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कछपुरा में विकराल रूप लेता जा रहा बुखार, अब नवजात शिशु और उसकी मां की हुई मौत
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस।
चंदपा थाना क्षेत्र के गांव कछपुरा में बुखार का प्रकोप जारी है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। गांव की एक महिला और उसके नवजात शिशु ने मंगलवार को आगरा में दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि उक्त महिला भी कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। बुखार के दौरान ही आगरा में उसे प्रसव हुआ। ऐसे में पहले तो नवजात शिशु की मौत हुई और उसके कुछ घंटे बाद ही इस महिला की भी मौत हो गई। इस महिला की बहन की पहले ही बुखार से मौत हो चुकी है। अब तक कछपुरा में फैला बुखार चार लोगों की जिंदगी लील चुका है। वहीं बुधवार को भी गांव में अफरा-तफरी और हायतौबा का माहौल बना रहा। सीडीओ, एडीएम, एसडीएम सदर, सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डेरा जमाए रही। विधायक भी गांव में पहुंचे और लोगों का हाल-चाल जाना। कई गंभीर रोगियों को उपचार के लिए वहां से रेफर कर दिया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव भी किया। गांव के जूनियर हाईस्कूल को अस्थायी रूप से अस्पताल बना दिया गया है। वहां मरीजों का उपचार जारी रहा।
चंदपा क्षेत्र के गांव कछपुरा में बुखार का कहर जारी है। पिछले छह दिन से गांव में फैला बुखार भयावह रूप लेता जा रहा है। इस बुखार की चपेट में आकर सबसे पहले नीलम पत्नी अजीत की मौत हुई। उसके बाद अजीत ने भी अगले दिन दम तोड़ दिया। अब नीलम की बहन विरमा देवी पत्नी भूरी सिंह की भी बुखार से मौत हो गई। यह दोनों बहनें इसी गांव में ब्याही थी। बताते हैं कि विरमा देवी कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। बहन और बहनोई की मौत के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। वह गर्भवती भी थी। उसे प्रसव क्रिया कराने के लिए जब परिजन सादाबाद ले गए तो वहां से उसे रेफर कर दिया गया। ऐसे में मंगलवार की रात्रि में आगरा के एक अस्पताल में उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। इस शिशु ने जन्म लेने के थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया। तदुपरांत कुछ घंटे बाद विरमा देवी की भी इस अस्पताल में मौत हो गई। पहले ही नीलम व अजीत की मौतों से गांव में कोहराम मचा था। उसके बाद जैसे ही उक्त महिला व उसके नवजात शिशु की मौत की खबर गांव में आई तो वहां और ज्यादा करुणकंद्रन शुरू हो गया। सुबह वहां एसडीएम सदर, एडीएम, सीडीओ पहुंचे तो इन अधिकारियों के सामने लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। लोगों का आरोप था कि गांव में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग उपचार के नाम पर केवल खानापूरी कर रहा है। जो मरीज जिला अस्पताल जा रहे हैं। उन्हें वहां से फटकार कर भगाया जा रहा है। इसके बाद जब सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना वहां पहुंचे तो उनके समक्ष भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना था कि अभी तक गंदी पोखर से पानी नहीं निकाला गया है। ऐसे में स्थिति बिगड़ रही है। विधायक ने इसे लेकर अधिकारियों को गांव में आड़े हाथों लिया और गंदे पानी की जल्द निकासी कराने को कहा। देर शाम तक गांव में लोगों में गम और गुस्सा था और अफरा-तफरी का माहौल था।
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चंदपा थाना क्षेत्र के गांव कछपुरा में बुखार का प्रकोप जारी है और हालात बेकाबू होते जा रहे हैं। गांव की एक महिला और उसके नवजात शिशु ने मंगलवार को आगरा में दम तोड़ दिया। परिजनों का कहना है कि उक्त महिला भी कई दिन से बुखार से पीड़ित थी। बुखार के दौरान ही आगरा में उसे प्रसव हुआ। ऐसे में पहले तो नवजात शिशु की मौत हुई और उसके कुछ घंटे बाद ही इस महिला की भी मौत हो गई। इस महिला की बहन की पहले ही बुखार से मौत हो चुकी है। अब तक कछपुरा में फैला बुखार चार लोगों की जिंदगी लील चुका है। वहीं बुधवार को भी गांव में अफरा-तफरी और हायतौबा का माहौल बना रहा। सीडीओ, एडीएम, एसडीएम सदर, सीएमओ और स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में डेरा जमाए रही। विधायक भी गांव में पहुंचे और लोगों का हाल-चाल जाना। कई गंभीर रोगियों को उपचार के लिए वहां से रेफर कर दिया गया। आक्रोशित ग्रामीणों ने अधिकारियों का घेराव भी किया। गांव के जूनियर हाईस्कूल को अस्थायी रूप से अस्पताल बना दिया गया है। वहां मरीजों का उपचार जारी रहा।
चंदपा क्षेत्र के गांव कछपुरा में बुखार का कहर जारी है। पिछले छह दिन से गांव में फैला बुखार भयावह रूप लेता जा रहा है। इस बुखार की चपेट में आकर सबसे पहले नीलम पत्नी अजीत की मौत हुई। उसके बाद अजीत ने भी अगले दिन दम तोड़ दिया। अब नीलम की बहन विरमा देवी पत्नी भूरी सिंह की भी बुखार से मौत हो गई। यह दोनों बहनें इसी गांव में ब्याही थी। बताते हैं कि विरमा देवी कई दिन से बुखार से पीड़ित थे। बहन और बहनोई की मौत के बाद उसकी हालत और बिगड़ गई। वह गर्भवती भी थी। उसे प्रसव क्रिया कराने के लिए जब परिजन सादाबाद ले गए तो वहां से उसे रेफर कर दिया गया। ऐसे में मंगलवार की रात्रि में आगरा के एक अस्पताल में उसने एक नवजात शिशु को जन्म दिया। इस शिशु ने जन्म लेने के थोड़ी देर बाद ही दम तोड़ दिया। तदुपरांत कुछ घंटे बाद विरमा देवी की भी इस अस्पताल में मौत हो गई। पहले ही नीलम व अजीत की मौतों से गांव में कोहराम मचा था। उसके बाद जैसे ही उक्त महिला व उसके नवजात शिशु की मौत की खबर गांव में आई तो वहां और ज्यादा करुणकंद्रन शुरू हो गया। सुबह वहां एसडीएम सदर, एडीएम, सीडीओ पहुंचे तो इन अधिकारियों के सामने लोगों ने अपना गुस्सा जाहिर किया। लोगों का आरोप था कि गांव में हालात बेकाबू होते जा रहे हैं और स्वास्थ्य विभाग उपचार के नाम पर केवल खानापूरी कर रहा है। जो मरीज जिला अस्पताल जा रहे हैं। उन्हें वहां से फटकार कर भगाया जा रहा है। इसके बाद जब सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना वहां पहुंचे तो उनके समक्ष भी लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों का कहना था कि अभी तक गंदी पोखर से पानी नहीं निकाला गया है। ऐसे में स्थिति बिगड़ रही है। विधायक ने इसे लेकर अधिकारियों को गांव में आड़े हाथों लिया और गंदे पानी की जल्द निकासी कराने को कहा। देर शाम तक गांव में लोगों में गम और गुस्सा था और अफरा-तफरी का माहौल था।

गांव कछपुरा में बीमार लोगों का हाल जानते विधायक सिकंद्रराराऊ वीरेन्द्र सिंह राना। - फोटो : HATHRAS
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