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Hathras: यात्रियों को मौत की नींद सुला रही चालकों की झपकी, हादसों से सबक नहीं ले रहा रोडवेज

Tue, 30 Jul 2024 04:11 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Tue, 30 Jul 2024 04:11 PM IST
सार

हाथरस डिपो से लंबी दूरी की कुल आठ बसों का संचालन किया जा रहा है। नियमानुसार 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर दो चालक होने चाहिए, लेकिन चालकों की कमी के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। हाथरस से लखनऊ जाने वाली दो, हरिद्वार-देहरादून की दो और हल्द्वानी की दो बसों पर मात्र एक-एक चालक है।

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Napping of drivers is putting passengers to death
यूपी रोडवेज बस - फोटो : संवाद

विस्तार

नींद की झपकी आने से आए दिन रोडवेज बसों की भिड़ंत हो रही है। इसके बाद भी रोडवेज प्रशासन लंबी दूरी की बसों में मानकों के अनुसार दो चालकों की तैनाती नहीं कर रहा है। आलम ये है कि हाथरस से लखनऊ, हरिद्वार, देहरादून और हल्द्वानी तक का लंबा सफर तय करने वाली रोडवेज बसों में एक-एक चालक ही है।

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हाथरस डिपो से लंबी दूरी की कुल आठ बसों का संचालन किया जा रहा है। नियमानुसार 300 किलोमीटर से अधिक की दूरी पर दो चालक होने चाहिए, लेकिन चालकों की कमी के कारण ऐसा नहीं हो रहा है। हाथरस से लखनऊ जाने वाली दो, हरिद्वार-देहरादून की दो और हल्द्वानी की दो बसों पर मात्र एक-एक चालक है। सिर्फ अयोध्या जाने वाली दो बसों पर दो-दो चालक तैनात हैं। बाकी सभी में एक-एक चालक है।
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मानक के अनुसार 300 किलोमीटर दूरी की यात्रा 10 घंटे में होना चाहिए। इस समय लखनऊ सहित कई जगह पर बसें 10 घंटे के अंदर पहुंच रही हैं। लखनऊ और हरिद्वार की बसों पर एक अगस्त से दो-दो चालकों को तैनात करेंगे।-वीरी सिंह, स्टेशन प्रभारी हाथरस डिपो।

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85 बसों को चलाने के लिए 120 चालक

हाथरस डिपो के पास वर्तमान में 85 बसें हैं। इनको चलाने के लिए 160 चालकों की आवश्यकता है, लेकिन वर्तमान में 120 ही तैनात हैं। आलम ये है कि कई बार चालक की कमी के कारण बसें खड़ी रहतीं हैं। लंबी दूरी की बसों में दो चालकों को भेजना समस्या बन गया है।

केस नंबर 1
11 जुलाई को एटा मार्ग पर गांव टोली के निकट बांगरमऊ जा रही निजी बस पेट्रोल पंप के पास खड़े कंटेनर टे टकरा गई। इसमें तीन लोगों की मौत हो गई और 37 घायल हो गए थे।
केस नंबर 2
22 जुलाई को सिकंदराराऊ के कासगंज रोड स्थित गांव निहालपुर के निकट रोडवेज बस चालक को झपकी आने की वजह से दो रोडवेज बसें आमने सामने से भिड़ गईं थीं। इस हादसे में 11 यात्री घायल हुए थे।

केस नंबर-3-्
26 जुलाई को सिकंदराराऊ के एटा रोड पर गांव रतिभानुपर के निकट सुबह छह बजे एक ऑटो आगे जा रहे अज्ञात वाहन से टकरा गया। हादसे में चालक की मौके पर ही मौत हो गई और उसके भाई ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।
केस नंबर 4
16 जुलाई को अलीगढ़ के गंगीरी कोतवाली क्षेत्र के गांव उदयपुर निवासी एक परिवार आगरा से लौट रहा था। आगरा-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग के कोतवाली चंदपा क्षेत्र के गांव कुंवरपुर में चालक को नींद की झपकी आ गई। कार और मैक्स की भिड़ंत हो गई। 12 लोग घायल हो गए थे।

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