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खोकिया में पानी के संकट से कोहराम
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 26 Apr 2016 11:59 PM IST
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हैंडपंप पर पानी भरने के लिए लगी भीड़
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। मुरसान ब्लॉक के अंबेडकर गांव रह चुके खोकिया के ग्रामीण अरसे से पानी की जंग लड़ रहे हैं। गांव का पेयजल आपूर्ति सिस्टम काफी समय से ध्वस्त पड़ा हुआ है। गांव में आधा दर्जन हैंडपंप लगे हुए हैं, लेकिन सभी खराब पड़े हैं। गांव से पांच किमी की दूरी पर स्थित सरकारी स्कूल में लगे हैंडपंप से महिला व पुरुष पानी का बंदोबस्त करते हैं। गांव में एकमात्र हैंडपंप ठीक है, उसका भी जलस्तर कभी-कभी नीचे उतर जाता है। पानी आने पर उस पर भी भीड़ लग जाती है। झगड़ा तक हो जाता है। कुछ इलाकों के लोग दूर-दराज के हैंडपंपों से पानी भरकर लाने को मजबूर हैं। खराब हैंडपंपों पर सरसों की लकड़ी और गोबर डाला जा रहा है। गांव के खराब हैंडपंपों को ठीक कराने के लिए ग्राम प्रधान और प्रशासनिक अधिकारियों से भी कई बार शिकायतें की गई हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। भीषण गर्मी में लोगों को पेयजल आपूर्ति के लिए भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। इस तरफ जनप्रतिनिधि और अधिकारियों का कोई ध्यान नहीं है।
-गांव में एकमात्र हैंडपंप ठीक है वह भी समय-समय पर पानी छोड़ देता है। काफी देर तक हत्था मारने के बाद पानी आता है।
- आकाश, खोकिया।
- गांव के खराब हैंडपंपों पर कूड़ा करकट डाला जा रहा है। शिकायतों के बावजूद भी खराब नलों को ठीक कराने के कोई प्रयास नहीं हो रहे।
- गोविंद, खोकिया।
- गांव से पांच किमी दूर सरकारी स्कूल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाते हैं। स्कूल बंद होने पर बाउंड्री फांद कर जाना पड़ता है। गांव में पेयजल संकट है।
- धर्मवीर, खोकिया।
- अंबेडकर गांव रह चुका है, फिर भी यहां कोई सुविधा नहीं है। सपा सरकार में गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। खराब पड़े हैंडपंपों को शीघ्र ही ठीक कराया जाना चाहिए।
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- सत्यवीर, खोकिया।
जिन गांवों में हैंडपंप खराब हैं, वहां सर्वे करा लिया गया है। शासन से बजट मिलते ही इन हैंडपंपों को चालू करा दिया जाएगा।
जावेद अख्तर जैदी, सीडीओ हाथरस
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-गांव में एकमात्र हैंडपंप ठीक है वह भी समय-समय पर पानी छोड़ देता है। काफी देर तक हत्था मारने के बाद पानी आता है।
- आकाश, खोकिया।
- गांव के खराब हैंडपंपों पर कूड़ा करकट डाला जा रहा है। शिकायतों के बावजूद भी खराब नलों को ठीक कराने के कोई प्रयास नहीं हो रहे।
- गोविंद, खोकिया।
- गांव से पांच किमी दूर सरकारी स्कूल में लगे हैंडपंप से पानी भरकर लाते हैं। स्कूल बंद होने पर बाउंड्री फांद कर जाना पड़ता है। गांव में पेयजल संकट है।
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- धर्मवीर, खोकिया।
- अंबेडकर गांव रह चुका है, फिर भी यहां कोई सुविधा नहीं है। सपा सरकार में गांव में कोई विकास कार्य नहीं हुए हैं। खराब पड़े हैंडपंपों को शीघ्र ही ठीक कराया जाना चाहिए।
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- सत्यवीर, खोकिया।
जिन गांवों में हैंडपंप खराब हैं, वहां सर्वे करा लिया गया है। शासन से बजट मिलते ही इन हैंडपंपों को चालू करा दिया जाएगा।
जावेद अख्तर जैदी, सीडीओ हाथरस