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एक साल पहले शुरू हुई थी प्रेम कहानी
Fri, 28 Jun 2019 12:21 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Fri, 28 Jun 2019 12:21 AM IST
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किशोर और किशोरी के शव पेड़ पर लटके मिलने के बाद मौके पर लगी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराराऊ। एक साथ मौत को गले लगाने वाले किशोर और किशोरी की प्रेेम कहानी एक साल पहले तब शुरू हुई थी, जब किशोरी की मां ने मोहल्ला गौसगंज में किराए पर मकान लेकर रहना शुरू किया था।
मोहल्ले के ही किशोर मोनू (16 वर्ष) पुत्र अजवीर से जेवा (14 वर्ष) पुत्री ख्याली यादव के मधुर संबंध बन गए। दोनों का प्रेम लगातार परवान चढ़ता गया। दोनों ने एक-दूसरे के साथ खूब घूमे भी और फोटो भी खिंचवाए। जेवा की मां रुखसार ने जब इस पर रोक लगानी चाही तो वह सफल नहीं हो पाई। मोहल्ले में ही कुछ लोगों से रोकने के लिए कहा, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद रुखसार ने वो मोहल्ला ही छोड़ दिया। मोहल्ला मटकोटा में किराए के मकान में रहने लगी।
मोहल्ला तो बदल गया, लेकिन दोनों का प्रेम खत्म नहीं हुआ। वह पहले की तरह मिलते रहे। रुखसार का हर प्रयास दोनों को मिलने से नहीं रोक पाया। बुधवार की रात को रुखसार ने मोनू के खिलाफ धारा 363, 366 के तहत उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट के बाद पुलिस हरकत में आ गई और मोनू के घर पर दबिश दी। उसके नहीं मिलने पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने पिता और भाई को लाकर कोतवाली पर बिठा लिया। लोगों का कहना था कि भाई और पिता को हिरासत में लिए जाने से मोनू निराश हो गया। उसे लगा कि जेवा उसे मिल नहीं पाएगी, इसलिए दोनों ने साथ मरने का निर्णय ले लिया।
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मोहल्ले के ही किशोर मोनू (16 वर्ष) पुत्र अजवीर से जेवा (14 वर्ष) पुत्री ख्याली यादव के मधुर संबंध बन गए। दोनों का प्रेम लगातार परवान चढ़ता गया। दोनों ने एक-दूसरे के साथ खूब घूमे भी और फोटो भी खिंचवाए। जेवा की मां रुखसार ने जब इस पर रोक लगानी चाही तो वह सफल नहीं हो पाई। मोहल्ले में ही कुछ लोगों से रोकने के लिए कहा, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद रुखसार ने वो मोहल्ला ही छोड़ दिया। मोहल्ला मटकोटा में किराए के मकान में रहने लगी।
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मोहल्ला तो बदल गया, लेकिन दोनों का प्रेम खत्म नहीं हुआ। वह पहले की तरह मिलते रहे। रुखसार का हर प्रयास दोनों को मिलने से नहीं रोक पाया। बुधवार की रात को रुखसार ने मोनू के खिलाफ धारा 363, 366 के तहत उसकी बेटी को बहला-फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। रिपोर्ट के बाद पुलिस हरकत में आ गई और मोनू के घर पर दबिश दी। उसके नहीं मिलने पर दबाव बनाने के लिए पुलिस ने पिता और भाई को लाकर कोतवाली पर बिठा लिया। लोगों का कहना था कि भाई और पिता को हिरासत में लिए जाने से मोनू निराश हो गया। उसे लगा कि जेवा उसे मिल नहीं पाएगी, इसलिए दोनों ने साथ मरने का निर्णय ले लिया।
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