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तेज हवा के साथ हुई हल्की बारिश, गरमी से मिली निजात
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस-मुरसान।
शुक्रवार की रात्रि में मौसम एकाएक बदला और तेज हवा के साथ हल्की बारिश भी हुई। हालांकि चंद मिनट ही बा रिश हुई। शनिवार की सुबह भी आसमान में बादल छाये रहे। वहीं किसान इसका इंतजार करते रहे कि बारिश हो जाए। इधर,तापमान में भी थोड़ी गिरावट आ गई।
गेहूं की फसल कटने के बाद अब ज्वार व बाजरा की बुवाई किसानों ने शुरू कर दी है। कुछ किसानों ने आलू की फसल लेने के बाद बाजरा की बुवाई कर थी। किसानों ने बताया कि इस समय बारिश आने का वह इंतजार कर रहे हैं। बारिश आने से खेतों की जुताई व बुवाई ठीक ढंग से हो जाएगी। बारिश का पानी फसलों में लगने से फसल भी जल्दी से उन्नत करेंगी। शुक्रवार की देर रात आई बारिश ने किसान थोड़े खुश थे। लेकिन बारिश कुछ देर बाद ही बंद हो गई। अप्रैल के महीने में फसलों में पानी की जरूरत पड़ती है तो किसान नलकूपों से सिंचाई करते हैं। अगर इस महीने में बारिश हो जाती है तो नलकूपों के पानी की अपेक्षा बारिश का पानी फसल के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। शुक्रवार की रात को जैसे हल्की-हल्की बौछार और बिजली की गड़गड़ाहट बादलों में होने लगी इससे किसानों के चेहरे पर खुशी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में बारिश चंद मिनट बाद ही थम गई।
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शुक्रवार की रात्रि में मौसम एकाएक बदला और तेज हवा के साथ हल्की बारिश भी हुई। हालांकि चंद मिनट ही बा रिश हुई। शनिवार की सुबह भी आसमान में बादल छाये रहे। वहीं किसान इसका इंतजार करते रहे कि बारिश हो जाए। इधर,तापमान में भी थोड़ी गिरावट आ गई।
गेहूं की फसल कटने के बाद अब ज्वार व बाजरा की बुवाई किसानों ने शुरू कर दी है। कुछ किसानों ने आलू की फसल लेने के बाद बाजरा की बुवाई कर थी। किसानों ने बताया कि इस समय बारिश आने का वह इंतजार कर रहे हैं। बारिश आने से खेतों की जुताई व बुवाई ठीक ढंग से हो जाएगी। बारिश का पानी फसलों में लगने से फसल भी जल्दी से उन्नत करेंगी। शुक्रवार की देर रात आई बारिश ने किसान थोड़े खुश थे। लेकिन बारिश कुछ देर बाद ही बंद हो गई। अप्रैल के महीने में फसलों में पानी की जरूरत पड़ती है तो किसान नलकूपों से सिंचाई करते हैं। अगर इस महीने में बारिश हो जाती है तो नलकूपों के पानी की अपेक्षा बारिश का पानी फसल के लिए ज्यादा फायदेमंद होता है। शुक्रवार की रात को जैसे हल्की-हल्की बौछार और बिजली की गड़गड़ाहट बादलों में होने लगी इससे किसानों के चेहरे पर खुशी का माहौल बन गया। हालांकि बाद में बारिश चंद मिनट बाद ही थम गई।
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