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Hathras News: बिना जूते लगवाई बच्चों से दौड़, दो की तबीयत बिगड़ी
Thu, 08 Feb 2024 01:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 08 Feb 2024 01:29 AM IST
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दौड़ में प्रतिभाग करने वाली छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर पानी पिलाते शिक्षक। संवाद
- फोटो : Samvad
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धवन वशिष्ठ
हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बुधवार को सर्द मौसम में प्रतिभागी बच्चे नंगे पांव ट्रैक पर दौड़ते नजर आए। बिना पूर्वाभ्यास के ही बच्चों को ट्रैक पर उतार दिया गया, जिससे दो प्रतिभागी बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर वहां मौजूद शिक्षक और अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को खेलों में पारंगत बनाने के लिए खेलेगा इंडिया-बढ़ेगा इंडिया जैसे अभियान चला रही है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली खेलकूद प्रतियोगिता अभी पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के बैनर तले बुधवार को शहर के आगरा रोड स्थित डीआरबी इंटर कॉलेज के मैदान पर 25वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में खेलों के नाम पर खातापूर्ति हुई।
दौड़ प्रतियोगिता में अधिकांश बच्चे सर्दी के मौसम में नंगे पांव के ही ट्रैक पर दौड़ते नजर आए। एक ओर जहां मंच पर खंड शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारी बैठे रहे तो उनके सामने ट्रैक पर दौड़ प्रतियोगिता में बच्चे नंगे पैर दौड़ते रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने नंगे पैर ही प्रतिभाग किया, जबकि बच्चों को जूते पहनकर दौड़ना चाहिए था। दो खिलाड़ियों की सांस फूल गई और उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर प्रतियोगिता में मौजूद अधिकारी व शिक्षकों के हाथ पांव फूल गए। जैसे-तैसे बच्चों को शिक्षकों ने संभाला और उन्हें पानी पिलाकर बैठाया। तब कहीं जाकर बच्चों की तबीयत में सुधार हुआ।
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यह पहली बार नहीं हुआ। हर साल होने वाली खेलकूद प्रतियोगिता में बच्चे नंगे पैर ही दौड़ लगाते हैं। बिना संसाधनों के जिले की मिट्टी से कैसे खिलाड़ी निकलेंगे, इसका अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। संवाद
खिलाड़ियों की अपनी पसंद है कि वह दौड़ में जूते पहनकर प्रतिभाग करना चाहते हैं या फिर बिना जूते पहने। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए मैदान पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध थी। एक एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद थी। हो सकता है किसी बच्चे को मामूली परेशानी हुई होगी। किसी को कोई गंभीर दिक्कत नहीं हुई।
-उपेंद्र गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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हाथरस। बेसिक शिक्षा विभाग की जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता में बुधवार को सर्द मौसम में प्रतिभागी बच्चे नंगे पांव ट्रैक पर दौड़ते नजर आए। बिना पूर्वाभ्यास के ही बच्चों को ट्रैक पर उतार दिया गया, जिससे दो प्रतिभागी बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर वहां मौजूद शिक्षक और अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए।
एक ओर केंद्र और प्रदेश सरकार विद्यार्थियों को खेलों में पारंगत बनाने के लिए खेलेगा इंडिया-बढ़ेगा इंडिया जैसे अभियान चला रही है, लेकिन बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित की जाने वाली खेलकूद प्रतियोगिता अभी पुराने ढर्रे पर ही चल रही हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के बैनर तले बुधवार को शहर के आगरा रोड स्थित डीआरबी इंटर कॉलेज के मैदान पर 25वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। एक दिवसीय खेलकूद प्रतियोगिता में खेलों के नाम पर खातापूर्ति हुई।
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दौड़ प्रतियोगिता में अधिकांश बच्चे सर्दी के मौसम में नंगे पांव के ही ट्रैक पर दौड़ते नजर आए। एक ओर जहां मंच पर खंड शिक्षा अधिकारी व अन्य अधिकारी बैठे रहे तो उनके सामने ट्रैक पर दौड़ प्रतियोगिता में बच्चे नंगे पैर दौड़ते रहे। प्रतियोगिता में बच्चों ने नंगे पैर ही प्रतिभाग किया, जबकि बच्चों को जूते पहनकर दौड़ना चाहिए था। दो खिलाड़ियों की सांस फूल गई और उनकी तबीयत बिगड़ गई। यह देखकर प्रतियोगिता में मौजूद अधिकारी व शिक्षकों के हाथ पांव फूल गए। जैसे-तैसे बच्चों को शिक्षकों ने संभाला और उन्हें पानी पिलाकर बैठाया। तब कहीं जाकर बच्चों की तबीयत में सुधार हुआ।
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यह पहली बार नहीं हुआ। हर साल होने वाली खेलकूद प्रतियोगिता में बच्चे नंगे पैर ही दौड़ लगाते हैं। बिना संसाधनों के जिले की मिट्टी से कैसे खिलाड़ी निकलेंगे, इसका अंदाजा स्वत: ही लगाया जा सकता है। विभागीय अधिकारियों को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है। संवाद
खिलाड़ियों की अपनी पसंद है कि वह दौड़ में जूते पहनकर प्रतिभाग करना चाहते हैं या फिर बिना जूते पहने। प्रतियोगिता में भाग लेने वाले बच्चों के स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए मैदान पर प्राथमिक उपचार की व्यवस्था उपलब्ध थी। एक एंबुलेंस भी मौके पर मौजूद थी। हो सकता है किसी बच्चे को मामूली परेशानी हुई होगी। किसी को कोई गंभीर दिक्कत नहीं हुई।
-उपेंद्र गुप्ता, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।