Hathras News: बिचौलिये कमा रहे मुनाफा, किसानों को हो रहा नुकसान
किसानों को इस समय भी आलू का अच्छा भाव नहीं मिल रहा है। इस समय सब्जी मंडी में करीब आठ रुपये से लेकर 11 रुपये प्रति किलो की दर से आलू बिक रहा है। इसके बावजूद फुटकर बाजार में आम आदमी को आलू ऊंचे दामों पर ही मिल रहा है। मंडी से निकलते ही आलू के भाव दोगुने हो जाते हैं।
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भाव कम होने से सब्जी के राजा आलू की बेकद्री हो रही है। किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। इसके बावजूद आम आदमी को अभी भी आलू ऊंचे दामों पर ही मिल रहा है। वजह साफ है बिचौलिए इस स्थिति में चांदी काट रहे हैं। किसान और आम आदमी को नुकसान झेलना पड़ रहा है।
जिले के किसान प्रमुख रूप से आलू की खेती करते हैं। इस बार जिले में करीब 59150 हेक्टेयर क्षेत्रफल में आलू की फसल थी। खोदाई के समय अच्छा भाव न मिलने के कारण किसानों ने अपनी उपज को शीतगृहों में भंडारित किया था। इस बार करीब 1220426.12 मीट्रिक टन आलू का भंडारण किया गया था। इसमें से करीब 672454.79 एमटी आलू की निकासी हो चुकी है।
करीब 44.90 प्रतिशत आलू अभी शीतगृहों में है। किसानों को इस समय भी आलू का अच्छा भाव नहीं मिल रहा है। इस समय सब्जी मंडी में करीब आठ रुपये से लेकर 11 रुपये प्रति किलो की दर से आलू बिक रहा है। इसके बावजूद फुटकर बाजार में आम आदमी को आलू ऊंचे दामों पर ही मिल रहा है। मंडी से निकलते ही आलू के भाव दोगुने हो जाते हैं। इस समय फुटकर बाजार में आलू 20 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। इससे साफ है कि तेजी हो या मंदी, दोनों ही परिस्थितियों में किसान को फायदा नहीं मिल रहा। पूरा फायदा बिचौलिये उठा रहे हैं।
आलू भाव
आलू की प्रजाति मंडी भाव फुटकर भाव
कुफरी बहार(3797) 350 से 550 रुपये प्रति पैकेट
चिप्सोना 500 से 700 रुपये प्रति पैकेट
इतना समय नहीं रहता कि मंडी में जाकर आलू खरीद सकें। ढकेल से ही आलू खरीदते हैं। ढकेल पर 20 रुपये प्रति किलो की दर से आलू बिक रहा है। - नरेश माहेश्वरी, ग्राहक
हम लोग मंडी से आलू लेकर आते हैं। मंडी में नौ प्रतिशत तो आढ़त लग जाती है। इसके अलावा पांच रुपये प्रति पैकेट के हिसाब से पल्लेदारी लग जाती है। हमें कोई खास लाभ नहीं होता है। - सुनील, ढकेल संचालक
हमारे आलू का भाव काफी कम है। इसके बावजूद लोगों को आलू ऊंचे भाव पर ही मिल रहा है। किसान को तो नुकसान ही उठाना पड़ रहा है। - रामवीर सिंह, किसान