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सादाबाद में कुश्ती लड़ने ओ थे मुलायम सिंह, बिना लड़े ही हो गए थे विजयी
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पूर्व विधायक हुकुम चंद तिवारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सादाबाद के पूर्व विधायक हुुकुमचंद तिवारी बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव अच्छे पहलवान थे। वर्ष 1962 में वह सादाबाद के गांव नगला कली में कुश्ती दंगल में भी भाग लेने आए थे। उस समय सादाबाद मथुरा जिले में शामिल था। आखिरी कुश्ती 51 रुपये की हुई थी लेकिन मुलायम सिंह यादव के सामने कोई कुश्ती ही नहीं लड़ा और इस दंगल में मुलायम सिंह यादव को विजयी घोषित किया गया।
मुलायम सिंह यादव से अपनी नजदीकियों का जिक्र करते हुए तिवारी ने बताया कि वर्ष 1963 में जब डॉ. राममनोहर लोहिया ने फरुर्खाबाद से उपचुनाव लड़ा तो उन्होंने और मुलायम सिंह दोनों ने साइकिल पर प्रचार किया था।
तिवारी ने बताया कि वर्ष 1977 में वह जनता पार्टी से सादाबाद से चुनाव लड़े तो मुलायम सिंह यादव सहकारिता मंत्री थे। उस समय वह कई बार सादाबाद में उनके प्रचार में आए। तिवारी बताते हैं कि मुलायम सिंह से उनके पारिवारिक संबंध थे। वह जब भी मथुरा आते थे तो उनसे मिलकर जाते थे। संवाद
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सादाबाद के पूर्व विधायक हुुकुमचंद तिवारी बताते हैं कि मुलायम सिंह यादव अच्छे पहलवान थे। वर्ष 1962 में वह सादाबाद के गांव नगला कली में कुश्ती दंगल में भी भाग लेने आए थे। उस समय सादाबाद मथुरा जिले में शामिल था। आखिरी कुश्ती 51 रुपये की हुई थी लेकिन मुलायम सिंह यादव के सामने कोई कुश्ती ही नहीं लड़ा और इस दंगल में मुलायम सिंह यादव को विजयी घोषित किया गया।
मुलायम सिंह यादव से अपनी नजदीकियों का जिक्र करते हुए तिवारी ने बताया कि वर्ष 1963 में जब डॉ. राममनोहर लोहिया ने फरुर्खाबाद से उपचुनाव लड़ा तो उन्होंने और मुलायम सिंह दोनों ने साइकिल पर प्रचार किया था।
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तिवारी ने बताया कि वर्ष 1977 में वह जनता पार्टी से सादाबाद से चुनाव लड़े तो मुलायम सिंह यादव सहकारिता मंत्री थे। उस समय वह कई बार सादाबाद में उनके प्रचार में आए। तिवारी बताते हैं कि मुलायम सिंह से उनके पारिवारिक संबंध थे। वह जब भी मथुरा आते थे तो उनसे मिलकर जाते थे। संवाद
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