्षमता पर खास ध्यान दिया। जब पता चला कि यही माल निर्यात के लिए चुना गया है तो लगा मेहनत सफल हुई। निर्यात लगातार जारी रहा तो इसकी खेती और बढ़ेगी।

-रामवीर सिंह, आलू उत्पादक किसान।




ग्रेडिंग और चयन में कोई समझौता नहीं किया। लागत थोड़ी अधिक आती है, लेकिन गुणवत्ता से बाजार में अलग पहचान बनती है। रूस के लिए खेप जाना गर्व की बात है।”
गंभीर सिंह, प्रगतिशील किसान।





“सही उत्पादन पद्धति अपनाई जाए तो हमारा आलू वैश्विक मानकों पर खरा उतर सकता है। अब जरूरत है कि निर्यात प्रक्रिया पारदर्शी और नियमित बनी रहे, ताकि किसानों को स्थायी लाभ मिल सके।”
-राजेश चौधरी, किसान




सादाबाद में आलू की खोदाई के साथ निर्यात शुरू हो गया है। यह किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। निर्यात से एक रेटों के साथ एक अलग पहचान बनेगी।
-सुनील कुमार, जिला उद्यान अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed