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प्रोफेसर की गिरफ्तारी से खुले कई राज: 17 साल से कर रहा था छात्राओं का यौन शोषण, यह निकली पूरी कहानी

Fri, 21 Mar 2025 12:04 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 21 Mar 2025 12:04 PM IST
सार

प्रोफेसर रजनीश पूरी प्लानिंग के तहत छात्राओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद इन छात्राओं को ब्लैक मेल कर यौन शोषण करता था। रजनीश ने अपने मोबाइल और लैपटॉप में ऐसा सॉफ्टवेयर डाल रखा था जो कि मोबाइल फोन व लैपटाप का फ्रंट स्क्रीन बंद रहने की स्थिति में फ्रंट कैमरे से बैक-एण्ड में वीडियो रिकॉर्ड होता रहता था।

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Many secrets were revealed after the arrest of Professor Rajneesh
गिरफ्तार आरोपी प्रोफेसर डॉ रजनीश - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस में पीसी बागला डिग्री कॉलेज के अनुशासन अधिकारी व भूगोल विभागाध्यक्ष प्रोफेसर रजनीश कुमार को पुलिस ने प्रयागराज से गिरफ्तार किया गया है। उक्त प्रोफेसर पिछले 17 सालों से छात्राओं व अन्य युवतियों का अपने पद का रुतबा, नौकरी लगवाने का झांसा, परीक्षा में अच्छे अंक दिलाने का प्रलोभन देकर एवं भय दिखाकर कॉलेज एवं घर पर यौन शोषण एवं दुष्कर्म कर उनके अश्लील वीडियो तैयार कर वायरल करता था। पुलिस ने उक्त आरोपी के कब्जे से लैपटॉप, मोबाइल बरामद किया है।

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13 मार्च को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक पीड़ित छात्रा के नाम से शिकायती प्रार्थना पत्र मय आडियो/वीडियो सीडी संलग्न सहित प्राप्त हुई। इस सीडी की जांच में पाया गया कि पीसी बागला डिग्री काॅलेज में नियुक्त भूगोल प्रवक्ता रजनीश कुमार द्वारा काॅलेज की अनेकों छात्राओं के साथ काॅलेज एवं अपने घऱ पर उनका यौन शोषण करते हुए शारीरिक दुष्कर्म किया गया है, जिसके फोटो वीडियो स्वयं आरोपी प्रवक्ता रजनीश कुमार द्वारा अपने मोबाइल फोन एवं लैपटाप से बनाकर छात्राओं का निरंतर यौन शोषण किया गया है। इस मामले में थाना हाथरस गेट पर नियुक्त उप-निरीक्षक सुनील कुमार, चौकी इंचार्ज आद्यौगिक क्षेत्र के द्वारा मुकदमा दर्ज कराया गया।पुलिस अधीक्षक ने इस मामले में तीन टीमों का गठन किया और मामले की जांच सहित आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। मुकदमा दर्ज होते ही मामला सुर्खियों में आ गया। 
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19 मार्च की रात को पुलिस ने प्रयागराज के सुभाष चौक थाना क्षेत्र सिविल लाइन से प्रोफेसर रजनीश कुमार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि उक्त आरोपी प्रोफेसर गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत प्राप्त करने के लिए प्रयागराज पहुंचा था। पूछताछ में सामने आया कि उक्त आरोपी द्वारा 2008 में सबसे पहले अपने घर में रिश्ते के लिए आई युवती के शारीरिक संबंध बनाए गए थे। उन संबंधों की रिकॉर्डिंग घर में लगे कम्प्यूटर के वेब कैम से की थी।उसके बाद उक्त आरोपी प्रोफेसर रजनीश कुमार ने घर व महाविद्यालय परिसर में छात्राओं को यौन शोषण करना शुरु कर दिया।यहां तक कि अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए महाविद्यालय में कार्यरत एक चुतर्थ श्रेणी कर्मचारी का यौन शोषण किया और उसकी वीडियो भी बनाई। करीब 17 साल से प्रोफेसर रजनीश कुमार छात्राओं का यौन शोषण कर वीडियो बनाता था। पुलिस ने उक्त आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

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प्रोफेसर रजनीश कुमार ने 2008 में सबसे पहले रिश्ते के लिए आई लड़की से संबंध बनाए थे। पूछताछ में बताया है कि उसी समय से उसके दिमाग में इस तरह से यौन शोषण करने का ख्याल व योजना बन गई थी। इसके बाद महाविद्यालय में कई छात्राओं के साथ साथ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का यौन शोषण किया था। फिलहाल रजनीश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।-चिरंजीव नाथ सिन्हा, एसपी।

वेब कैम में रिकॉर्डिंग के बाद अन्य लड़कियों की रिकॉर्डिंग करने की प्लानिंग बनाई थी रजनीश ने

पति से तलाक के मुकदमे के दौरान प्रोफेसर रजनीश ने दूसरी शादी के लिए अन्य लड़कियों से संपर्क किया और इसी दौरान एक लड़की से रिश्ते की बात शुरु हुई। बात शुरु होने के बाद रजनीश ने उस लड़की को अपने घर पर मिलने के लिए बुलाया। लड़की रिश्ते की बात होने के चलते आसानी से रजनीश के घर पर आ गई। यहां रजनीश ने उसे अपने बातों के जाल में फंसा लिया और घर पर आई उक्त लड़की से शारीरिक संबंध बना लिए।

पूछताछ के दौरान रजनीश बताया कि उक्त लड़की के साथ शारीरिक संबंध तो बना लिए , लेकिन उसके साथ उसका विवाह नहीं हो सका। यह घटना उस दौरान वहां पर रखे हुए कम्प्यूटर सिस्टम में लगे वेब कैम में रिकॉर्ड हो गई, जो तत्समय ऑन था । जब बाद में कम्प्यूटर चेक करने पर वेब कैम में इस घटना के रिकॉर्ड होने की जानकारी हुई, तभी से उसके दिमाग में अन्य लड़कियों विशेषकर अपने कॉलेज की छात्राओं के साथ शारिरिक संबंध बनाने और उन क्षणों के वीडियो रिकॉर्ड करने की योजना दिमाग में आई। वासनाजनित इसी मनोविकृति के कारण काॅलेज में अध्ययनरत छात्राओं को प्रलोभित कर उसने उनके साथ नजदीकियां बढ़ाते हुए शारीरिक सम्बन्ध बनाने की गंदी योजना बनाई।

कॉलेज में पहली बार कर्मचारी का यौन शोषण
पूछताछ के दौरान रजनीश कुमार ने बताया कि महाविद्यालय परिसर में यह कुकृत्य वर्ष 2019 में शुरु किया। उसने अपने काॅलेज में संविदा पर नियुक्त एक चतुर्थ श्रेणी महिला कर्मचारी को भी अपन प्रभाव दिखाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया। इसके बाद के अपने भूगोल कक्ष के केबिन में ही उस चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी महिला का कई बार यौन शोषण किया और उसका वीडियो बनाया। इसके बाद फिर लगातार छात्राओं को अपने मकड़ जाल में फंसाया और अपने पद का प्रभाव दिखाते हुए छात्राओं को उच्चतर कोर्सेस में दाखिला कराने, उनको नौकरी लगवाने एवं परीक्षा में अच्छे अंक दिलाकर पास कराने का प्रलोभन देकर उन्हें अपने जाल में फंसाता था।

यहां तक कि छात्राओं को समय-समय पर महंगे गिफ्ट और पैसे भी देता था। जब छात्राओं से उसकी नजदीकियां अच्छी-खासी स्थापित हो जाती थी, तो उनके साथ अपने आफिशियल चेंबर में शारीरिक सम्बन्ध बनाता था और छात्राओं की जानकारी के बगैर एक साफ्टवेयर की मदद से स्वयं उनके अश्लील वीडियो भी बना लेता था। जब छात्राओं की वीडियो बन जाती थी , तो उन छात्राओं को जब सेक्स करने का मन करता था, तो वीडियो दिखाकर प्रताड़ित कर फिर बुला लेता था और यौन शोषण करता था।

वीडियो बनाने के लिए मोबाइल व लैपटॉप में डाल रखा था सॉफ्टवेयर, स्क्रीन बंद पर होने चलता रहता था कैमरा

प्रोफेसर रजनीश पूरी प्लानिंग के तहत छात्राओं को अपने जाल में फंसाता था। इसके बाद इन छात्राओं को ब्लैक मेल कर यौन शोषण करता था। रजनीश कुमार ने छात्राओं को अपने जाल में फंसाने के लिए पूरे इंतजाम कर रखे थे। रजनीश ने अपने मोबाइल और लैपटॉप में ऐसा सॉफ्टवेयर डाल रखा था जो कि मोबाइल फोन व लैपटाप का फ्रंट स्क्रीन बंद रहने की स्थिति में फ्रंट कैमरे से बैक-एण्ड में वीडियो रिकॉर्ड करता रहता था। जिसकी जानकारी पीड़िता छात्राओं को नहीं हो पाती थी।

पूछताछ में यह बात सामने आई है कि जब छात्राओं से अपने घर या महाविद्यालय में बनी केबिन में संबंध बनाता था, तो उन्हें ब्लैक मेल करने के लिए प्रोफेसर अपने कैमरे व लैपटॉप में पडे़ उस सॉफ्टवेयर को चालू कर लेता था। जब छात्राएं लैपटॉप व कैमरे के रखने के एंगल पर सवाल उठाती तो दोनों की स्क्रीन बंद कर देता था, जिससे कि छात्राओं को यह संतुष्टि दे सके कि मोबाइल व लैपटॉप बंद है। जब स्क्रीन बंद हो जाती थी, तो छात्राओं का यौन शोषण करता था और बंद स्क्रीन के जरिए शारीरिक संबंध बनाने पलों की वीडियो बना लेता था। जब यह वीडियो रिकाॅर्ड हो चुका होता था तो इसका भय दिखाकर वह उनका लगातार यौन शोषण करता रहता था तथा अपने घर पर भी बुलाकर उनका यौन शोषण करता था। महाविद्यालय से पास-आउट होने के बाद भी उन छात्राओं को भयाक्रान्त कर वह उनके साथ यौन शोषण करता रहता था।

1996 में हुई थी शादी, संतान न होने के चलते पत्नी से संबंध नहीं थे अच्छे
प्रोफेसर रजनीश कुमार मथुरा के थाना मांट क्षेत्र के गांव जाबरा के रहने वाले थे, फिलहाल में चमन बिहार कॉलोनी में रहते थे। पूछताछ में बताया कि वर्ष 2001 में पीसी बागला कॉलेज में बतौर शिक्षक नियुक्त हुआ और वर्ष 2016 में वह इस कालेज में भूगोल विभागाध्यक्ष हो गया । जुलाई 2024 में उसे इस काॅलेज का अनुशासन अधिकारी बनाया गया। शादी वर्ष 1996 में हुई लेकिन कतिपय कारणों से उसकी कोई संतान नहीं हो पाई और उसकी पत्नी के साथ उसके पारिवारिक संबंध भी अच्छे नहीं रहे है।

चार वीडियो, 17 फोटो में 9 छात्राओं व अन्य के हैं चेहरे
चार वीडियो, 17 फोटो में 9 छात्राओं व अन्य के हैं चेहरेहाथरस। पुलिस ने फिलहाल शुरुआती दौर में शिकायत के साथ मिली वीडियो की जांच पड़ताल तेज कर दी है। पुलिस प्राप्त शिकायत मिली 4 वीडियो और 17 फोटो में 9 छात्राओं व अन्य के चेहरे होने की पुष्टि हुई है। यौन शोषण का शिकार होने वाली छात्राओं की तस्दीक करने में जुट गई है। पुलिस जल्द ही अन्य वीडियो के जरिए तलाश करेगी।

दुष्कर्म सहित कई धाराओं में भेजा है जेल

हाथरस पुलिस ने प्रोफेसर मुकदमे दर्ज किए हैं, हालांकि दोनों मुकदमों में धारा एक ही है। पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर पर अपने पद पर आसीन होने के दौरान दुष्कर्म करने, महाविद्यालय परिसर कक्ष में यौन संबंध बनाने, यौन संबंधों के लिए अनुरोध करने, अशलील साम्रगी दिखाने, अश्लील साम्रगी को वायरल करने की धारा में मुकदमा दर्ज किया है।

अश्लील साइटों पर भी शुरू की पड़ताल
शिकायत के जरिए पुलिस को यह ज्ञात हुआ था कि प्रोफेसर द्वारा वीडियो बनाने के बाद इन वीडियो को पॉर्न साइट पर अपलोड किया जाता था। इस वीडियो को किन किन पॉर्न साइट पर अपलोड किया जाता था और साइट पर अपलोड करने के पीछे क्या क्या वजह थी। इस पहलु पर भी पुलिस जांच में जुटी हुई है। चर्चा यह भी है कि पॉर्न साइट पर वीडियो अपलोड कर प्रोफेसल डॉलर में कमाई करता था। इसी आधार पर अब पुलिस उक्त प्रोफेसर के बैंक खातों की जांच भी करेगी

मुकदमा दर्ज होते ही अग्रिम जमानत के लिए भाग गया था प्रयागराज, गेस्ट हाउस में रुकता था
13 मार्च को मुकदमा दर्ज होते ही आरोपी प्रोफेसर अपनी गाड़ी से प्रयागराज के लिए चला गया। प्रयागराज में कई अधिवक्ताओं से अपनी अग्रिम जमानत को लेकर परामर्श किया। इस दौरान प्रोफेसर ने अपनी तीनों मोबाइल फोन को बंद कर लिया था,जिससे कि पुलिस लोकेशन को ट्रेस आउट न कर सके। यहां तक कि 7 दिन तक हाईकोर्ट में स्टे के लिए भागदौड़ कर रहा था। पुलिस से बचने के लिए रजनीश ने अपना हुलिया भी बदल लिया। रजनीश ने न अपनी सेविंग बनाई न ऐसे कपडे़ पहने , जिनसे कि प्रोफेसर जैसी पहचान न हो सके। प्रोफेसर ने दाढ़ी को बढ़ा लिया था।

प्रोफेसर के लैपटॉप और मोबाइल की होगी फोरेंसिक जांच

पुलिस ने प्रोफेसर से मोबाइल और लेपटॉप का बरामद किया है। पुलिस इस लैपटॉप व मोबाइल की फॉरेंसिक जांच करेगी, जिससे कि कई सबूतों को एकत्रित् किया जा सके। पुलिस इस लैपटॉप से डिलीट हुए डाटा को भी रिकवर करने के प्रयास में लगी हुई है।

पत्नी के मायके जाने व पत्नी से विवाद के दौरान घर बुलाकर छात्राओं से बनाता था संबंध
हाथरस। वर्ष 1999 में प्रोफेसर रजनीश का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। 2009 में पत्नी से विवाद समाप्त हुआ। इस अवधि के दौरान प्रोफेसर रजनीश ने कई छात्राओं को अपने घर बुलाकर यौन शोषण किया। रजनीश जब छात्राओं की वीडियो बना लेता था, तो उन्हें बार -बार ब्लैकमेल करता था। यहां तक कि पत्नी के आने के बाद पत्नी के मायके जाने की स्थिति में कई बार छात्राओं को घर बुलाकर शारीरिक संबंध बनाए थे।

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