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Laughter Day: यूं तो हंसी मुफ्त है, पर असर है महंगी दवा जैसा, जिम-डाइट संग ''खिलखिलाना'' भी अनिवार्य

Sun, 03 May 2026 02:04 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sun, 03 May 2026 02:04 AM IST
सार

पार्कों और मैदानों में सुबह-शाम बुजुर्गों की टोलियां सामूहिक रूप से एकत्र होती हैं। लाफ्टर क्लबों के माध्यम से बुजुर्ग एक साथ जमा होकर जोर-जोर से हंसते हैं।

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Laughter is essential for health
आगरा रोड पर पॉलिटेक्निक के पार्क में खिलखिला कर हंसते बुजुर्ग - फोटो : संवाद

विस्तार

हंसी सबसे अच्छी दवा है। यह कहावत पुरानी जरूर है, लेकिन आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में यह किसी लाइफ-सेविंग ड्रग से कम नहीं है। विश्व हास्य दिवस पर जिला अस्पताल के सीएमएस डाॅ. सूर्यप्रकाश ने कहा है कि सेहतमंद रहने के लिए जिम और डाइट के साथ-साथ खिलखिलाना भी अनिवार्य है।

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उन्होंने बताया कि हंसी सिर्फ एक भाव नहीं, बल्कि एक बायोलॉजिकल टूल है, जो शरीर के सिस्टम को रीसेट करने की ताकत रखता है। चिकित्सा जगत अब लाफ्टर थेरेपी को उपचार का हिस्सा मान रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जो लोग दिन भर में 10 से 15 मिनट खुलकर हंसते हैं, उनमें हृदय रोगों और मानसिक तनाव का खतरा 40 प्रतिशत तक कम हो जाता है।
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हंसी के जादुई फायदे

  • हंसने से शरीर में कोर्टिसोल (तनाव देने वाले हार्मोन) का स्तर गिरता है, ब्लड प्रेशर नियंत्रित रहता है।
  • हंसने से शरीर में एंडोर्फिन का स्राव होता है, जो पेनकिलर है। अवसाद से लड़ने में रामबाण है।
  • सामूहिक रूप से हंसने से आपसी रिश्ते और मजबूत होते हैं, जिससे अकेलापन दूर होता है।


यहां के पार्कों में गूंजते हैं ठहाके
शहर के विभिन्न पार्कों और मैदानों में सुबह-शाम बुजुर्गों की टोलियां सामूहिक रूप से एकत्र होती हैं। लाफ्टर क्लबों के माध्यम से बुजुर्ग एक साथ जमा होकर जोर-जोर से हंसते हैं। शनिवार की सुबह एमजी पॉलिटेक्निक के पार्क में बुजुर्ग योगासन करते नजर आए। हल्के-फुल्के आसान के बाद प्राणायाम शुरू करने से पहले बुजुर्ग जोर-जोर से हंस रहे थे। उन्होंने बताया कि उनका यह रोजाना का नियम है। इसी तरह मुरसान गेट व मेंडू रोड स्थित कॉलोनी के खाली मैदान में बुजुर्ग हंसते नजर आए।

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सभी की मुलाकात पार्क में ही हुई और अब अच्छे दोस्त हैं। रोजाना साथ टहलते हैं, फिर आसन करते हैं। लॉफ्टर योग से हमें मानसिक रूप से शांति मिलती है। योग के बाद भी हम बिना कारण हंसते रहते हैं। इससे पूरे दिन उत्साह बना रहता है। -हीरालाल, आवास विकास कॉलोनी। 


घुटने के दर्द और अकेलेपन से लड़ने के लिए हंसी ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। जब हम पार्क में ठहाके लगाते हैं, तो भूल जाते हैं कि हमें कोई बीमारी भी है। हमारे लिए मनोरंजन और सेहत का यही एकमात्र साधन है।-राजनलाल, हरिवंश विहार कॉलोनी।

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