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लंबे समय से गैरहाजिर सहायक शिक्षिका बर्खास्त
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Tue, 12 Sep 2017 12:09 AM IST
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विकास खंड हाथरस के प्राथमिक विद्यालय सीर की सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता को बर्खास्त कर दिया है। शिक्षिका अक्तूबर 2015 से बिना किसी सूचना के गैरहाजिर चल रही हैं। उनको विभाग की ओर से नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन शिक्षिका ने कोई जवाब नहीं दिया।
बीएसए रेखा सुमन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उनके द्वारा तीन नवंबर 2016 को किए गए निरीक्षण के समय कार्यरत शिक्षकों ने शिक्षिका के अक्तूबर 2015 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित होने की जानकारी दी थी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा लिखित रूप से 21 जुलाई 2016 एवं 14 अक्तूबर 2016 को अवगत कराया गया कि सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता बिना किसी सूचना के लगातार अनुपस्थित चल रही हैं।
इन आरोपों में शिक्षिका को तीन नवंबर 2016 को निलंबित करते हुए बीआरसी हाथरस से संबद्ध कर दिया गया। प्रकरण की जांच बीईओ निशेष जार से कराई गई। जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शिक्षिका एक जनवरी 2015 से अनुपस्थित है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा लंबी अवधि के बाल्य देखरेख अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश भी लिए गए हैं।
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सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता अपने दायित्वों की पूर्ति करने में असफल रही हैं। लिहाजा उनकी सेवा समाप्त की जाए। इसके बाद शिक्षिका को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के मौके भी दिए गए, लेकिन उन्होंने कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया, जिससे स्पष्ट है कि सहायक अध्यापिका सेवा करना नहीं चाहती हैं, इसलिए इनकी सेवा समाप्त की जाती है।
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बीएसए रेखा सुमन द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि उनके द्वारा तीन नवंबर 2016 को किए गए निरीक्षण के समय कार्यरत शिक्षकों ने शिक्षिका के अक्तूबर 2015 से बिना किसी सूचना के अनुपस्थित होने की जानकारी दी थी। विद्यालय के प्रधानाध्यापक द्वारा लिखित रूप से 21 जुलाई 2016 एवं 14 अक्तूबर 2016 को अवगत कराया गया कि सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता बिना किसी सूचना के लगातार अनुपस्थित चल रही हैं।
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इन आरोपों में शिक्षिका को तीन नवंबर 2016 को निलंबित करते हुए बीआरसी हाथरस से संबद्ध कर दिया गया। प्रकरण की जांच बीईओ निशेष जार से कराई गई। जांच के बाद खंड शिक्षा अधिकारी ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि शिक्षिका एक जनवरी 2015 से अनुपस्थित है। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा लंबी अवधि के बाल्य देखरेख अवकाश एवं चिकित्सा अवकाश भी लिए गए हैं।
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सहायक अध्यापिका दीपिका गुप्ता अपने दायित्वों की पूर्ति करने में असफल रही हैं। लिहाजा उनकी सेवा समाप्त की जाए। इसके बाद शिक्षिका को नोटिस जारी कर अपना पक्ष रखने के मौके भी दिए गए, लेकिन उन्होंने कोई पक्ष प्रस्तुत नहीं किया, जिससे स्पष्ट है कि सहायक अध्यापिका सेवा करना नहीं चाहती हैं, इसलिए इनकी सेवा समाप्त की जाती है।