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Hathras: मासूम को टॉफी में मिलाकर दिया विषाक्त, आरोपी को कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

Fri, 01 Mar 2024 10:32 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 01 Mar 2024 10:32 PM IST
सार

आरोपी ने मासूम के पिता से गाली-गलौज कर दी थी। आरोपी ने उसके दोनों बच्चों को प्यार से बुलाकर खाने के लिए टॉफी दे दी। दोनों बच्चों की टॉफी खाने के बाद हालत खराब होने लगी। कुछ ही देर में छोटा बच्चा नकुल अचेत हो गया। दोनों को डॉक्टर के पास लेकर गए तो छोटे बच्चे की रास्ते में मृत्यु हो गई थी।
 

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Life imprisonment to accused gave poisonous toffee to an innocent child
अदालत का फैसला

विस्तार

हाथरस के विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह के न्यायालय ने चार वर्ष के मासूम की हत्या के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। अर्थदंड भी लगाया है। 

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एडीजीसी दिनेशपाल सिंह ने बताया कि हाल निवासी अलीगढ़ के आगरा रोड स्थित साकेत विहार कॉलोनी निवासी संजू पुत्र मोतीलाल ने थाना हाथरस जंक्शन में चार जुलाई 2018 को तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने कहा था कि मैं अनुसूचित जाति का हूं। दो जुलाई 2018 को मैं और मेरी पत्नी बबली देवी अपने दो पुत्रों हर्ष (7), नकुल (4) के साथ अपने गांव कटरा दरियापुर थाना हाथरस जंक्शन अपनी दादी मां को देखने आए थे। पड़ोसी अंशु पुत्र भंवरपाल सिंह से कुछ कहासुनी हो गई थी। इसी बात को लेकर अंशु ने उनसे गाली-गलौज कर दी थी। 
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3 जुलाई 2018 को अंशु ने मेरे दोनों बच्चों को प्यार से बुलाकर खाने के लिए टॉफी दे दी। समझा कि बच्चों को प्यार में कुछ खाने को दे रहा है। दोनों बच्चों की टॉफी खाने के बाद हालत खराब होने लगी। कुछ ही देर में छोटा बच्चा नकुल अचेत हो गया। दोनों को डॉक्टर के पास लेकर गए तो नकुल की रास्ते में मृत्यु हो चुकी थी। 
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मामले में थाना हाथरस जंक्शन में मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचक ने विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। इस मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश(एससी-एसटी एक्ट) रामप्रताप सिंह के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद आरोपी अंशु को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी एडीजीसी दिनेशपाल सिंह ने की। 

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