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Hathras News: मां की हत्या में बेटे सहित दो को आजीवन कारावास, न्यायालय ने की यह टिप्पणी

Thu, 24 Oct 2024 11:20 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 24 Oct 2024 11:20 PM IST
सार

न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त सत्यवीर सिंह ने मां व पुत्र के पवित्र रिश्ते की गरिमा को तार-तार करते हुए जन्मदाता माता की ही हत्या षड्यंत्र के तहत कराई है।

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Life imprisonment to two including son for murder of mother
दो को सजा - फोटो : प्रतीकात्मक

विस्तार

हाथरस के अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी कोर्ट संख्या दो ने महिला की हत्या के मामले में उसके बेटे सहित दो दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया है, जिसे अदा नहीं करने पर अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। 

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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना सासनी के गांव बिलखोरा निवासी सत्यवीर ने 16 मार्च 2015 को पुलिस को सूचना दी थी कि उसके परिवार की कुछ लोगों से रंजिश चल रही है। इन लोगों ने अब उनके घर में घुसकर महिलाओं पर हमला कर दिया। यह लोग तमंचे राइफल, चाकू हथियार लिए थे। इन लोगों ने उसकी मां सोना देवी की हत्या कर दी है और उसकी पत्नी सत्यवती को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने सोनादेवी के शव का पोस्टमार्टम कराया और घायल सत्यवती का उपचार कराया। 
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इस मामले में सत्यवीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने अर्जुन सिंह, नाहर सिंह, सौरभ, गौरव, केपी, पवन निवासी बिलखोरा के खिलाफ थाना सासनी पर मुकदमा दर्ज कर लिया था। पुलिस की विवेचना में यह बात सामने आई कि दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए सत्यवीर ने अपने बेटे लोकेंद्र के अलावा शहीदा पुत्र बाबू खान निवासी नगला भूरा थाना सासनी के साथ मिलकर अपनी मां की हत्या की और अपनी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया। पुलिस ने इस मामले में आरोप पत्र दाखिल कर दिया।
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इस मामले की सुनवाई अपर जनपद न्यायाधीश/एफटीसी द्वितीय महेंद्र कुमार रावत के न्यायालय में हुई। एडीजीसी प्रतिभा राजपूत ने बताया कि एक आरोपी लोकेंद्र न्यायालय में पेश नहीं हुआ तो न्यायालय ने उसकी पत्रावली पृथक कर दी। न्यायालय ने इस मामले में नामजद आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।सत्यवीर और शहीदा को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। 


मां-बेटे के पवित्र रिश्ते की गरिमा को किया तार-तार, न्यायालय ने की टिप्पणी 
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि अभियुक्त सत्यवीर सिंह ने अपनी मां व पत्नी के विरुद्ध केवल किसी निर्दोष को फंसाने के उद्देश्य से अपराध कारित किया गया है। जो कि एक सामान्य व्यक्ति से कल्पना नहीं की जा सकती है। अभियुक्त सत्यवीर सिंह ने मां व पुत्र के पवित्र रिश्ते की गरिमा को तार-तार करते हुए जन्मदाता माता की ही हत्या षड्यंत्र के तहत कराई है।

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