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सरकार चाहे जितना जुल्म कर ले... किसान मर जाएगा, टूटेगा नहीं
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों पर हरियाणा के हिसार में किए गए लाठीचार्ज और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने पर कांग्रेस, सपा, रालोद नेताओं ने भर्त्सना की है। इसे लेकर वहां की सरकार को आड़े हाथों लिया है और अन्नदाता पर इस तरह के जुल्म ढाने वाली सरकार को चेतावनी भी दी है।
सभी का कहना है कि सरकार चाहे जितना जुल्म कर ले लेकिन, किसान नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि किसान मर सकता है लेकिन, टूट नहीं सकता है।
- हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा करता हूं। कोरोना के नाम पर किसान आंदोलन को लाठियों के दम पर कुचलने का इरादा रखने वाली सरकार ये साफ समझ ले किसान मर सकता है, टूटेगा नही। यदि मुख्यमंत्री खट्टर साहब कोरोना प्रोटोकाल का उल्लंघन कर उद्घाटन स्थल पर सैकड़ों की भीड़ जुटा सकते हैं, तो विरोध करने वाले किसानों पर प्रश्न करने का उनको कोई नैतिक अधिकार नहीं है। - डॉ. अनिल चौधरी, पूर्व विधायक, अध्यक्ष किसान कांग्रेस पश्चिम उत्तर प्रदेश
- यह सुनकर बहुत ही व्यथित हूं कि हिसार में कोरोना महामारी के नाम पर किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। यह निंदनीय है। किसान देश को अन्न उपलब्ध कराता है, और उसके साथ ही वहां की सरकार द्वारा इस तरह से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। किसानों पर अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। रालोद हरियाणा के किसानों की आवाज को बुलंद करेगा। सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। - गुड्डू चौधरी, जिपं सदस्य और वरिष्ठ रालोद नेता
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- कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर हिसार में लाठी चार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ना अत्याचार है। हरियाणा की सरकार नहीं चाहती थी कि किसानों का आंदोलन चले। कोविड अस्पताल का उद्घाटन ऑनलाइन भी हो सकता था, लेकिन वहां के मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर उद्घाटन स्थल पर पहुंचकर स्वयं उद्घाटन किया। यूपी का किसान हरियाणा के किसानों के साथ है। - जैनुद्दीन चौधरी, जिला महासचिव, सपा
- हिसार में किसानों के ऊपर हुआ लाठीचार्ज बर्बरता है। सरकार चाहे कितने भी जुल्म कर ले, पर ये किसान झुकने वाले नहीं है। निहत्थे किसानों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल से एक प्रश्न पूछना चाहता हूं कि जब कोरोना में इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है तो क्या उद्घाटन ऑनलाइन नहीं हो सकता था? किसानों पर लाठीचार्ज करने के बजाय सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। - अनुज शर्मा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष, सादाबाद।
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कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलनरत किसानों पर हरियाणा के हिसार में किए गए लाठीचार्ज और उन पर आंसू गैस के गोले छोड़े जाने पर कांग्रेस, सपा, रालोद नेताओं ने भर्त्सना की है। इसे लेकर वहां की सरकार को आड़े हाथों लिया है और अन्नदाता पर इस तरह के जुल्म ढाने वाली सरकार को चेतावनी भी दी है।
सभी का कहना है कि सरकार चाहे जितना जुल्म कर ले लेकिन, किसान नहीं झुकेगा। उन्होंने कहा कि किसान मर सकता है लेकिन, टूट नहीं सकता है।
- हिसार में किसानों पर हुए लाठीचार्ज की घोर निंदा करता हूं। कोरोना के नाम पर किसान आंदोलन को लाठियों के दम पर कुचलने का इरादा रखने वाली सरकार ये साफ समझ ले किसान मर सकता है, टूटेगा नही। यदि मुख्यमंत्री खट्टर साहब कोरोना प्रोटोकाल का उल्लंघन कर उद्घाटन स्थल पर सैकड़ों की भीड़ जुटा सकते हैं, तो विरोध करने वाले किसानों पर प्रश्न करने का उनको कोई नैतिक अधिकार नहीं है। - डॉ. अनिल चौधरी, पूर्व विधायक, अध्यक्ष किसान कांग्रेस पश्चिम उत्तर प्रदेश
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- यह सुनकर बहुत ही व्यथित हूं कि हिसार में कोरोना महामारी के नाम पर किसानों पर लाठीचार्ज किया गया। यह निंदनीय है। किसान देश को अन्न उपलब्ध कराता है, और उसके साथ ही वहां की सरकार द्वारा इस तरह से दुर्व्यवहार किया जा रहा है। किसानों पर अत्याचार किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा। रालोद हरियाणा के किसानों की आवाज को बुलंद करेगा। सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। - गुड्डू चौधरी, जिपं सदस्य और वरिष्ठ रालोद नेता
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- कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों पर हिसार में लाठी चार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ना अत्याचार है। हरियाणा की सरकार नहीं चाहती थी कि किसानों का आंदोलन चले। कोविड अस्पताल का उद्घाटन ऑनलाइन भी हो सकता था, लेकिन वहां के मुख्यमंत्री ने प्रोटोकॉल का उल्लंघन कर उद्घाटन स्थल पर पहुंचकर स्वयं उद्घाटन किया। यूपी का किसान हरियाणा के किसानों के साथ है। - जैनुद्दीन चौधरी, जिला महासचिव, सपा
- हिसार में किसानों के ऊपर हुआ लाठीचार्ज बर्बरता है। सरकार चाहे कितने भी जुल्म कर ले, पर ये किसान झुकने वाले नहीं है। निहत्थे किसानों पर लाठीचार्ज दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं मुख्यमंत्री मनोहर लाल से एक प्रश्न पूछना चाहता हूं कि जब कोरोना में इकट्ठा होने पर प्रतिबंध है तो क्या उद्घाटन ऑनलाइन नहीं हो सकता था? किसानों पर लाठीचार्ज करने के बजाय सरकार को इन कानूनों को वापस ले लेना चाहिए। - अनुज शर्मा, नगर कांग्रेस अध्यक्ष, सादाबाद।