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Hathras News: विदेश में बैठे बच्चियों की हत्या के आरोपी का लुकआउट नोटिस जारी
Thu, 16 Jul 2026 02:33 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 16 Jul 2026 02:33 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
पश्चिम एशियाई देश में छिपे बैठे दो मासूम बच्चियों के हत्यारे सोनेलाल उर्फ सोनू के लुक आउट नोटिस के लिए पुलिस ने गृह मंत्रालय के ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन (बीओआई) से संपर्क साधा है। यदि आरोपी भारत आने की कोशिश करेगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट देगा और उसे एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जनवरी 2026 में भेजी गई रिपोर्ट पर बीओआई ने इस डेटा को देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, बंदरगाहों और लैंड बॉर्डर चेकपोस्ट के सिस्टम में दर्ज करा दिया है। विवेचना के दौरान सोनेलाल के खिलाफ विकास के मोबाइल में साक्ष्य मिले थे।
कॉल डिलेट, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट्स आदि जानकारी के साथ हाथरस पुलिस ने जनवरी 2026 में ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को पत्र भेजा। लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए दो बार रिमांइडर भी भेजे गए थे। बीओआई ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क साधा और अपराधी की जानकारी साझा करते हुए लुक आउट नोटिस जारी किया है।
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यह थी घटना
सोनेलाल ने दुबई से बैठकर इस हत्या की साजिश रची थी। उसे अपने चाचा छोटेलाल गौतम निवासी किशनपुर कपली, फतेहपुर की प्रॉपर्टी चाहिए थी, जो हाथरस के चंदपा स्थित इंटर कॉलेज में प्रवक्ता थे। पुलिस विवेचना के अनुसार सोनेलाल ने दुबई से ही गांव किशनपुर कपली के परिचित विकास को दो लाख रुपये में पूरे परिवार को खत्म करने की सुपारी दी और एडवांट में मात्र 10 हजार रुपये डाल दिए। 12 जनवरी को रेकी और फिर 22 जनवरी को विकास अपने दोस्त लल्लूपाल के साथ छोटेलाल के घर आशीर्वाद धाम कॉलोनी पहुंच गया। गांव के नाते छोटेलाल ने दोनों को रात में घर में शरण दे दी। दोनों आरोपियों ने पहले मासूम बच्चियों सृष्टि (12) व विधि (6) का गला रेता और फिर मां वीरांगना पर हमला किया था। पति-पत्नी के संघर्ष पर आरोपी भाग गए थे।
दो को हुई फांसी की सजा
इस घटना पर न्यायालय ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा था कि जिस भरोसे से परिवार ने आश्रय दिया, अभियुक्तों ने उसी का कत्ल कर दिया। 28 मई 2025 को सजा सुनाते हुए विकास व लल्लू को फांसी की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट परिसर में मां वीरांगना ने दुबई में बैठे षडयंत्रकारी सोनेलाल की फांसी की मांग की थी। अब भी उनका कहना है कि जब तक उसे फांसी नहीं होती, तब तक उनकी बेटियों की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। आरोपियों व परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि वह चार साल पहले दुबई गया था। अब वह संयुक्त अरब अमीरात में है या सऊदी अरब में, इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए उसके लौटने का इंतजार है।
ऐसे रहा पूरा घटनाक्रम
22 जनवरी 2025 की रात : आरोपियों ने घर में मेहमान बनकर रात गुजारी और करीब डेढ़ बजे मासूम बच्चियों की हत्या कर दी।
23 जनवरी 2025 की रात : पुलिस मुठभेड़ के बाद दोनों हत्यारे विकास और लल्लू पाल गिरफ्तार किए गए।
25 मार्च 2025 : न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया।
29 मार्च 2025 : आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए।
28 मई 2025 : विशेष न्यायालय ने मात्र दो महीने की त्वरित सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई।
जनवरी 2026 : लुक आउट नोटिस के लिए गृह मंत्रालय को पत्र।
फरार चल रहे सोनेलाल के लुक आउट नोटिस के लिए जनवरी 2026 में पत्र भेजा गया था। बाद में रिमाइंडर भी भेजे गए। लुक आउट नोटिस जारी हो गया है। देश की सीमा में प्रवेश करते ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी हाथरस
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जनवरी 2026 में भेजी गई रिपोर्ट पर बीओआई ने इस डेटा को देश के सभी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, बंदरगाहों और लैंड बॉर्डर चेकपोस्ट के सिस्टम में दर्ज करा दिया है। विवेचना के दौरान सोनेलाल के खिलाफ विकास के मोबाइल में साक्ष्य मिले थे।
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कॉल डिलेट, व्हाट्सएप चैट के स्क्रीन शॉट्स आदि जानकारी के साथ हाथरस पुलिस ने जनवरी 2026 में ब्यूरो ऑफ इमिग्रेशन को पत्र भेजा। लुकआउट नोटिस जारी करने के लिए दो बार रिमांइडर भी भेजे गए थे। बीओआई ने फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (एफआरआरओ) से संपर्क साधा और अपराधी की जानकारी साझा करते हुए लुक आउट नोटिस जारी किया है।
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यह थी घटना
सोनेलाल ने दुबई से बैठकर इस हत्या की साजिश रची थी। उसे अपने चाचा छोटेलाल गौतम निवासी किशनपुर कपली, फतेहपुर की प्रॉपर्टी चाहिए थी, जो हाथरस के चंदपा स्थित इंटर कॉलेज में प्रवक्ता थे। पुलिस विवेचना के अनुसार सोनेलाल ने दुबई से ही गांव किशनपुर कपली के परिचित विकास को दो लाख रुपये में पूरे परिवार को खत्म करने की सुपारी दी और एडवांट में मात्र 10 हजार रुपये डाल दिए। 12 जनवरी को रेकी और फिर 22 जनवरी को विकास अपने दोस्त लल्लूपाल के साथ छोटेलाल के घर आशीर्वाद धाम कॉलोनी पहुंच गया। गांव के नाते छोटेलाल ने दोनों को रात में घर में शरण दे दी। दोनों आरोपियों ने पहले मासूम बच्चियों सृष्टि (12) व विधि (6) का गला रेता और फिर मां वीरांगना पर हमला किया था। पति-पत्नी के संघर्ष पर आरोपी भाग गए थे।
दो को हुई फांसी की सजा
इस घटना पर न्यायालय ने गंभीर टिप्पणी करते हुए कहा था कि जिस भरोसे से परिवार ने आश्रय दिया, अभियुक्तों ने उसी का कत्ल कर दिया। 28 मई 2025 को सजा सुनाते हुए विकास व लल्लू को फांसी की सजा सुनाई गई थी। कोर्ट परिसर में मां वीरांगना ने दुबई में बैठे षडयंत्रकारी सोनेलाल की फांसी की मांग की थी। अब भी उनका कहना है कि जब तक उसे फांसी नहीं होती, तब तक उनकी बेटियों की आत्मा को शांति नहीं मिलेगी। आरोपियों व परिवार से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बताया कि वह चार साल पहले दुबई गया था। अब वह संयुक्त अरब अमीरात में है या सऊदी अरब में, इसकी जानकारी नहीं है, इसलिए उसके लौटने का इंतजार है।
ऐसे रहा पूरा घटनाक्रम
22 जनवरी 2025 की रात : आरोपियों ने घर में मेहमान बनकर रात गुजारी और करीब डेढ़ बजे मासूम बच्चियों की हत्या कर दी।
23 जनवरी 2025 की रात : पुलिस मुठभेड़ के बाद दोनों हत्यारे विकास और लल्लू पाल गिरफ्तार किए गए।
25 मार्च 2025 : न्यायालय ने मामले का संज्ञान लिया।
29 मार्च 2025 : आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए गए।
28 मई 2025 : विशेष न्यायालय ने मात्र दो महीने की त्वरित सुनवाई के बाद दोनों अभियुक्तों को फांसी की सजा सुनाई।
जनवरी 2026 : लुक आउट नोटिस के लिए गृह मंत्रालय को पत्र।
फरार चल रहे सोनेलाल के लुक आउट नोटिस के लिए जनवरी 2026 में पत्र भेजा गया था। बाद में रिमाइंडर भी भेजे गए। लुक आउट नोटिस जारी हो गया है। देश की सीमा में प्रवेश करते ही उसे पकड़ लिया जाएगा।
-चिरंजीवनाथ सिन्हा, एसपी हाथरस