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Hathras News: अप्रक्षिशित चिकित्सक के गलत उपचार से अधेड़ की मौत
Thu, 20 Apr 2023 12:19 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 20 Apr 2023 12:19 AM IST
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सासनी में अस्पताल के बाहर लोगों को समझाते पुलिसकर्मी।
- फोटो : संवाद
गांव लुटसान में अप्रक्षिशित चिकित्सक के इलाज से एक अधेड़ की मौत हो गई। इस पर परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। एक कंपाउंडर को कमरे में बंद कर दिया। इसी बीच अस्पताल के अन्य कर्मचारी मौके से फरार हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अस्पताल को सील कर दिया।
थाना क्षेत्र लुटसान के ग्राम नगला रामवल निवासी भीमसेन (50) पुत्र मोहनलाल दिल्ली में सिलाई का काम करते थे। वह एक हफ्ते पहले अपने गांव नगला रामबल आए हुए थे। भीमसेन को मंगलवार देर रात सांस लेने में परेशानी होने लगी। रात करीब एक बजे परिजनों ने उन्हें लुटसान में सरोजदेवी अस्पताल में अप्रक्षिशित चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। उसके बेटे योगेश कुमार का आरोप है कि उनके पिता भीमसेन को अस्पताल स्टाफ ने उपचार के दौरान कुछ इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उन्हें को आराम नहीं मिला बल्कि उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने लगे। तो अस्पताल के स्टाफ ने मरीज को ले जाने नहीं दिया। इस कारण उनके पिता की हालत बिगड़ती चली गई और बुधवार दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। भीमसेन की मौत होने पर परिजन हंगामा करने लगे।
इसी बीच अप्रक्षिशित चिकित्सक व अस्पताल स्टाफ मौके से फरार हो गया। परिजनों ने वहां एक कंपाउंडर को मौके पर पकड़ लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार लियाकत अली, कोतवाली प्रभारी केशव दत्त शर्मा व सीएचसी प्रभारी दलबीर सिंह रावत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह मृतक के परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मृतक के पुत्र योगेश कुमार ने अस्पताल के कर्मचारियों के विरुद्ध नामजद तहरीर थाने में दी है।
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तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि सूचना पर पुलिस बल एवं चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील करा दिया गया है। मामले जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी प्रभारी डॉ. दलवीर सिंह रावत का कहना है कि सरोज देवी नामक अस्पताल संचालक को बीती तीन अप्रैल को नोटिस देकर अस्पताल से सबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया था। लेकिन अस्पताल संचालक ने दस्तावेज नहीं दिखाए थे। बुधवार को अस्पताल को सील कर दिया गया है।
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थाना क्षेत्र लुटसान के ग्राम नगला रामवल निवासी भीमसेन (50) पुत्र मोहनलाल दिल्ली में सिलाई का काम करते थे। वह एक हफ्ते पहले अपने गांव नगला रामबल आए हुए थे। भीमसेन को मंगलवार देर रात सांस लेने में परेशानी होने लगी। रात करीब एक बजे परिजनों ने उन्हें लुटसान में सरोजदेवी अस्पताल में अप्रक्षिशित चिकित्सक के यहां भर्ती करा दिया। उसके बेटे योगेश कुमार का आरोप है कि उनके पिता भीमसेन को अस्पताल स्टाफ ने उपचार के दौरान कुछ इंजेक्शन लगा दिए, जिससे उन्हें को आराम नहीं मिला बल्कि उनकी तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद परिजन उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाने लगे। तो अस्पताल के स्टाफ ने मरीज को ले जाने नहीं दिया। इस कारण उनके पिता की हालत बिगड़ती चली गई और बुधवार दोपहर एक बजे उनकी मौत हो गई। भीमसेन की मौत होने पर परिजन हंगामा करने लगे।
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इसी बीच अप्रक्षिशित चिकित्सक व अस्पताल स्टाफ मौके से फरार हो गया। परिजनों ने वहां एक कंपाउंडर को मौके पर पकड़ लिया और उसे एक कमरे में बंद कर दिया। अस्पताल में हंगामे की सूचना पर तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय, नायब तहसीलदार लियाकत अली, कोतवाली प्रभारी केशव दत्त शर्मा व सीएचसी प्रभारी दलबीर सिंह रावत मौके पर पहुंच गए। उन्होंने किसी तरह मृतक के परिजनों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं, मृतक के पुत्र योगेश कुमार ने अस्पताल के कर्मचारियों के विरुद्ध नामजद तहरीर थाने में दी है।
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तहसीलदार नीरज कुमार वार्ष्णेय का कहना है कि सूचना पर पुलिस बल एवं चिकित्सकों के साथ मौके पर पहुंचकर अस्पताल को सील करा दिया गया है। मामले जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सीएचसी प्रभारी डॉ. दलवीर सिंह रावत का कहना है कि सरोज देवी नामक अस्पताल संचालक को बीती तीन अप्रैल को नोटिस देकर अस्पताल से सबंधित दस्तावेज दिखाने को कहा गया था। लेकिन अस्पताल संचालक ने दस्तावेज नहीं दिखाए थे। बुधवार को अस्पताल को सील कर दिया गया है।