{"_id":"595e6da84f1c1bb56e8b45c0","slug":"manual-bills-can-also-be-cut","type":"story","status":"publish","title_hn":" मैनुअल बिल भी काट सकते हैं व्यापारी ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मैनुअल बिल भी काट सकते हैं व्यापारी
अमर उजाला ब्यूरो,हाथरस।
Updated Thu, 06 Jul 2017 11:04 PM IST
विज्ञापन
gst
- फोटो : सोशल मीडिया
जीएसटी को लेकर गुरुवार को वाणिज्य कर कमिश्नर उत्तर प्रदेश और अपर मुख्य सचिव वाणिज्य कर ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से स्थानीय अधिकारियों से संवाद किया। वीडियो कांफ्रेंसिंग में वाणिज्य कर डिप्टी कमिश्नर संजय कुमार, रमेश सिंह भाटी सहित अन्य अधिकारीगण शामिल हुए।
कांफ्रेंसिंग के बाद डिप्टी कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि जीएसटी बड़ा बदलाव है, ऐसे में कुछ परेशानियां व्यापारियों के समक्ष आ सकती हैं। जिन व्यापारियों को ऑनलाइन बिल नहीं बन पा रहे हैं ऐसे व्यापारी अग्रिम आदेश तक हाथ से बिल काट सकते हैं।
व्यापारियों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। शासन से तहसील स्तर पर सभी एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इनके साथ एक वाणिज्य कर विभाग का अधिकारी भी अटैच कर दिया गया है। व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित संकाओं को लेकर जिला मुख्यालय नहीं भागना पड़ेगा। वह नोडल अधिकारी से संबंधित तहसील में जाकर संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी के लिए व्यापारियों को ऑनलाइन आईडी दी गई हैं। कई गलत आईडी बन गई हैं और काफी व्यापारियों को अभी तक आईडी नहीं मिल पाई हैं, जिसके कारण व्यापार प्रभावित हो रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कांफ्रेंसिंग के बाद डिप्टी कमिश्नर संजय कुमार ने बताया कि जीएसटी बड़ा बदलाव है, ऐसे में कुछ परेशानियां व्यापारियों के समक्ष आ सकती हैं। जिन व्यापारियों को ऑनलाइन बिल नहीं बन पा रहे हैं ऐसे व्यापारी अग्रिम आदेश तक हाथ से बिल काट सकते हैं।
विज्ञापन
व्यापारियों को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। शासन से तहसील स्तर पर सभी एसडीएम को नोडल अधिकारी बनाया गया है। इनके साथ एक वाणिज्य कर विभाग का अधिकारी भी अटैच कर दिया गया है। व्यापारियों को जीएसटी से संबंधित संकाओं को लेकर जिला मुख्यालय नहीं भागना पड़ेगा। वह नोडल अधिकारी से संबंधित तहसील में जाकर संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय अधिकारियों ने कहा कि जीएसटी के लिए व्यापारियों को ऑनलाइन आईडी दी गई हैं। कई गलत आईडी बन गई हैं और काफी व्यापारियों को अभी तक आईडी नहीं मिल पाई हैं, जिसके कारण व्यापार प्रभावित हो रहा।
विज्ञापन