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Hathras News: राजेश टोंटा गैंग का सक्रिय सदस्य रहा है मोना ठाकुर
Sat, 04 Jul 2026 02:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 04 Jul 2026 02:13 AM IST
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जिला अस्पताल में भर्ती गोली लगने से घायल मोना ठाकुर। संवाद
- फोटो : Samvad
जरायम की दुनिया में मोना ठाकुर का पुराना नाम है। वह कुख्यात राजेश टोंटा के गिरोह का सक्रिय सदस्य रहा है। कुख्यात ब्रजेश मावी की हत्या में राजेश टोंटा व उसके गिरोह के साथ मोना ठाकुर का नाम भी सामने आया था।वर्ष 2015 में मथुरा जेल में हुई गैंगवार में ब्रजेश मावी गैंग के अक्षय सोलंकी की हत्या कर दी गई थी, इसमें राजेश टोंटा भी घायल हुआ था। इलाज के लिए आगरा ले जाते समय उसकी मथुरा के फरह क्षेत्र में गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद से यह गिरोह बिखर गया। लंबे समय तक मोना ठाकुर जेल में बंद रहा है।
कुख्यात मोना ठाकुर के पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जाने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। परिजनों को भी आभास हो गया था, इसलिए वे उसे तलाशते हुए सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए। तब तक पुलिस मोना ठाकुर को लेकर जिला अस्पताल लेकर नहीं पहुंची थी। पत्नी लगातार फोन पर रिश्तेदारों से संपर्क बनाए हुई थी और पति की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही थी।
कुछ देर बाद पुलिस जीप से मोना ठाकुर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस जीप से उतारा गया तो उसके दोनों पैरों में कपड़ा बंधा हुआ था तथा खून लगातार बह रहा था। बाएं पैर के घुटने व दाहिने पैर में घुटने से नीचे गोली लगी थी। घुटने से अधिक खून बह रहा था।
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इमरजेंसी में ले जाने के दौरान पुलिस ने तीमारदारों को बाहर कर दिया। चिकित्सक ने खून रोकने के लिए पट्टी बांधी और जरूरी इंजेक्शन व अन्य दवा दी। गोली का पता लगाने के लिए एक्सरे रूम में ले जाया गया। यहां एक्सरे कक्ष से सभी को बाहर किया गया। फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार व रेडियोलॉजिस्ट अंदर मौजूद रहे।
मिलने न देने पर बिफरी पत्नी, अभद्रता आरोप लगाया
एक्सरे के दौरान चिंतित पत्नी व परिवार के अन्य लोग कक्ष के बाहर ही बैठे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने घेर रखा था। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। दोबारा इमरजेंसी में लाने के दौरान पत्नी ने मोना से मिलने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर वह बिफर गई और चिल्लाते हुए पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया।
उसने यहां तक कहा कि उनके पति की कोई बात हुई है तो उनके साथ क्यों अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है, जबकि वे एक अधिवक्ता हैं। इस दौरान मोना की पत्नी ने पुलिस पर जमीन का काम करने पर रुपये देने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। हंगामे के दौरान काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए, जिन्हें पुलिस ने तितर-बितर किया। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाकर शांत किया। रात तक मोना जिला अस्पताल में भर्ती रहा और परिजन वहीं बने रहे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अस्पताल परिसर में घूमते रहे परिजन और करीबी
जिला अस्पताल में पुलिस व मोना के परिजनों के अलावा उसके गिरोह के सदस्य भी घूमते नजर आए। वे चोरी-छिपे पूरे हालात पर नजर बनाए हुए थे। करीबियों को आशंका थी कि कहीं उसका फुल एनकाउंटर न कर दिया जाए। इसलिए क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की खबर भी फैलाई गई थी।
मोना ठाकुर का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह थाना हाथरस जंक्शन का चिह्नित हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी संगीन धाराओं में जिले के विभिन्न थानों में करीब 24 मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।
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कुख्यात मोना ठाकुर के पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जाने की खबर क्षेत्र में आग की तरह फैल गई। परिजनों को भी आभास हो गया था, इसलिए वे उसे तलाशते हुए सीधे जिला अस्पताल पहुंच गए। तब तक पुलिस मोना ठाकुर को लेकर जिला अस्पताल लेकर नहीं पहुंची थी। पत्नी लगातार फोन पर रिश्तेदारों से संपर्क बनाए हुई थी और पति की जानकारी प्राप्त करने का प्रयास कर रही थी।
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कुछ देर बाद पुलिस जीप से मोना ठाकुर को जिला अस्पताल की इमरजेंसी लाया गया। जिला अस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। पुलिस जीप से उतारा गया तो उसके दोनों पैरों में कपड़ा बंधा हुआ था तथा खून लगातार बह रहा था। बाएं पैर के घुटने व दाहिने पैर में घुटने से नीचे गोली लगी थी। घुटने से अधिक खून बह रहा था।
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इमरजेंसी में ले जाने के दौरान पुलिस ने तीमारदारों को बाहर कर दिया। चिकित्सक ने खून रोकने के लिए पट्टी बांधी और जरूरी इंजेक्शन व अन्य दवा दी। गोली का पता लगाने के लिए एक्सरे रूम में ले जाया गया। यहां एक्सरे कक्ष से सभी को बाहर किया गया। फिजिशियन डॉ. अवधेश कुमार व रेडियोलॉजिस्ट अंदर मौजूद रहे।
मिलने न देने पर बिफरी पत्नी, अभद्रता आरोप लगाया
एक्सरे के दौरान चिंतित पत्नी व परिवार के अन्य लोग कक्ष के बाहर ही बैठे हुए थे, जिन्हें पुलिस ने घेर रखा था। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने उन्हें वहां से हटाया। दोबारा इमरजेंसी में लाने के दौरान पत्नी ने मोना से मिलने का प्रयास किया तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इस पर वह बिफर गई और चिल्लाते हुए पुलिस पर अभद्रता का आरोप लगाया।
उसने यहां तक कहा कि उनके पति की कोई बात हुई है तो उनके साथ क्यों अपराधियों जैसा सलूक किया जा रहा है, जबकि वे एक अधिवक्ता हैं। इस दौरान मोना की पत्नी ने पुलिस पर जमीन का काम करने पर रुपये देने का दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। हंगामे के दौरान काफी संख्या में लोग एकत्रित हो गए, जिन्हें पुलिस ने तितर-बितर किया। बाद में महिला पुलिस कर्मियों ने उन्हें समझाकर शांत किया। रात तक मोना जिला अस्पताल में भर्ती रहा और परिजन वहीं बने रहे। भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
अस्पताल परिसर में घूमते रहे परिजन और करीबी
जिला अस्पताल में पुलिस व मोना के परिजनों के अलावा उसके गिरोह के सदस्य भी घूमते नजर आए। वे चोरी-छिपे पूरे हालात पर नजर बनाए हुए थे। करीबियों को आशंका थी कि कहीं उसका फुल एनकाउंटर न कर दिया जाए। इसलिए क्षेत्र में उसकी घेराबंदी की खबर भी फैलाई गई थी।
मोना ठाकुर का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्त मोना ठाकुर उर्फ सचप्रताप सिंह थाना हाथरस जंक्शन का चिह्नित हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। उसके खिलाफ हत्या, हत्या का प्रयास, आर्म्स एक्ट, गुंडा एक्ट, गैंगस्टर एक्ट और एनडीपीएस एक्ट जैसी संगीन धाराओं में जिले के विभिन्न थानों में करीब 24 मुकदमे दर्ज हैं। वह पहले भी कई बार जेल जा चुका है।