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गंदगी-जलभराव के विरोध में फूंका पुतला
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 29 May 2016 11:51 PM IST
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नगला भूरा रोड पर चेयरमेन का पुतला फूंकते क्षेत्रीय लोग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। छह महीने से गंदगी और जलभराव पर शहर के नगला रोड स्थित बृजधाम पुरम कॉलोनी के बाशिंदों का गुस्सा रविवार की सुबह फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। इन लोगों ने नारेबाजी के बीच विधायक और चेयरमैन का पुतला फूंका। चेतावनी दी कि अगर सात दिन के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो स्थानीय लोग न्यायालय की शरण लेने को मजबूर होंगे, फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई तो सभी चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा।
इन लोगों का कहना था कि जलभराव के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। कई बार कॉलोनी के लोग इस समस्या के बारे में डीएम, एसडीएम, ईओ नगर पालिका को अवगत करा चुके हैं, फिर भी किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगी, जबकि कई बार तहसील दिवस में भी इसकी शिकायत की जा चुकी है। यह मार्ग नजदीक के कई गांवों का संपर्क मार्ग है और जोगिया, लहरा, अहवरनपुर, नगला भूरा और नगला सिंगी गांवों को जोड़ता है। सड़क पर जलभराव की गंभीर समस्या है। नवल नगर और साकेत कॉलोनी के बीच एक वर्षों पुरानी पोखर थी, उस पर भी कब्जा हो गया है। यहां बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन हो रहा है। मिट्टी से लदे डंपरों के आवागमन से सड़क जगह-जगह से उखड़ रही है।
लोगों का कहना था कि पालिका के प्रतिनिधि कहते हैं कि यह क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है, जबकि उन्होंने निकाय चुनाव में मतदान किया है। इस तरह उन्हें बेवकूफ बनाया जा रहा है।
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प्रदर्शन करने वालों में गणेशीलाल प्रजापति, पं.हरप्रसाद शर्मा, ठा.भगवान सिंह चौहान, सत्यपाल सिंह चौहान, सोनू चौहान, राजपाल सिंह पौरुष, लीलाधर शर्मा, भगवान सिंह पौरुष, रौमी जादौन, निशांत उपाध्याय, अशोक शर्मा, कुलदीप तोमर, कृष्णकांत उपाध्याय, ईशू चौहान, प्रताप सिंह चौहान, राधाप्यारी, कैलाशी देवी, रचना चौहान, गायत्री देवी, रामवती देवी, शांति देवी, कुसुम सिंह, सुषमा सिंह एडवोकेट, राजवीर सिंह, मुकेश वर्मा, मधु शर्मा, हिमांशु शमा, ललित शर्मा, छुट्टनलाल, यतेंद्र शर्मा, द्वजेंद्रदत्त शर्मा, गुप्लन वर्मा आदि अनेक लोग मौजूद थे।
हमने अवर अभियंता और अन्य अधिकारियों से भी सर्वे करा लिया है। यह क्षेत्र नगर पालिका में नहीं आता। यहां के लोगों के वोट निकाय क्षेत्र में कैसे है, इसकी जानकारी नहीं है। इस क्षेत्र को पालिका की सीमा में लाने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है। वहां से जल्द इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
-डौली माहौर, चेयरमैन हाथरस
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इन लोगों का कहना था कि जलभराव के चलते सबसे ज्यादा दिक्कत छोटे बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों को उठानी पड़ती है। कई बार कॉलोनी के लोग इस समस्या के बारे में डीएम, एसडीएम, ईओ नगर पालिका को अवगत करा चुके हैं, फिर भी किसी के कानों पर जूं नहीं रेंगी, जबकि कई बार तहसील दिवस में भी इसकी शिकायत की जा चुकी है। यह मार्ग नजदीक के कई गांवों का संपर्क मार्ग है और जोगिया, लहरा, अहवरनपुर, नगला भूरा और नगला सिंगी गांवों को जोड़ता है। सड़क पर जलभराव की गंभीर समस्या है। नवल नगर और साकेत कॉलोनी के बीच एक वर्षों पुरानी पोखर थी, उस पर भी कब्जा हो गया है। यहां बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन हो रहा है। मिट्टी से लदे डंपरों के आवागमन से सड़क जगह-जगह से उखड़ रही है।
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लोगों का कहना था कि पालिका के प्रतिनिधि कहते हैं कि यह क्षेत्र उनके क्षेत्राधिकार में नहीं है, जबकि उन्होंने निकाय चुनाव में मतदान किया है। इस तरह उन्हें बेवकूफ बनाया जा रहा है।
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प्रदर्शन करने वालों में गणेशीलाल प्रजापति, पं.हरप्रसाद शर्मा, ठा.भगवान सिंह चौहान, सत्यपाल सिंह चौहान, सोनू चौहान, राजपाल सिंह पौरुष, लीलाधर शर्मा, भगवान सिंह पौरुष, रौमी जादौन, निशांत उपाध्याय, अशोक शर्मा, कुलदीप तोमर, कृष्णकांत उपाध्याय, ईशू चौहान, प्रताप सिंह चौहान, राधाप्यारी, कैलाशी देवी, रचना चौहान, गायत्री देवी, रामवती देवी, शांति देवी, कुसुम सिंह, सुषमा सिंह एडवोकेट, राजवीर सिंह, मुकेश वर्मा, मधु शर्मा, हिमांशु शमा, ललित शर्मा, छुट्टनलाल, यतेंद्र शर्मा, द्वजेंद्रदत्त शर्मा, गुप्लन वर्मा आदि अनेक लोग मौजूद थे।
हमने अवर अभियंता और अन्य अधिकारियों से भी सर्वे करा लिया है। यह क्षेत्र नगर पालिका में नहीं आता। यहां के लोगों के वोट निकाय क्षेत्र में कैसे है, इसकी जानकारी नहीं है। इस क्षेत्र को पालिका की सीमा में लाने का प्रस्ताव शासन में विचाराधीन है। वहां से जल्द इसे मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
-डौली माहौर, चेयरमैन हाथरस