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Hathras News: हाथरस के रोली-चंदन से होगा श्रीराम का पूजन

Fri, 27 Mar 2026 02:30 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Fri, 27 Mar 2026 02:30 AM IST
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Lord Shri Ram will be welcomed with the Roli and Chandan of Hathras.
शहर के एक शोरूम पर सजे कुमकुम, रोली व चंदन के पैक।  संवाद - फोटो : Samvad
रामनवमी के पावन पर्व पर इस बार विदेशों में होने वाली पूजा में भी हाथरस के कुमकुम, रोली और चंदन की खास भूमिका रहेगी। हाथरस में बने इन उत्पादों से भक्त श्रीराम का अभिनंदन करेंगे। जनपद के रंग-गुलाल कारोबारी अमेरिका, मलयेशिया, कनाडा सहित कई देशों में इन उत्पादों की आपूर्ति कर रहे हैं।
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रंग-गुलाल के क्षेत्र में जनपद की अपनी अलग पहचान है। होली के दौरान बड़े पैमाने पर देश-विदेश में हाथरस से माल की आपूर्ति की जाती है, लेकिन यह सिलसिला होली के बाद भी बंद नहीं होता। पूजन सामग्री के रूप में कुमकुम, रोली, सिंदूर, चंदन आदि की बिक्री पूरे साल चलती है।
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विशेष रूप से हाथरस में तैयार कच्चे माल की मांग देश के अन्य शहरों जैसे मथुरा और कानपुर की फैक्टरियों में भी है, जहां से तैयार उत्पादों को बड़े स्तर पर देश और विदेशों में भेजा जा रहा है। इस पूरे कारोबार का सालाना टर्नओवर करीब 200 करोड़ रुपये तक होता है। त्योहारी सीजन में बढ़ती मांग से स्थानीय कारोबारियों में उत्साह है और इसे रोजगार के नए अवसरों के रूप में भी देखा जा रहा है।
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आवश्यकता के अनुसार तैयार होता है माल

जनपद के कारोबारी हर राज्य की आवश्यकता के अनुरूप माल तैयार करते हैं। जैसे बिहार व निकटवर्ती राज्यों में पीले सिंदूर का प्रयोग होता है, जबकि दिल्ली व यूपी आदि में लाल सिंदूर का प्रयोग होता है। इसी तरह कई राज्यों में सफेद सिंदूर का प्रयोग होता है। इसी तरह चंदन भी कई प्रकार का बनाया जाता है। इसमें कई फ्लेवर का चंदन दाना और पाउडर प्रमुख है।









होली पर ही कारोबार हो जाता है। रामनवमी और अन्य धार्मिक पर्वों पर कुमकुम और रोली की मांग विदेशों से भी होती है। इस बार हमने पहले से ही बड़े ऑर्डर तैयार किए थे, जिनकी आपूर्ति होली पर ही की जा चुकी है। हालांकि मांग निरंतर चलती रहती है।

-राम बिहारी अग्रवाल, रंग-गुलाल के निर्माता।











हाथरस का कच्चा माल गुणवत्ता के लिए जाना जाता है। इसी वजह से मथुरा और कानपुर की फैक्टरियां भी यहां से सामग्री लेकर तैयार उत्पाद विदेशों तक भेज रही हैं, जिससे स्थानीय कारोबार को भी मजबूती मिल रही है। मुंबई व गुजरात के कई बड़े कारोबारी सीधे हाथरस से जुड़े हैं।
-देवेंद्र गोयल, रंग-गुलाल के कारोबारी।
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